मनमोहन ने कहा- सरकार बदले की पॉलिटिक्स छोड़कर देश को आर्थिक संकट से निकाले

मनमोहन ने कहा- सरकार बदले की पॉलिटिक्स छोड़कर देश को आर्थिक संकट से निकाले

नई दिल्ली: पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने देश में अर्थव्यवस्था की हालत बेहद चिंताजनक बताया.रविवार को उन्होंने बोला कि नरेन्द्र मोदी सरकार का हर स्तर पर कुप्रबंधन इसके लिए जिम्मेदार है.नोटबंदी व GST जैसे फैसलों की वजह से हमारी अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ, हम उससे नहीं उबर पाए हैं. इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बोला किक्या सरकार स्वीकार कर रही है कि मंदी है? मैं कारोबार से जुड़े इनपुट ले रही हूं कि वे सरकार से क्या चाहते हैं. आपकी बात भी सुनूंगी.

मनमोहनने बोला कि पिछली तिमाही में विकास दर का 5% होना, यह बताता है कि अर्थव्यवस्था मंदी की ओर जारहीहै. हिंदुस्तान में तेज गति से विकास करने की क्षमता है. हमारा देश लगातार अर्थव्यवस्था के स्लोडाउन का जोखिम नहीं उठा सकता. इसलिए, मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि वह बदले की पॉलिटिक्स को छोड़े व इस संकट से बाहर निकालने के लिए ठोस कदम उठाए.

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 0.6% ग्रोथ चिंताजनक

पूर्व पीएम ने बोला कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सिर्फ 0.6% की ग्रोथ हुई, जो परेशान करने वाली है.हमारी अर्थव्यवस्था कुछ लोगों की गलतियों से नहीं उबर पाई है. निवेशकों की भावनाएं उदासीन हैं.अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए यह खुशखबरी नहीं है.

मैं मनमोहन सिंह की बात भी सुनूंगी: वित्त मंत्री

सीतारमण ने कहा, ''क्या डाक्टर मनमोहन सिंह कह रहे हैं कि सियासी बदले में शामिल होने के बजाय उन्हें चुप्पी साधे लोगों से सलाह लेनी चाहिए? क्या उन्होंने ऐसा बोला है? अच्छा है, धन्यवाद. मैं इस पर उनकी बात सुनूंगी. यही मेरा जवाब है. क्या हम अर्थव्यवस्था में मंदी का सामान कर रहे हैं? क्या सरकार स्वीकार कर रही है कि मंदी है? मैं कारोबार से जुड़े इनपुट ले रही हूं कि वे सरकार से क्या चाहते हैं. मैं उन्हें जवाब दे रही हूं. पहले ही दो बार ऐसा किया है व आगे भी करूंगी.''

30 अगस्त को आंकड़े जारी हुए थे

मोदी सरकार ने 30 अगस्त को जीडीपी के आंकड़े जारी किए थे. इनके मुताबिक, मौजूदा वित्त साल(2019-20) की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में जीडीपी की विकास दर (ग्रोथ रेट) घटकर 5% रह गई.यह 6 वर्ष (25 तिमाही) में सबसे कम है. इससे कम 4.3% जनवरी-मार्च 2013 में थी. अप्रैल-जून में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ में तेज गिरावट व कृषि सेक्टर में सुस्ती की वजह से जीडीपी ग्रोथ पर ज्यादा प्रभाव हुआ. जनवरी-मार्च में 3.1% थी. पिछले वर्ष अप्रैल-जून में 12.1% थी.