एपल आईफोन 11 प्रो की सबसे बड़ी खूबी है कैमरा, लेकिन ...

एपल आईफोन 11 प्रो की सबसे बड़ी खूबी है कैमरा, लेकिन ...

गैजेट डेस्क। एपल ने अपनी आईफोन 11 सीरीज के तीन नए फोन आईफोन 11, आईफोन 11 प्रो वआईफोन 11 प्रो मैक्स लॉन्च कर दिए हैं. भारतीय मार्केट में इनकी बिक्री 27 सितंबर से प्रारम्भ होगी.आईफोन 11 की शुरुआती मूल्य 64,900 रुपए, आईफोन 11 प्रो की शुरुआती मूल्य 99,900 रुपए व आईफोन 11 प्रो मैक्स की शुरुआती मूल्य 1,09,900 रुपए है. ऐसे में यदि आप इन फोन को खरीदना चाहते हैं, तब टेक एक्सपर्ट व ग्लोबल एपल एक्सपर्ट सिद्धार्थ राजहंस व अभिषेक तेलंग का एक्सपर्ट कमेंट भी जरूर पढ़ें.

आईफोन 11 पर टेक गुरु सिद्धार्थ राजहंस की राय

सिद्धार्थ राजहंस ने कहा, "इस बार आईफोन 11 नया होने के साथ सस्ता है, लेकिन गेम चेंजर का कार्यआईफोन 11 प्रो करता है. मैंने लॉन्चिंग इवेंट समाप्त होने के बाद इसका प्रयोग किया. ये बहुत फास्ट रिस्पॉन्स करता है. कंपनी ने इसमें लेटेस्ट A13 बायोनिक प्रोसेसर दिया है. इसमें किसी भी फोन की तुलना में अब तक का सबसे फास्ट CPU व GPU दिया है. यानी उपभोक्ता को गेमिंग, मल्टीटास्किंग, AR एप्लिकेशन का एक्सपीरियंस बेहतर मिलेगा."

आईफोन 11 प्रो का कैमरा

सिद्धार्थ ने कहा, "आईफोन 11 प्रो में ट्रिपल रियर कैमरा मिलेगा, जिससे मैं बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ हूं. फोन में अल्ट्रा वाइड लेंस व टेलिफोटो लेंस कमाल के हैं. जिसके चलते ये आईफोन के पुराने मॉडल से अलग भी है. सबसे महत्वपूर्ण बात है कि एंड्रॉयड बाजार में कंपनियां मेगापिक्सल पर जाती हैं. वे 25 से 48 मेगापिक्सल का दावा करती हैं, जबकि आईफोन ने इस बार भी सिर्फ 12 मेगापिक्सल लेंस दिया है. एपल की टेक्नोलॉजी, प्रोसेसर व डेप्थ आउट फील्ड के चलते आईफोन 11 प्रो की कैमरा क्वालिटी एंड्रॉयड से बहुत ज्यादा बेहतर है. ये फैक्टर आईफोन 11 प्रो को पुराने आईफोन व एंड्रॉयड फोन से पूरी तरह अलग करता है."

लुभाने के लिए ट्रेंडी कलर्स

सिद्धार्थ ने आगे कहा, "यूजर्स के लुभाने कंपनी इस बार नए कलर्स लेकर आई है. नए कलर्स से आईफोन में भी नयापन आया है. खासकर आईफोन 11 में कंपनी ने 6 कलर्स दिए हैं. इसमें मिडनाइड ग्रीन, स्पेस ग्रे, सिल्वर व न्यू गोल्ड पहली बार मैट फिनिश में मिलेंगे. कंपनी ने ग्रीन कलर पहली बार लॉन्च किया है. जो देखने में बेहद खूबसूरत है."

नए आईफोन को कितने नंबर्स

सिद्धार्थ ने कहा, "आईफोन 11 प्रो में नए कलर्स, 5.8-इंच व 6.5-इंच स्क्रीन, लंबी बैटरी लाइफ, फास्ट चार्जिंग, 3 रियर कैमरा (वाइड, अल्ट्रा वाइड व टेलिफोटो), 4K वीडियो रिकॉर्डिंग, स्लो मोशन रिकॉर्डिंग जैसे विशेषता दिए हैं. जिससे ये फोन बेहद खास हो जाता है. इन विशेषता व कैमरा क्वालिटी के चलते आईफोन 11 प्रो को 10 में से 9 नंबर देता हूं. वहीं, आईफोन 11 में कंपनी ने कैमरा तो बेहतर किया है, लेकिन नयापन नहीं है, इसलिए इसे 10 में से 5.5 नंबर देता हूं."

