1 सप्ताह में 90 रुपये तक पहुंचा दाम, आम आदमी को अभी व रुलाएगा प्याज

1 सप्ताह में 90 रुपये तक पहुंचा दाम, आम आदमी को अभी व रुलाएगा प्याज

नई दिल्ली: प्याज अब एक बार फिर आम लोगों के आंसू निकालने लगा है। बीते एक हफ्ते में प्याज के दाम (Onion Price) में दोगुनी बढ़ोतरी हो चुकी है। आम आदमी के किचन बजट को झटका देते हुए प्याज अब 80-90 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर पहुंच गया है। करीब एक हफ्ते पहले यह 40-45 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर था। आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों में व बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

भारी बारिश व बाढ़ से आवक घटी
अग्रेज़ी न्यूज़ पेपर टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में खुदरा दकानदारों से बात करने के बाद लिखा है कि प्याज उत्पादन करने वाले राज्यों में भारी बारिश व बाढ़ की स्थिति की वजह से प्याज की कीमतों में इतनी तेजी देखने को मिल रही है। भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र, कर्नाटक व अन्य दक्षिण भारतीय राज्यों से उत्तर हिंदुस्तान में प्याज की नयी फसल की सप्लाई नहीं हो पा रही है।

बीते 4 वर्ष में सबसे बड़ी तेजी
इस रिपोर्ट में एक खुदरा प्याज विक्रेता के हवाले से​ लिखा गया है कि केरल, कनार्टक, गुजरात वमहाराष्ट्र के कुछ राज्यों में भारी बारिश की वजह से प्याज की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई है।मार्केट में बेहतर क्वालिटी वाले प्याज की कमी होने के बाद आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों में वअधिक तेजी देखने को मिल सकती है। इस विक्रेता का बोलना है कि अक्टूबर माह के दूसरे हफ्ते तक प्याज की कीमतों में तेजी जारी रहेगी।

गौरतलब है कि अंतिम बार प्याज की कीमतों में इतनी तेजी वर्ष 2015 में दर्ज की गई थी। उस दौरान बाढ़ से फसल बर्बाद होने के बाद प्याज की कीमतें 100 रुपये ​प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई थीं।

स्टॉक होल्ड से भी कीमतों में तेजी
एक अन्य विक्रेता ने बोला कि कई किसान आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी के संभावना देखते हुए प्याज के स्टॉक को मार्केट में नहीं ला रहे हैं। हर वर्ष यही हाल रहता है। बेहतर मुनाफा कमाने के लिए प्याज के स्टॉक को होल्ड किया जाता है व जब भाव बढ़ जाता है तो इसका लाभ उठाया जाता है।

बेकार हो रही सरकार की कोशिश
देशभर के कई अन्य शहरों में भी प्याज की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। प्याज के भाव को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार ने पिछले हफ्ते ही न्यूनतम निर्यात मूल्य यानी एमईपी 850 डॉलर प्रति टन निर्धारित कर दिया था। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया था ताकि घरेलू मार्केट में प्याज की सप्लाई में कमी नहीं आए।इसके लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय ने अधिसूचना जारी की थी।