सोनिया गांधी देंगी बीजेपी को चुनौती

सोनिया गांधी देंगी बीजेपी को चुनौती

बूढ़े व किनारे बैठे कांग्रेस पार्टी के नेता अपनी नयी अंतरिम अध्यक्ष का स्वागत कर रहे हैं. पार्टी के पूर्व महासचिवों ने दस जनपथ तक अपना शुभकामना संदेश भिजवाया है व यूपीए चेयरपर्सन, कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने का समय मांग रहे हैं. दस जनपथ के सूत्र बताते हैं कि टेलीफोन की घंटी लगातार व्यस्त जा रही है. देश के कोने-कोने से नेताओं के फोन आने प्रारम्भ हो गए हैं. पार्टी के ताजा दशा से खुन्नस खाए एक वरिष्ठ नेता की मानें तो अब कांग्रेस पार्टी के भीतर जान आ जाएगी. सोनिया गांधी सब संभाल लेंगी.Image result for सोनिया गांधी

सोनिया गांधी के आवास के साथ-साथ उनके कभी सियासी सचिव व अब पार्टी के कोषाध्यक्ष रहे अहमद पटेल के कार्यालय, आवास की रौनक बढ़ गई है. राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत वमध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ की टीम भी खुश है. सबको लग रहा है कि हताशा, निराशा की अवस्था में पहुंची कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सियासी जवाब देने की ताकत पालती नजर आएगी. पार्टी के नेताओं के भीतर बढ़ रहे इस आत्म विश्वास का कारण सोनिया गांधी वउनकी टीम की सियासी शैली है.

भाजपा नेता को भी सोनिया में दिखाई दे रही है उम्मीद

प्रयागराज से संघ के नेता ज्ञानेश्वर शुक्ला को लग रहा है कि सोनिया गांधी की कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी से अच्छी चलेगी. पश्चिम बंगाल में बीजेपी व संघ के एजेंडे पर कार्य कर रहे एसएम शुक्ला का बोलना है कि सोनिया गांधी का सियासी व्यवहार भी परिपक्वता से भरा होता है. राहुल गांधी इस मुद्दे में पिछड़ जाते हैं. सोनिया ही कांग्रेस पार्टी की सियासी छवि बनाए रख सकती हैं.

दिल्ली के पूर्व बीजेपी सांसद आफ द रिकार्ड कहते हैं कि सोनिया गांधी के कमान संभालने से कांग्रेस पार्टी को फायदा होगा. वरिष्ठ पत्रकार हर्ष वर्धन त्रिपाठी को भी सोनिया गांधी के अध्यक्ष बनने का फायदा कांग्रेस पार्टी को मिलता दिखाई दे रहा है. सभी का मानना है कि जिस दौर से कांग्रेस पार्टीगुजर रही है, इसमें उसके पास सोनिया गांधी के अतिरिक्त कोई दूसरा चेहरा नहीं है.

राजनीति करने वालों से ज्यादा वैकल्पिक सोच पॉलिटिक्स न करने वाले लोग रखते हैं. पूर्व इनकम टैक्स विभाग के कमिश्नर धनेश कपूर का मानना है कि कांग्रेस के भीतर नेहरू-गांधी खानदान के अतिरिक्त उसमें जान डालने वाला कोई दूसरा चेहरा नहीं है. धनेश कपूर का अनुमान है कि सोनिया गांधी पॉवर शिफ्ट करने के लिए पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी हैं. धनेश का बोलना है कि जल्द ही बीजेपी की तरह कांग्रेस भी चुनाव प्रक्रिया से गुजरेगी. इसमें अध्यक्ष पद के प्रियंका गांधी वाड्रा आगे आ सकती हैं.

धनेश कपूर इसकी वजह उत्तप प्रदेश में बीजेपी के विरूद्ध कांग्रेस पार्टी की सियासी लड़ाई व प्रियंका की सियासी सूझबूझ को बताते हैं. धनेश की इस राय से बीएसईएस पॉवर कारपोरेशन के इंजीनियर डीके सिंह भी इत्तेफाक रखते हैं. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस पार्टी के एक उपाध्यक्ष का बोलना है कि वह सोनिया गांधी के पद संभालने से उत्साहित हैं, लेकिन कांग्रेस के पास अध्यक्ष पद के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा से अच्छा दूसरा नेता नहीं है.