‘यूपी में का बा’ वाली नेहा सिंह राठौर ने की शादी

‘यूपी में का बा’ वाली नेहा सिंह राठौर ने की शादी

Neha Singh Rathore: पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान ‘यूपी में का बा’ गाकर राजनीतिक हलचल मचा देने वाली बिहार की लोकगायिका और सोशल मीडिया की स्‍टॉर नेहा सिंह राठौर अब उत्तर प्रदेश के अम्‍बेडकरनगर की बहू बन गई हैं. उन्‍होंने यहां के हिमांशु सिंह के साथ सात फेरे लिए. दोनों पुराने दोस्‍त हैं. उनकी विवाह पिछले वर्ष ही जून महीने में होने वाली थी लेकिन हिमांशु की माता के मृत्यु के चलते इसे टालना पड़ा. उत्तर प्रदेश में विवाह के बाद नेहा राठौर अपने गाने ‘यूपी में का बा’ की वजह से सोशल मीडिया में खूब ट्रोल भी हो रही है. अब लोग उसी पर कमेंट कर रहे हैं कि ‘यूपी में तोहार ससुराल बा.

इसके साथ ही लोग नेहा के पति हिमांशु सिंह के बारे में जानना चाहते हैं. वे कौन हैं? उनका और नेहा का रिश्‍ता कैसे जुड़ा? आइए हम आपको बताते हैं. हिमांशु सिंह उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर के महरुआ के हीड़ी पकड़िया के रहने वाले हैं. उनके पिता सूर्यकांत सिंह टाटा कैमिकल फर्टिलाइजर कंपनी में सीनियर सेल्स ऑफिसर थे. वे आजकल पेंट का कारोबार करते हैं. जहां तक हिमांशु की पढ़ाई-लिखाई की बात है तो हिमांशु ने हाईस्कूल तक की पढ़ाई अकबरपुर से की है. इसके बाद वह प्रयागराज चले गए थे. वहां से उन्‍होंने स्‍नातक किया. इसके बाद प्रशासनिक सेवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए. पिछले चार वर्ष से वह दिल्ली में एक कोचिंग संस्‍थान से जुड़े है. इसके साथ ही लेखन का काम भी करते हैं. बताया जा रहा है कि नेहा और हिमांशु बचपन से ही एक दूसरे को जानते थे. नेहा ने अपनी स्‍नातक की शिक्षा कानपुर से हासिल की है. पढ़ाई के समय भी नेहा भोजपुरी के गाने गाया करती थीं लेकिन वह पहली बार चर्चा में तब आईं जब पिछले बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्‍होंने ‘बिहार में का बा’ गाना गाया.

मूल रूप से बिहार के कैमूर जिले के रामगढ़ की रहने वाली नेहा अपने गाने स्वयं लिखती और गाती हैं. उनके ज्‍यादातर गाने सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित होते हैं. वह व्‍यंग्‍यात्‍मक और आलोचनात्‍मक ढंग से अपने गानों के जरिए सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को उठाती हैं और बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई जैसे मुद्दों पर मुखर होकर बात करती हैं. 

सादगी से हुई शादी 
नेहा सिंह राठौर और हिमांशु सिंह की विवाह 21 जून को लखनऊ के नीलांश थीम पार्क में सादगी से हुई. विवाह में ज्‍यादा भीड़-भाड़ न हो इसके लिए दोनों परिवारों की ओर से कुछ खास अतिथियों को ही बुलाया गया था. 


भिखारी के रूप में घूम रहे एक बुजुर्ग की पहचान हुई गुजरात के सेवानिवृत्त प्रबंधक के रूप में

भिखारी के रूप में घूम रहे एक बुजुर्ग की पहचान हुई गुजरात के सेवानिवृत्त प्रबंधक के रूप में

एटा में भिखारी के रूप में घूम रहे एक बुजुर्ग की पहचान गुजरात के सेवानिवृत्त प्रबंधक के रूप में हुई है. उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही. पुलिस ने उन्हें कोतवाली नगर में रखा है. उनके गृह जनपद में परिजनों को टेलीफोन कर जानकारी दी गई है. कई दिन से एक आदमी रोडवेज बस स्टैंड के आसपास भीख मांगकर पेट भरता था. रविवार को उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो उसे गुजरात के लोगों ने पहचान लिया. इसके बाद क्षेत्रीय पुलिस को सूचना दी. 

बुजुर्ग ने परिजनों के बारे में दी जानकारी 

पुलिस बुजुर्ग को थाने ले आई. पूछताछ में बुजुर्ग ने अपने घर का पता और परिजन की जानकारी और टेलीफोन नंबर बताए. जिस पर पुलिस ने टेलीफोन कर जानकारी दी. कोतवाली नगर प्रभारी रामेंद्र शुक्ला ने बताया कि एक बुजुर्ग आदमी के बारे में जानकारी मिली. बस स्टैंड पहुंचकर उन्हें थाने लाए. वह मानसिक रूप से बीमार प्रतीत हो रहे हैं. वार्ता करने के दौरान पता लगा कि वह बैंक मैनेजर पद से सेवानिवृत्त हैं. 

दो अप्रैल से थे लापता  

सेवानिवृत्त प्रबंधक द्वारा बताए गए पते पर गुजरात के जनपद नवसारी थाना क्षेत्र के गांव चिखली में संपर्क किया गया. बताया गया कि वह लापता हो गए थे. 2 अप्रैल 2022 को उनकी गुमशुदगी वहां थाने में दर्ज कराई गई है. वह गुजरात से एटा कैस पहुंचे, यह अभी पता नहीं चल सका है. बुजुर्ग के भाई ने उनका नाम दिनेश कुमार और फिर दीनू भाई पटेल बताया है. परिजन गुजरात से एटा के लिए रवाना हो गए हैं.