इंग्लैंड के कप्तान जो रूट बोले- इस खिलाड़ी के संन्यास लेने से टीम को हुआ बड़ा नुकसान

इंग्लैंड के कप्तान जो रूट बोले- इस खिलाड़ी के संन्यास लेने से टीम को हुआ बड़ा नुकसान

इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जोए रूट ने आलराउंडर मोइन अली के संन्यास को लेकर बड़ा बयान दिया है। जो रूट ने कहा है कि मोइन अली का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना टीम के लिए विभिन्न कारणों से बड़ा नुकसान है। मोइन अली ने सोमवार को टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। हर कोई जानता है कि वे कितने बड़े मैच विनर इंग्लैंड के लिए रहे हैं। शायद यही कारण है कि कप्तान जो रूट ने स्वीकार किया है कि उनकी कमी टीम को खलेगी।

साल 2014 में इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले मोइन अली ने इसी महीने आखिरी टेस्ट मैच भारत के खिलाफ खेला था। उन्होंने 64 टेस्ट मैचों में 2914 रन बनाए हैं और 197 विकेट भी हासिल किए हैं। वहीं, जो रूट ने कहा, "मोइन का करियर अपने आप में दिखाता है कि उन्होंने क्या हासिल किया है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में काफी अच्छा काम किया है। वह साथ खेलने वाले महान लोगों में से एक रहे हैं। मुझे उनके साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने में बहुत मजा आया और हमारे पास मैदान पर और मैदान के बाहर बहुत सारी अद्भुत यादें हैं।"


उन्होंने आगे कहा, "जब मैं कप्तान के रूप से हटूंगा तो कई चीजें हैं, जिन्हें मैं पीछे मुड़कर देखूंगा। एक बात मैं कहूंगा कि मोइन अली ने शानदार क्रिकेट खेली है। आप देखें कि उन्होंने कितने मैचों में अपनी छाप छोड़ी है। टेस्ट मैच के प्रारूप में क्रिकेट के मैदान पर उनके पास जितने विशेष क्षण हैं, वह असाधारण है। मुझे निश्चित रूप से बहुत सी आश्चर्यजनक चीजें याद होंगी जो उन्होंने हासिल की हैं। बेशक, कई बार हम चीजों को थोड़ा अलग तरीके से कर सकते थे।"


टेस्ट कप्तान जो रूट ने मोइन के साथ की गई बातचीत के बारे में कहा, "मैंने पिछले सप्ताह उनसे बात की थी और उनके बात करने से तरीके से लग रहा था कि ऐसा कुछ हो सकता है, लेकिन उनका संन्यास लेना विभिन्न कारणों से टीम के लिए बड़ा झटका है, लेकिन मैं उनके बाकी बचे करियर के लिए शुभकामनाएं देता हूं। उम्मीद करता हूं कि अभी भी कई क्रिकेट बचा है जो उनके साथ मैं वनडे में खेल सकता हूं।"


विसे की ताबड़तोड़ पारी से जीती नामिबिया, नीदरलैंड्स को छह विकेट से दी शिकस्त

विसे की ताबड़तोड़ पारी से जीती नामिबिया, नीदरलैंड्स को छह विकेट से दी शिकस्त

नामिबिया ने डेविड विसे के ताबड़तोड़ अर्धशतक से बुधवार को यहां टी-20 विश्व कप के पहले दौर के ग्रुप-ए के मैच में अपने से ऊंची रैंकिंग की नीदरलैंड्स को छह गेंद रहते छह विकेट से हरा दिया। दक्षिण अफ्रीका के लिए भी टी-20 मैच खेल चुके विसे ने 40 गेंदों पर चार चौके और पांच छक्के की मदद से नाबाद 66 रन बनाए। इसके चलते नामिबिया ने 19 ओवर में चार विकेट पर 166 रन बनाकर जीत दर्ज की। नीदरलैंड्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट पर 164 रन का स्कोर बनाया था।


लक्ष्य का पीछा करते हुए नामिबिया ने नौ ओवर में 52 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, लेकिन 36 साल के विसे ने अकेले दम पर नीदरलैंड्स को छह गेंद बाकी रहते हराने में मदद की। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी टीम के कप्तान पीटर सीलार पर छक्का लगाकर महज 29 गेंद में करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया।


उन्होंने कप्तान गेरहार्ड इरास्मस (32) के साथ चौथे विकेट के लिए 51 गेंद में 93 रन की साझेदारी की। अंत में जेजे स्मिट ने आठ गेंद में नाबाद 14 रन बनाए। स्मिट ने 19वें ओवर की अंतिम दो गेंद पर दो चौके लगाकर टीम की जीत सुनिश्चित की। पदार्पण कर रही नामिबिया की पहले दौर के मैच में यह पहली जीत थी।


इससे पहले नीदरलैंड्स के सलामी बल्लेबाज मैक्स ओडोड (70) ने लगातार दूसरा अर्धशतक जड़ा और कोलिन एकरमैन (35) के साथ 82 रन की साझेदारी की। ओडोड की 57 गेंद की पारी में छह चौके और एक छक्का शामिल था। इस जीत से नामिबिया सुपर-12 चरण की दौड़ में बनी हुई है और पहले दौर के अंतिम मैच में उसे इसके लिए आयरलैंड को हराना होगा। वहीं, दो मैच हारने के बाद नीदरलैंड्स के अगले चरण में पहुंचने की संभावना काफी कम है।