सीएम योगी आदित्यनाथ की कठोरता के बाद प्रदेश में लगातार

सीएम योगी आदित्यनाथ की कठोरता के बाद प्रदेश में लगातार

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Aditya Nath) की कठोरता के बाद प्रदेश में लगातार गैर कानूनी निर्माण पर बुलडोजर (Bulldozer) चलाया जा रहा है वहीं बुलंदशहर (Bulandshahr) में भी अब लगातार गैर कानूनी कालोनियों पर बुलडोज़र (Bulldozer) चलाया जा रहा है आपको बता दें कि खुर्जा (Khurja) बुलंदशहर विकास प्राधिकरण की नाक के नीचे ही लगातार गैर कानूनी कॉलोनियों का निर्माण किया गया था और कुछ का निर्माण कार्य किया जा रहा है

वहीं लगातार विकास प्राधिकरण को मिल रही कम्पलेन पर बुलंदशहर विकास प्राधिकरण (Bulandshahr Development Authority) गैर कानूनी निर्माण पर बुलडोजर चलाया जा रहा है बुलंदशहर के खुर्जा में शुक्रवार को 45 बीघा भूमि पर बनी लगभग  10 से अधिक कॉलोनियों पर बुलंदशहर विकास प्राधिकरण का बुलडोज़र चलाया गया

आपको बता दें कि बुलंदशहर के खुर्जा क्षेत्र में एनएच 91 के दोनों साइड में प्राधिकरण के बुलडोज़र ने गैर कानूनी निर्माण को ध्वस्त किया जहां गैर कानूनी रूप से आवासीय कॉलोनियां बसाई जा रही थी कम्पलेन के बाद बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण ने बुलडोज़र चलाकर गैर कानूनी निर्माण गिराया वहीं बुलन्दशहर विकास प्राधिकरण के प्रभारी सचिव संतोष कुमार ने बताया कि हम लोग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं

उन्होंने बोला कि अब तक 10 कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया है जिसके भीतर 45 बीघे के आसपास की भूमि में हो रहे गैर कानूनी निर्माण को ध्वस्त किया गया है  वहीं एक बड़ा प्रश्न ये भी उठता है कि जब ये गैर कानूनी निर्माण किए जा रहे थे तो तब वो अधिकारी बोला थे जिनके ऊपर इन गैर कानूनी निर्माण को रोके जाने की जिम्मेदारी थी आखिर ऐसे अधिकारी कर्मचारियों पर गवर्नमेंट कब कार्रवाई करेगी


मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की मीटिंग जारी

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की मीटिंग जारी

काशी में ज्ञानवापी मस्जिद मुद्दे व अन्य मसलों पर ऑल इण्डिया मुसलमान पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपनी एक्सिक्यूटिव कमेटी की आपात बैठक बुलाई, जिसमें कुछ बड़े निर्णय लिए गए हैं, क्योंकि मामला न्यायालय में है इसलिए बैठक में यह फैसला लिया गया है बोर्ड की लीगल कमेटी मुकदमा को लड़ने में मुसलमान पक्ष की हर संभव सहायता करेगी.

दूसरा केंद्र गवर्नमेंट सहित अन्य सियासी पार्टियों से 1991 के वर्शिप एक्ट पर उनका पक्ष जानेगी. इसके अतिरिक्त बोर्ड के मुताबिक, तमाम ढंग की बातों जनता के सामने अधूरा रखा जा रहा है. उसके लिए बोर्ड पैम्पलेट व बुक्स छपवाने का काम करेगी, जिनमें तथ्यों के साथ जानकारी हो और उन्हें जनता तक पहुंचाने का काम करेगी.

इस मीटिंग में ज्ञानवापी, टीपू सुल्तान मस्जिद समेत राष्ट्र के अन्य मौजूदा मसलों पर चर्चा की गई, बैठक करीब 2 घण्टे चली, बोर्ड के 45 सदस्य औनलाइन माध्यम से एक दूसरे से जुड़े.

सूत्रों ने आईएएनएस को जानकारी देते हुए बताया कि, न्यायालय में मुकदमा होने के चलते बोर्ड की लीगल कमिटी मुसलमान पक्ष की पूरी सहायता करेगी, वहीं मंगलवार को न्यायालय में जो बातें सामने आई हैं, उनपर काम कर आगे की सहायता करेगी. साथ ही तमाम तरह की बातों को जनता तक पहुंचाया जा रहा है जिससे बटवारा हो, लेकिन जनता के सामने हमारी आवाज पहुंच नहीं पा रही, क्योंकि लोगों को गुमराह किया जा रहा है. इसलिए हम पैम्पलेट, बुक्स व अन्य माध्यमों से डॉक्यूमेंटेशन करेंगे और जनता तक पहुंचाएंगे.

तीसरा हम केंद्र गवर्नमेंट से व अन्य सियासी पार्टियों से इस 1991 वर्शिप एक्ट कानून पर उनका पक्ष जानेंगे.

दरअसल 1991 में तत्कालीन पीएम पीवी नरसिम्हा राव गवर्नमेंट ने पूजा स्थल कानून लेकर आई थी. इस कानून के अनुसार 15 अगस्त 1947 से पहले अस्तित्व में आए किसी भी धर्म के पूजा स्थल को किसी दूसरे धर्म के पूजा स्थल में नहीं बदला जा सकता. यदि कोई ऐसा करने की प्रयास करता है तो उसे एक से तीन वर्ष तक की कारागार और जुर्माना हो सकता है. अयोध्या का मामला उस समय न्यायालय में था इसलिए उसे इस कानून से अलग रखा गया था.

इसके अतिरिक्त बैठक में मुसलमान पर्सनल लॉ बोर्ड भविष्य की कार्रवाई के बारे में निर्णय लिया गया है, बांकी बुधवार को बोर्ड विस्तार से अपने फैसलों को सबके सामने रखेगा, वहीं राष्ट्र में चल रहे मौजूदा मामलों को लेकर रणनीति बनाई गई है.

इस मुद्दे की उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हुई जिसमें न्यायालय ने बोला कि हम नोटिस जारी कर रहे हैं और क्षेत्रीय डीएम को आदेश देना चाहते हैं कि जहां शिवलिंग मिला है, उस स्थान को सुरक्षित रखा जाए. लेकिन, लोगों को नमाज से ना रोका जाए. दरअसल ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है, लेकिन मुसलमान पक्ष का बोलना है कि यह फव्वारा है.

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई समाचार है इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है ऐसे में संबंधित समाचार को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी