कप्तान रिषभ पंत समेट दिल्ली कैपिटल्स के सात खिलाड़ी इंग्लैंड से दुबई पहुंचे

कप्तान रिषभ पंत समेट दिल्ली कैपिटल्स के सात खिलाड़ी इंग्लैंड से दुबई पहुंचे

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ी आइपीएल के लिए रविवार को यूएई पहुंच गए। फ्रेंचाइजी ने यह जानकारी दी। यहां पहुंचने वाले खिलाड़ियों में रिषभ पंत, रविचंद्रन अश्विन, अजिंक्य रहाणे, इशांत शर्मा, अक्षर पटेल, पृथ्वी शा और उमेश यादव शामिल रहे। इन सभी का यहां पहुंचने पर कोविड-19 परीक्षण किया गया।

आइपीएल नियमों के अनुसार खिलाड़ियों को छह दिन के कड़े क्वारंटाइन से गुजरना होगा और इस दौरान तीन बार उनका परीक्षण होगा। इसके बाद ये खिलाड़ी दिल्ली कैपिटल्स टीम के बाकी सदस्यों से जुड़ पाएंगे, जो पहले ही बायो-बबल का हिस्सा हैं। पिछले साल दिल्ली की टीम आइपीएल में उप विजेता रही थी। उसे फाइनल में मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।

पहले चरण से सीखे सबक का इस्तेमाल करना चाहते हैं मनन

दुबई, प्रेट्र। आइपीएल के पहले चरण में मौकों का फायदा उठाने में नाकाम रहने से निराश राजस्थान रायल्स के बल्लेबाज मनन वोहरा का लक्ष्य इससे सीखे सबक का इस्तेमाल यूएई में 19 सितंबर से बहाल हो रहे सत्र में इस्तेमाल करने पर है।


चंडीगढ़ के 28 साल के मनन बायो-बबल में कोविड-19 के कई मामले आने के कारण मई में आइपीएल के निलंबित होने से पहले चार मैचों में सिर्फ 42 रन बना पाए थे। मनन ने कहा, 'मैं थोड़ा निराश था, क्योंकि मैंने महसूस किया कि मैं शुरुआत का फायदा नहीं उठा पाया, हालांकि इसका मतलब है कि इससे मुझे काफी कुछ सीखने को मिला और मैं दूसरे चरण के लिए तैयार हूं।' अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे मनन ने कहा कि समय आ गया है कि आइपीएल का पहला टूर्नामेंट जीतने वाली राजस्थान रायल्स की टीम एक बार फिर खिताब जीते और टी-20 लीग में उतरने से पहले वे आत्मविश्वास से भरे हैं।

 
राष्ट्रीय टीम की मदद करना चाहते हैं शाकिब और मुस्तफिजुर

ढाका, प्रेट्र। बांग्लादेश के नंबर एक क्रिकेटर शाकिब अल हसन का मानना है कि आइपीएल टीमों के ड्रेसिंग रूम में उनकी और राष्ट्रीय टीम के उनके साथी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान की मौजूदगी से ओमान और यूएई में 17 अक्टूबर से शुरू होने वाले टी-20 विश्व कप में उनके देश की टीम को मदद मिलेगी।

शाकिब आइपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स, जबकि मुस्तफिजुर राजस्थान रायल्स की ओर से खेलेंगे। शाकिब ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि आइपीएल से सभी को मदद मिलेगी। हमें उन हालात में समय बिताने का मौका मिलेगा और मैच भी खेलने को मिलेंगे। मुस्तफिजुर और मैं इस अनुभवी को अन्य खिलाडि़यों के साथ बांट सकते हैं। हम अन्य खिलाडि़यों की मानसिकता समझेंगे, वे विश्व कप के बारे में क्या सोच रहे हैं और फिर इसकी जानकारी अपने खिलाडि़यों को देंगे।' शाकिब ने कहा कि हालात से सामंजस्य बैठाने में कोई समस्या नहीं होगी क्योंकि टीमों के पास इसके लिए पर्याप्त समय मिलेगा।


एशेज से नाम वापस ले सकते हैं इंग्लैंड के शीर्ष खिलाड़ी, बोर्ड की फिर बढ़ी मुसीबत

एशेज से नाम वापस ले सकते हैं इंग्लैंड के शीर्ष खिलाड़ी, बोर्ड की फिर बढ़ी मुसीबत

हाल ही में मैनचेस्टर टेस्ट रद होने का सदमा झेलने वाला इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) अब एक नई मुसीबत में फंस गया है। ऐसी खबरें हैं कि इंग्लैंड के बड़े खिलाड़ी साल के अंत में होने वाली एशेज सीरीज से नाम वापस ले सकते हैं। ईसीबी में टीम और अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद एशेज में इंग्लैंड की काफी कमजोर टीम के मैदान पर उतरने की संभावना बढ़ गई है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड के शीर्ष खिलाड़ी इस साल के अंत में आस्ट्रेलिया में होने वाली एशेज सीरीज का बहिष्कार कर सकते हैं, क्योंकि वे आस्ट्रेलिया के क्वारंटाइन के कड़े नियमों के कारण चार महीने तक होटल के कमरों तक सीमित नहीं रहना चाहते हैं। क्रिकइंफो के अनुसार, ईसीबी अब भी अपने शीर्ष खिलाड़ियों को भेजने पर अड़ा हुआ है और उसने सीरीज स्थगित करने में बारे में नहीं सोचा है। इससे सीनियर खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ नाराज है।


रिपोर्ट के अनुसार, "टीम और ईसीबी अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद एशेज में इंग्लैंड की कमजोर टीम उतारने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।" खिलाड़ी ईसीबी के रवैये से नाराज हैं, क्योंकि उसने दौरे को आंशिक या पूर्ण रूप से स्थगित करने की उनकी मांग को सिरे से नकार दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है, "इसके परिणामस्वरूप वे अपने विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें समझा जा रहा है कि पूरी टीम का दौरे के बहिष्कार का सामूहिक निर्णय लेना भी शामिल है। इसमें कोचिंग और सहयोगी स्टाफ भी शामिल हैं।" अगर ऐसा हुआ तो ईसीबी के साथ-साथ क्रिकेट आस्ट्रेलिया को भी बड़ा झटका लग सकता है।

 
मालूम हो कि आस्ट्रेलिया में क्वारंटाइन के नियम बेहद कड़े हैं, जिससे इंग्लैंड के खिलाड़ी बेहद निराश हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इंग्लैंड के खिलाड़ियों को गोल्ड कोस्ट में एक होटल में तो रखा जाएगा, लेकिन खिलाड़ी सिर्फ दो या तीन घंटों के लिए ही ट्रेनिंग के लिए अपने होटल रूम से बाहर निकल पाएंगे। साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि खिलाड़ियों को कड़े बायो-बबल का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा खिलाड़ियों और उनके परिवारों को होटल के कमरे में 14 दिन तक क्वारंटाइन भी रहना होगा। इंग्लैंड के कई खिलाड़ी आइपीएल में हिस्सा ले रहे हैं और साथ ही वे इसके बाद टी-20 विश्व कप भी खेलेंगे। इन दोनों टूर्नामेंट में भी खिलाड़ी और उनका परिवार बायो-बबल में रहेगा। इसके बाद एशेज सीरीज के लिए इतने कठोर क्वारंटाइन नियम इंग्लैंड के खिलाड़ियों को कतई रास नहीं आ रहे हैं।