गोरखपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एक द‍िन में 34 हजार लोग बीमार

गोरखपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एक द‍िन में 34 हजार लोग बीमार

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोग तेजी से बीमार हुए हैं। 15 दिन में 34638 लोग बीमार मिले हैं। उनका इलाज किया गया। लोगों को शुद्ध जल के लिए 282548 क्लोरीन की गोलियां बांटी गई हैं। 24677 ओआरएस के पैकेट बांटे गए हैं। राहत की बात यह है कि लोग दवाओं से ठीक हो रहे हैं। अभी तक किसी को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है।

सतर्क हुईं स्‍वास्‍थ्‍य टीमें

सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मरीजों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। चिकित्सकों की 65 टीमें बनाई गई हैं। 19 सचल दल तैयार किए गए हैं। बाढ़ चौकियों पर 206 स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। ताकि किसी भी समय मरीज अपना इलाज करा सकें। हर बाढ़ चौकी व स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

एंटी स्नेक वेनम भी उपलब्ध करा दिया गया है, ताकि सांप के काटने की स्थिति में तत्काल इलाज हो सके। शुरुआत में वायरल फीवर के ज्यादा मरीज मिल रहे थे, इस समय त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। दाद, खाज, खुजली व शरीर पर चकत्ते पड़ने की शिकायत लेकर बाढ़ चौकियों व मेडिकल कैंपों में लोग आ रहे हैं। सभी को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


जल भराव के बावजूद गांवों में पहुंच रही टीमें

शुरुआत में जब पानी ज्यादा था तो टीमें नाव से गांवों में जाकर मरीजों का इलाज करती थीं। अब पानी कम हो गया है, नाव नहीं जा सकती, इसलिए पानी से होकर पैदल टीमें गांवों में पहुंच रही हैं। डायरिया, उल्टी-दस्त आदि के मरीज भी बड़ी संख्या में मिल रहे हैं। उन्हें दवा देने के साथ ही एहतियात बरतने की भी सलाह दी जा रही है। मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करने को कहा जा रहा है।

 
हो रही जांच

सीएमओ ने बताया कि रैपिड किट से गांवों में डेंगू, मलेरिया व कोराना आदि की जांच की जा रही है। अभी तक इन क्षेत्रों में इन बीमारियों के मरीज नहीं मिले हैं। लोगों कोरोना से बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं, इनका पालन करने से अनेक प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 18 टीमों ने किया मरीजों का इलाज

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की 18 टीमें पहुंचीं। 2123 मरीजों का इलाज किया गया। इनमें 1112 महिलाएं और 1011 पुरुष हैं। इनमें 144 बच्‍चे, चार गर्भवती और 188 वृद्ध भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा करीब 600 लोग त्वचा रोग के पीडि़त मिले। इन्हें दाद, खाज, खुजली, शरीर पर दाने और चक्कत्ते पडऩे की समस्या थी। सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि बुखार के 217 रोगी मिले। 140 लोग उल्टी-दस्त व 1173 अन्य बीमारियों से ग्रसित मिले। 18619 क्लोरीन टैबलेट का वितरण किया गया। 1673 ओआरएस के पैकेट बांटे गए। 750 हैंडपंपों को विसंक्रमित किया गया।


गढ़मुक्तेश्वर मेला को योगी सरकार की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

गढ़मुक्तेश्वर मेला को योगी सरकार की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस पर लगभग अंकुश लगा चुके सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोरोना कर्फ्यू पूरी तरह से हटाने के बाद अब एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। खुले मैदान में अब किसी तरह के आयोजन की कोई पाबंदी नहीं है। कार्तिक मास में दीपावली के बाद गढ़मुक्तेश्वर में करीब 15 दिन तक मेला लगता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगने वाले एक बड़े मेले के आयोजन को अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने हापुड़ में लगने वाले गढ़मुक्तेश्वर मेले के आयोजन को अनुमति दी है। इसके साथ ही निर्देश भी दिया है कि वहां पर सभी स्थान पर कोविड प्रोटोकॉल के साथ भव्य रूप से मेले का आयोजन हो।


अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि कार्तिक मास में बीते दो वर्ष से प्रदेश के हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर के खादर में लगने वाला कार्तिक मेला स्थगित था। इस बार मुख्यमंत्री योगी ने ऐतिहासिक मेले के आयोजन के लिए निर्णय लिया है। मेले के आयोजन को लेकर अब शासनादेश जारी हो गया है। ऐसे में इस बाद दिवगंत परिजनों के दीपदान के लिए लोग खादर में पहुंच सकते हैं।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को निरन्तर सुदृढ़ बनाए रखे जाने व कोविड नियमों के तहत सभी पर्व एवं त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के निर्देश दिए हैं।


हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेले में कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां लोग अपने पुरखों की आत्मा की शांति के लिए दीपदान करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-09 के साथ बुधवार को समीक्षा बैठक के बाद प्रदेश के सभी जिलों में कन्टेंमेंट जोन के बाहर रात का कर्फ्यू समाप्त करने का आदेश दिया था। कोविड प्रोटोकाल के अनुपालन की शर्त के अनुसार रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू करने के आदेश थे।