पूर्वांचल के हथकरघा उद्योग में देश-विदेश से होगा निवेश

पूर्वांचल के हथकरघा उद्योग में देश-विदेश से होगा निवेश

अगले वर्ष होने जा रही उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से वाराणसी और पूर्वांचल के अन्य जिलों की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बूम मिलेगा. पूर्वांचल के हथकरघा और वस्त्रोद्योग में देश-विदेश से बड़े निवेश का लक्ष्य रखा गया है. वाराणसी परिक्षेत्र के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग के सहायक आयुक्त अरुण कुमार कुरील के मुताबिक अब तक 200 करोड़ रुपए के निवेश के प्रपोजल आ चुके हैं. वाराणसी सहित पूर्वांचल की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से 2000 करोड़ रुपए के निवेश लक्ष्य रखा गया है.

यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स - 2023 के माध्यम से पूर्वांचल की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में 2000 करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है<span class='red'>.</span>

यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स – 2023 के माध्यम से पूर्वांचल की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में 2000 करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है.

निवेशकों से लगातार चल रही बातचीत

सहायक आयुक्त अरुण कुमार कुरील ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने वाले निवेशकों के सामने हम अपनी नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रम के बारे में जानकारी देंगे. साथ ही, यूपी वस्त्र एवं गार्मेंटिंग पॉलिसी-2022 की नीतियों और कार्यक्रमों का प्रचार प्रसार किया जाएगा.

हमारी ओर से उद्यमियों, औद्योगिक संगठनों, बैंक और स्टैक होल्डर्स से मिलकर निवेश के लिए प्रेरित करने का काम किया जा रहा है. हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग की ओर से इसके लिए हेल्पलाइन भी प्रारम्भ की गई है.

औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर कार्ययोजना तैयार की गई है. 2000 करोड़ के निवेश के हमारे लक्ष्य में टेक्सटाइल से सम्बंधित सभी उद्योग शामिल होंगे, जिसमें बनारसी साड़ी, कालीन, जूट से निर्मित सामान, रंगाई, छपाई, डिजाइनिंग, एम्ब्रॉयडरी फैब्रिक, रेशम उत्पादन, गारमेंट्स, टेक्नोलॉजी आदि हैं.

"हथकरघा

हथकरघा और वस्त्रोद्योग विभाग लगातार निवेशकों से संपर्क कर रहा है. इसके साथ ही हेल्पलाइन भी प्रारम्भ की गई है.

रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए यूपी को अंतरराष्ट्रीय निवेश केंद्र बनाने पर फोकस किया जा रहा है. गवर्नमेंट पुरानी नीतियों में बदलाव करके निवेशकों के अनुकूल नयी आकर्षक, सुगम, आसान और सुविधाजनक एमएसएमई नीति- 2022, टेक्सटाइल नीति-2022 और इंडस्ट्रियल नीति-2022 की घोषणा पहले ही कर चुकी है. युवाओं और युवतियों को नया रोजगार प्रारम्भ करने के लिए वित्तीय सुविधाएं- हथकरघा पावरलूम की स्थापना, डिजाइन और विपणन क्षेत्र में नए रोजगार की अपार सम्भावनाएं होंगी.