दूसरी तरफ, आईफोन 11 को लेकर टेक एक्सपर्ट अभिषेक तेलंग का अलग विचार है. उनका मानना है कि आईफोन 11 को बेहतर बनाने का कार्य कंपनी की नयी सर्विसेज व ऐप्स करेंगे.

अभिषेक ने कहा, "आईफोन 11 एपल के नए फोन के विकास का भाग है. आईफोन 11 व 11 प्रो मैक्स में कैमरा को छोड़कर कुछ नहीं नहीं मिला. इसके विशेषता को लेकर जो चर्चा चल रही थी फोन में सबकुछ वैसा ही रहा. जैसे, इसके ट्रिपल रियर कैमरा, 12 मेगापिक्सल लेंस व वीडियो एडिटिंग फीचर के बारे में पहले ही उम्मीद की जा रही थी. कुल-मिलाकर नए आईफोन को क्रांतिकारी नहीं बोला जा सकता है. 2007 में जो आईफोन स्टीब जॉब्स ने दिखाया था, या फिर बीते वर्ष आईफोन एक्स लॉन्च किया गया था, वे एपल के क्रांतिकारी मॉडल थे."

सर्विसेज आईफोन 11 को बेहतर बनाएंगी

अभिषेक ने आगे कहा, "एपल का सारा इवेंट इस बार सर्विसेज पर ज्यादा फोकस रहा. कंपनी ने इवेंट के दौरान फोन से जुड़ी कई सर्विसेज के लाइव डेमो भी दिए. उन्होंने जो ऐप्स दिखाए, जैसे गेमिंग ऐप पास्कल वेजर का एक्सपीरियंस प्ले स्टेशन के जैसा था. उसे देखने में ऐसा लग रहा था कि आप गॉड ऑफ वॉर गेम खेल रहे हैं. दूसरी तरफ, ब्रॉडकास्टिंग के लिए फिल्मिक प्रो ऐप दिखाया. इस ऐप से चारों कैमरा को एक साथ रोलिंग करके ब्रॉडकास्टिंग कर सकते हैं. यानी सभी कैमरा से एक साथ भिन्न-भिन्न रिकॉर्डिंग करके बेस्ट क्वालिटी कंटेंट तैयार कर सकते हैं. एपल बंडरफुल टूल देकर लोगों की जीवन को बंडरफुल बनाना चाहती है."

हार्डवेयर से ज्यादा सर्विसेज पर फोकस

अभिषेक ने कहा, "आईफोन के हार्डवेयर में कैमरा का मेगापिक्सल, स्क्रीन साइज, प्रोसेसर स्पीड को बढ़ाया जा सकता है. एंड्रॉयड की तरह इसमें ट्रिपल से क्वाड कैमरा सेटअप किया जा सकता है.हालांकि, फोन को बेहतर बनाने का कार्य टूल्स व ऐप्स की मदद से ही किया जा सकता है. एपल भी शायद इस बात को समझने लगी है कि हार्डवेयर पर बेहद इनोवेशन की गुंजाइश नहीं रह गई है. यानी अब ऐप्स व सर्विसेज पर ही ज्यादा फोकस करना होगा.

इनोवेशन बनेंगे गेम चेंजर

अभिषेक न कहा, "एपल ने अब अपना प्लेटफॉर्म कई जगहों पर ओपन कर दिया है, ताकि बेहतर ईको सिस्टम बन सके. कंपनी का फोकस हार्डवेयर से ज्यादा उपभोक्ता एक्सपीरियंस, इनोवेशन, ऐप ईको सिस्टम व नए टूल्स क्रिएट करने पर है. जैसे अब एपल घड़ी बताएगी की आपको हार्ट अटैक आ सकता है. या फिर आप जिस स्थान पर हैं वहां पर नॉइस पॉल्यूशन कितना है. आने वाले दिनों में ऐसे इनोवेशन ही गेम चेंजर साबित होंगे."