एशेज से नाम वापस ले सकते हैं इंग्लैंड के शीर्ष खिलाड़ी, बोर्ड की फिर बढ़ी मुसीबत

एशेज से नाम वापस ले सकते हैं इंग्लैंड के शीर्ष खिलाड़ी, बोर्ड की फिर बढ़ी मुसीबत

हाल ही में मैनचेस्टर टेस्ट रद होने का सदमा झेलने वाला इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) अब एक नई मुसीबत में फंस गया है। ऐसी खबरें हैं कि इंग्लैंड के बड़े खिलाड़ी साल के अंत में होने वाली एशेज सीरीज से नाम वापस ले सकते हैं। ईसीबी में टीम और अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद एशेज में इंग्लैंड की काफी कमजोर टीम के मैदान पर उतरने की संभावना बढ़ गई है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड के शीर्ष खिलाड़ी इस साल के अंत में आस्ट्रेलिया में होने वाली एशेज सीरीज का बहिष्कार कर सकते हैं, क्योंकि वे आस्ट्रेलिया के क्वारंटाइन के कड़े नियमों के कारण चार महीने तक होटल के कमरों तक सीमित नहीं रहना चाहते हैं। क्रिकइंफो के अनुसार, ईसीबी अब भी अपने शीर्ष खिलाड़ियों को भेजने पर अड़ा हुआ है और उसने सीरीज स्थगित करने में बारे में नहीं सोचा है। इससे सीनियर खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ नाराज है।


रिपोर्ट के अनुसार, "टीम और ईसीबी अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद एशेज में इंग्लैंड की कमजोर टीम उतारने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।" खिलाड़ी ईसीबी के रवैये से नाराज हैं, क्योंकि उसने दौरे को आंशिक या पूर्ण रूप से स्थगित करने की उनकी मांग को सिरे से नकार दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है, "इसके परिणामस्वरूप वे अपने विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें समझा जा रहा है कि पूरी टीम का दौरे के बहिष्कार का सामूहिक निर्णय लेना भी शामिल है। इसमें कोचिंग और सहयोगी स्टाफ भी शामिल हैं।" अगर ऐसा हुआ तो ईसीबी के साथ-साथ क्रिकेट आस्ट्रेलिया को भी बड़ा झटका लग सकता है।

 
मालूम हो कि आस्ट्रेलिया में क्वारंटाइन के नियम बेहद कड़े हैं, जिससे इंग्लैंड के खिलाड़ी बेहद निराश हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इंग्लैंड के खिलाड़ियों को गोल्ड कोस्ट में एक होटल में तो रखा जाएगा, लेकिन खिलाड़ी सिर्फ दो या तीन घंटों के लिए ही ट्रेनिंग के लिए अपने होटल रूम से बाहर निकल पाएंगे। साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि खिलाड़ियों को कड़े बायो-बबल का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा खिलाड़ियों और उनके परिवारों को होटल के कमरे में 14 दिन तक क्वारंटाइन भी रहना होगा। इंग्लैंड के कई खिलाड़ी आइपीएल में हिस्सा ले रहे हैं और साथ ही वे इसके बाद टी-20 विश्व कप भी खेलेंगे। इन दोनों टूर्नामेंट में भी खिलाड़ी और उनका परिवार बायो-बबल में रहेगा। इसके बाद एशेज सीरीज के लिए इतने कठोर क्वारंटाइन नियम इंग्लैंड के खिलाड़ियों को कतई रास नहीं आ रहे हैं।


विसे की ताबड़तोड़ पारी से जीती नामिबिया, नीदरलैंड्स को छह विकेट से दी शिकस्त

विसे की ताबड़तोड़ पारी से जीती नामिबिया, नीदरलैंड्स को छह विकेट से दी शिकस्त

नामिबिया ने डेविड विसे के ताबड़तोड़ अर्धशतक से बुधवार को यहां टी-20 विश्व कप के पहले दौर के ग्रुप-ए के मैच में अपने से ऊंची रैंकिंग की नीदरलैंड्स को छह गेंद रहते छह विकेट से हरा दिया। दक्षिण अफ्रीका के लिए भी टी-20 मैच खेल चुके विसे ने 40 गेंदों पर चार चौके और पांच छक्के की मदद से नाबाद 66 रन बनाए। इसके चलते नामिबिया ने 19 ओवर में चार विकेट पर 166 रन बनाकर जीत दर्ज की। नीदरलैंड्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट पर 164 रन का स्कोर बनाया था।


लक्ष्य का पीछा करते हुए नामिबिया ने नौ ओवर में 52 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, लेकिन 36 साल के विसे ने अकेले दम पर नीदरलैंड्स को छह गेंद बाकी रहते हराने में मदद की। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी टीम के कप्तान पीटर सीलार पर छक्का लगाकर महज 29 गेंद में करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया।


उन्होंने कप्तान गेरहार्ड इरास्मस (32) के साथ चौथे विकेट के लिए 51 गेंद में 93 रन की साझेदारी की। अंत में जेजे स्मिट ने आठ गेंद में नाबाद 14 रन बनाए। स्मिट ने 19वें ओवर की अंतिम दो गेंद पर दो चौके लगाकर टीम की जीत सुनिश्चित की। पदार्पण कर रही नामिबिया की पहले दौर के मैच में यह पहली जीत थी।


इससे पहले नीदरलैंड्स के सलामी बल्लेबाज मैक्स ओडोड (70) ने लगातार दूसरा अर्धशतक जड़ा और कोलिन एकरमैन (35) के साथ 82 रन की साझेदारी की। ओडोड की 57 गेंद की पारी में छह चौके और एक छक्का शामिल था। इस जीत से नामिबिया सुपर-12 चरण की दौड़ में बनी हुई है और पहले दौर के अंतिम मैच में उसे इसके लिए आयरलैंड को हराना होगा। वहीं, दो मैच हारने के बाद नीदरलैंड्स के अगले चरण में पहुंचने की संभावना काफी कम है।