माइक पोम्पियो के हिंदुस्तान भ्रमण पर अमरीका का बयान, कहा...

माइक पोम्पियो के हिंदुस्तान भ्रमण पर अमरीका का बयान, कहा...

नई दिल्ली: अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के हिंदुस्तान पहुंचने के बाद से अमरीकी प्रदेशविभाग की ओर से एक बयान जारी किया गया है. इस बयान में अमरीका ने हिंदुस्तान के साथ अपने मजबूत संबंधों को लेकर प्रतिबद्धता जताई है.Image result for माइक पोम्पियो के हिंदुस्तान भ्रमण पर अमेरिका का बयान, कहा- दोनों राष्ट्रों के बीच अटूट रिश्ता

अमरीका ने बोला है कि नयी दिल्ली वाशिंगटन का एक प्राकृतिक रणनीतिक सहयोगी देश है, जो कि कभी नहीं टूटने वाला संबंध है. हालांकि इस बात को स्वीकार किया है कि व्यापार में दोनों राष्ट्रों के बीच मतभेद हैं.

बयान में आगे यह भी बोला गया है कि साझा मूल्यों में निहित जीवंत लोकतंत्र, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं, उद्यमिता की संस्कृतियों व वैश्विक मंच पर नेतृत्व के पदों के रूप में हिंदुस्तान वअमरीका एक प्राकृतिक रणनीतिक सहयोगी हैं.

व्यापारिक साझेदारी बढ़ाने पर जोर

मंगलवार की रात को नयी दिल्ली पहुंचे माइक पोम्पियो ने बुधवार को प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी व अपने समकक्ष एस। जयशंकर से मुलाकात की. पोम्पियो ने व्यापारिक साझेदारी को बढ़ाने के अतिरिक्तकई मुद्दों पर वार्ता की. इसके अलावे माइक पोम्पियो इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भारतीय व्यापारियों को संबोधित करेंगे.

मालूम हो कि दोनों राष्ट्रों ने अपने बढ़ते संबंधों का वर्णन करने के लिए कई ढंग खोजे हैं, जिसे 'संधि सहयोगी' या 'गैर-संधि सहयोगी' का नाम दिया गया. पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी दोनों राष्ट्रों को 'प्राकृतिक सहयोगी' बोला तो वहीं, राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इसे ‘21 वीं सदी की परिभाषित साझेदारियों में से एक' कहा. दोनों देश 2016 से 'प्रमुख रक्षा साझेदार' हैं व अब 'प्राकृतिक रणनीतिक साझेदार' हैं.

अमरीका-भारत में साझेदारी

अमरीका व हिंदुस्तान के बीच पीपुल्स-टू-पीपुल्स योगदान के कारण लगातार भारतीय युवाओं की संख्या अमरीका में बढ़ती जा रही है. मौजूदा समय में 4 मिलियन भारतीय-अमरीकी लोगों के एक-दूसरे के यहां रहते हैं. 2018 में अमरीका में पढ़ने वाले भारतीय विद्यार्थियों की संख्या 196,000 थी व2018 में 70 प्रतिशत H-1B वीजा को जारी किया गया.

इंडो-पेसिफिक क्षेत्र में योगदान बढाने को लेकर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आपस में प्रतिबद्ध है. दोनों के बीच 2+2 संवाद 2019 के आखिरी में वाशिंगटन डीसी में होने वाला है.2+2 संवाद हिंदुस्तान को सामरिक व्यापार प्राधिकरण की स्थिति प्रदान करने वाला टियर 1 का दर्जा जो इसे जापान व ऑस्ट्रेलिया के साथ त्रिपक्षीय वार्ता प्रारम्भ करने, संवेदनशील रक्षा प्रौद्योगिकी तक लाइसेंस-मुक्त पहुंच की अनुमति देता है.