शिवपाल सिंह यादव ने दिया अल्टीमेटम, 11 के बाद नहीं करेंगे अखिलेश के जवाब का इंतजार

शिवपाल सिंह यादव ने दिया अल्टीमेटम, 11 के बाद नहीं करेंगे अखिलेश के जवाब का इंतजार

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के गठबंधन के मामले में अब तो समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के जवाब का इंतजार है। अगर गठबंधन पर 11 अकटूबर तक अखिलेश यादव का कोई जवाब नहीं आता है तो शिवपाल सिंह यादव प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीट पर अपनी पार्टी के प्रत्याशी को उतारने की तैयारी शुरू कर देंगे। 12 से उनका प्रदेश भर का भ्रमण शुरू हो जाएगा।

समाजवादी पार्टी के सरंक्षक मुलायम सिंह यादव तथा अखिलेश यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव ने उपेक्षा से परेशान होकर अपना नया दल बनाया है। शिवपाल सिंह यादव अब प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) को बड़ा मुकाम देना चाहते हैं। अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा 2022 में छोटे दलों के साथ मैदान में उतरने की घोषणा की थी। शिवपाल सिंह यादव को अब अखिलेश यादव के बुलावे का इंतजार है। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि हमने तो अपना आगे का कार्यक्रम तय कर लिया है। हमने सीट को लेकर अखिलेश यादव से तो कोई बात नहीं की है।


अखिलेश यादव ने जुलाई में ही घोषणा की थी कि वह इस बार के चुनाव में किसी बड़े या फिर राष्ट्रीय दल के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे। 2022 के चुनाव में वह छोटे दलों के साथ ही गठबंधन करके चुनावी मैदान में मोर्चा खोलेंगे। 2022 विधान सभा चुनाव में हमारा मानना है कि कोई एक दल भाजपा को हराने की ताकत नहीं रखता है। सभी विरोधी दलों का गठबंधन होगा तभी भाजपा को हराया जा सकता है। हमारी कई छोटे-बड़े दलों से वार्ता हो रही है जिससे प्रसपा और उसके सहयोगी दलों के बगैर कोई सरकार नहीं बना पाएगा।इसी को ध्यान में रखकर शिवपाल सिंह यादव ने आज ही यह कह दिया कि वह 11 अक्टूबर तक ही गठबंधन पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया का इंतजार करेंगे। अगर अखिलेश यादव तब तक कोई बात नहीं करते हैं तो हम भी आगे का कार्यक्रम तय करेंगे। उन्होंने कहा कि हमने सपा के गठबंधन के सारे प्रयास कर लिए अब इंतजार अखिलेश यादव के जवाब का है। अगर कोई जवाब नहीं मिला तो हमारी पार्टी उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा से चुनाव लड़ेगी। हमको 11 अक्टूबर तक उनके जवाब का इंतजार रहेगा। इससे पूर्व सपा मुखिया सम्मानजनक स्थिति में वार्ता करते हैं तो अग्रिम निर्णय लिया जाएगा। हम 12 अक्टूबर को बांकेबिहारी की दर्शन करके मथुरा-वृंदावन से सामाजिक परिवर्तन रथ यात्रा शुरू करेंगे। प्रदेश के हर जनपद में एक रात का बसेरा करेंगे।  


गढ़मुक्तेश्वर मेला को योगी सरकार की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

गढ़मुक्तेश्वर मेला को योगी सरकार की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस पर लगभग अंकुश लगा चुके सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोरोना कर्फ्यू पूरी तरह से हटाने के बाद अब एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। खुले मैदान में अब किसी तरह के आयोजन की कोई पाबंदी नहीं है। कार्तिक मास में दीपावली के बाद गढ़मुक्तेश्वर में करीब 15 दिन तक मेला लगता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगने वाले एक बड़े मेले के आयोजन को अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने हापुड़ में लगने वाले गढ़मुक्तेश्वर मेले के आयोजन को अनुमति दी है। इसके साथ ही निर्देश भी दिया है कि वहां पर सभी स्थान पर कोविड प्रोटोकॉल के साथ भव्य रूप से मेले का आयोजन हो।


अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि कार्तिक मास में बीते दो वर्ष से प्रदेश के हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर के खादर में लगने वाला कार्तिक मेला स्थगित था। इस बार मुख्यमंत्री योगी ने ऐतिहासिक मेले के आयोजन के लिए निर्णय लिया है। मेले के आयोजन को लेकर अब शासनादेश जारी हो गया है। ऐसे में इस बाद दिवगंत परिजनों के दीपदान के लिए लोग खादर में पहुंच सकते हैं।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को निरन्तर सुदृढ़ बनाए रखे जाने व कोविड नियमों के तहत सभी पर्व एवं त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के निर्देश दिए हैं।


हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेले में कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां लोग अपने पुरखों की आत्मा की शांति के लिए दीपदान करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-09 के साथ बुधवार को समीक्षा बैठक के बाद प्रदेश के सभी जिलों में कन्टेंमेंट जोन के बाहर रात का कर्फ्यू समाप्त करने का आदेश दिया था। कोविड प्रोटोकाल के अनुपालन की शर्त के अनुसार रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू करने के आदेश थे।