16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई, अयोध्‍या मुद्दे की सुनवाई के सीधा प्रसारण की मांग

16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई, अयोध्‍या मुद्दे की सुनवाई के सीधा प्रसारण की मांग

नई दिल्‍ली: अयोध्या मुद्दे की सुनवाई के सीधा प्रसारण की मांग वाली जनहित याचिका पर उच्चतम न्यायालय 16 सितंबर को सुनवाई करेगा। पिछली सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने बोला था कि यह बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है। पूर्व आरएसएस विचारक के एन गोविंदाचार्य की याचिका में अयोध्या मुद्दे की सुनवाई के सीधे प्रसारण या रिकॉर्डिंग की मांग की गई है।

सुप्रीम न्यायालय में संघ विचारक के एन गोविंदाचार्य ने याचिका में बोला है कि यह मुद्दा राष्ट्रीय महत्व का है। याचिकाकर्ता समेत करोड़ों लोग इस सुनवाई का भाग बनना चाहते हैं। उन्होंने सितंबर, 2018 के उच्चतम न्यायालय के उस आदेश का हवाला दिया है जिसमें अहम संवैधानिक मामलों में लाइव स्ट्रीमिंग की आरंभ करने की बात कही गई थी।

सुनवाई का 21वां दिन
दूसरी तरफ अयोध्‍या केस की 21वें दिन की सुनवाई में मुस्लिम पक्ष के एडवोकेट राजीव धवन ने हिंदू पक्ष के दावे पर सवाल उठाते हुए बोला कि 'क्या रामलला विराजमान कह सकते हैं कि उस जमीन पर मालिकाना हक़ उनका है? नहीं, क्‍योंकि उनका मालिकाना हक़ कभी नहीं रहा है!

इससे पहले पिछले गुरुवार को 20वें दिन की सुनवाई में मुस्लिम पक्ष के एडवोकेट राजीव धवन ने सारेदिन बहस की थी। धवन ने बोला था कि Possesion (स्वामित्व) शब्द art की एक टर्म है, जबकि belonging (संबद्ध) आर्ट का शब्द नहीं है। जस्टिस बोबडे ने पूछा था कि possesion आर्ट की टर्म क्यों हैं? इस पर जस्टिस नज़ीर ने बोला था कि belonging शब्द उनकी याचिका में है व किसी भी क़ानून में नहीं है, आप इस पर क्यों बहस कर रहे हैं? धवन ने बोला था कि क्योंकि ये बोला है कि belonging का मतलब 'कुछ व है' (something else)।