टीम में हरभजन को छोड़ मेरी कोई नहीं सुनता था : गांगुली

टीम में हरभजन को छोड़ मेरी कोई नहीं सुनता था : गांगुली

पूर्व भारतीय कैप्टन सौरव गांगुली के मुताबिक वीवीएस लक्ष्मण, सचिन तेंदुलकर व राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गजों से भरी टीम में केवल हरभजन सिंह उनकी बात सुना करते थे। मंगलवार को हिंदुस्तान वन्यूजीलैंड के बीच मैच में हुई बारिश के ब्रेक के दौरान उन्होंने बताया कि स्लेजिंग के लिए उनका सबसे बड़ा हथियार हरभजन सिंह ही हुआ करता था।

गांगुली से जब पूछा गया कि वह ऑस्ट्रेलिया के विरूद्ध किस तरह माइंड गेम प्लान बनाते थे, तो उन्होंने बताया कि यह बहुत ज्यादा कठिन था। गांगुली ने कहा, 'हमारी टीम में कई जेंटलमैन खिलाड़ी थे जिनके रहते स्लेजिंग करना कठिन होता था। अगर आप राहुल द्रविड़ के पास जाकर स्लेजिंग करने को कहेंगे तो उनका जवाब साफ होता था कि यह ठीक उपाय नहीं है खेलने का व वह ऐसा नहीं करेंगे। ' कमेंट्री के दौरान वहीं मौजदू वीवीएस लक्ष्मण पर भी गांगुली ने तंज मारते हुए बोला कि लक्ष्मण को अगर मैं स्लेजिंग के लिए कहता था तो वह कहते थे कि मेरा ध्यान केवल मेरे खेल पर हैं मैं ऐसा नहीं करूंगा, वहीं सचिन तेंदुलकर का मना करने का अलग उपाय था वह मिड ऑन पर खड़े होते थे व मिड विकेट के फील्डर से स्टीव वॉ को स्लेज करने को कहते थे। '

गांगुली ने माजकिया अंदाज में कहा, 'उस टीम के साथ कई दिक्कतें थे केवल सरदार जी (हरभजन सिंह) मेरी मदद करते थे। वह सबकुछ करते थे जो मैं उन्हें करने को कहता था'। गांगुली वर्ष 2000 से 2005 तक भारतीय टेस्ट टीम के कैप्टन थे। इस दौरान हिंदुस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को अपने घर पर टेस्ट सीरीज में हराया था व ऑस्ट्रेलिया में सीरीज ड्रॉ की थी।