भारत में आखिर क्यों डरे हुए थे केकेआर के कोच ब्रैंडन मैकुलम

भारत में आखिर क्यों डरे हुए थे केकेआर के कोच ब्रैंडन मैकुलम

कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने कहा है कि आइपीएल 2021 के पहले चरण में भारत में जब कोरोना महामारी फैली तब डर के मारे उन सभी की बुरी हालत थी। केकेआर के स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और तेज गेंदबाज संदीप वारियर सबसे पहले मई में कोरोना पाजिटिव पाए गए थे जब आइपीएल चल रहा था जिसे बाद में स्थगित कर दिया गया। केकेआर का प्रदर्शन पहले हाफ में अच्छा नहीं रहा और टीम सातवें स्थान पर है, लेकिन मैकुलम को उम्मीद है कि 19 सितंबर से यूएई में लीग फिर शुरू होने पर टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी।

उन्होंने कहा, 'हम दूसरे चरण में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। हम एक-दूसरे का मनोबल बढ़ाना होगा और अगले चार से पांच सप्ताह शानदार प्रदर्शन करना होगा। पिछली बार सत्र के पहले चरण के दौरान मुझे लगता है कि हम बहुत ज्यादा डरे हुए थे। उस समय भारत में कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप था जिसमें कई जानें गईं।' केकेआर के साथ एक खिलाड़ी के तौर पर आइपीएल के सफल का आगाज करने वाले 39 वर्ष के मैकुलम अब कोच हैं और उन्हें उम्मीद है कि उनकी टीम खराब प्रदर्शन को पीछे छोड़कर आगे आएगी।

अपनी कोचिंग शैली के बारे में उन्होंने कहा, 'जब मैंने भारत छोड़ा तो हर किसी ने कोच के रूप में मुझे जान लिया था और अब उन्हें यह भी पता है कि मैं टीम से कैसा प्रदर्शन चाहता हूं।' केकेआर का सामना 20 सितंबर को अबू धाबी में विराट कोहली की रायल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम से होगा। आपको बता दें कि, आइपीएल 2021 के दूसरे चरण का आयोजन 19 सितंबर से यूएई में किया जाएगा और इसका फाइनल मुकाबला 15 अक्टूबर को खेला जाएगा। इस बार स्टेडियम में दर्शकों को भी आने की इजाजत दी जाएगी, लेकिन वहीं फैंस मैच देखने आ सकते हैं जिन्होंने कोविड वैक्सीन लगवा ली है।


एशेज से नाम वापस ले सकते हैं इंग्लैंड के शीर्ष खिलाड़ी, बोर्ड की फिर बढ़ी मुसीबत

एशेज से नाम वापस ले सकते हैं इंग्लैंड के शीर्ष खिलाड़ी, बोर्ड की फिर बढ़ी मुसीबत

हाल ही में मैनचेस्टर टेस्ट रद होने का सदमा झेलने वाला इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) अब एक नई मुसीबत में फंस गया है। ऐसी खबरें हैं कि इंग्लैंड के बड़े खिलाड़ी साल के अंत में होने वाली एशेज सीरीज से नाम वापस ले सकते हैं। ईसीबी में टीम और अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद एशेज में इंग्लैंड की काफी कमजोर टीम के मैदान पर उतरने की संभावना बढ़ गई है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड के शीर्ष खिलाड़ी इस साल के अंत में आस्ट्रेलिया में होने वाली एशेज सीरीज का बहिष्कार कर सकते हैं, क्योंकि वे आस्ट्रेलिया के क्वारंटाइन के कड़े नियमों के कारण चार महीने तक होटल के कमरों तक सीमित नहीं रहना चाहते हैं। क्रिकइंफो के अनुसार, ईसीबी अब भी अपने शीर्ष खिलाड़ियों को भेजने पर अड़ा हुआ है और उसने सीरीज स्थगित करने में बारे में नहीं सोचा है। इससे सीनियर खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ नाराज है।


रिपोर्ट के अनुसार, "टीम और ईसीबी अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद एशेज में इंग्लैंड की कमजोर टीम उतारने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।" खिलाड़ी ईसीबी के रवैये से नाराज हैं, क्योंकि उसने दौरे को आंशिक या पूर्ण रूप से स्थगित करने की उनकी मांग को सिरे से नकार दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है, "इसके परिणामस्वरूप वे अपने विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें समझा जा रहा है कि पूरी टीम का दौरे के बहिष्कार का सामूहिक निर्णय लेना भी शामिल है। इसमें कोचिंग और सहयोगी स्टाफ भी शामिल हैं।" अगर ऐसा हुआ तो ईसीबी के साथ-साथ क्रिकेट आस्ट्रेलिया को भी बड़ा झटका लग सकता है।

 
मालूम हो कि आस्ट्रेलिया में क्वारंटाइन के नियम बेहद कड़े हैं, जिससे इंग्लैंड के खिलाड़ी बेहद निराश हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इंग्लैंड के खिलाड़ियों को गोल्ड कोस्ट में एक होटल में तो रखा जाएगा, लेकिन खिलाड़ी सिर्फ दो या तीन घंटों के लिए ही ट्रेनिंग के लिए अपने होटल रूम से बाहर निकल पाएंगे। साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि खिलाड़ियों को कड़े बायो-बबल का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा खिलाड़ियों और उनके परिवारों को होटल के कमरे में 14 दिन तक क्वारंटाइन भी रहना होगा। इंग्लैंड के कई खिलाड़ी आइपीएल में हिस्सा ले रहे हैं और साथ ही वे इसके बाद टी-20 विश्व कप भी खेलेंगे। इन दोनों टूर्नामेंट में भी खिलाड़ी और उनका परिवार बायो-बबल में रहेगा। इसके बाद एशेज सीरीज के लिए इतने कठोर क्वारंटाइन नियम इंग्लैंड के खिलाड़ियों को कतई रास नहीं आ रहे हैं।