वैज्ञानिकों ने विकसित किया खास प्रजाति का गेहूं, इन राज्‍यों में भी उगेगा ये गेंहू

वैज्ञानिकों ने विकसित किया खास प्रजाति का गेहूं, इन राज्‍यों में भी उगेगा ये गेंहू

New Wheat Variety VL 2041: राष्ट्र के कृषि वैज्ञानिक किसानों के हितों में लगातार प्रयोग करते रहते हैं और सफल हुए प्रयोग काश्तकारों को काफी लाभ भी पहुंचाते हैं इसी कड़ी में उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्थित विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने एक ऐसी प्रजाति का गेहूं विकसित किया है, जो कि बिस्कुट बनाने में काफी उपयोगी साबित होगा उत्तराखंड के अतिरिक्त कुछ अन्य राज्यों में भी इसके उत्पादन का परीक्षण सफल हुआ है साफ है कि इसे उत्तराखंड के अतिरिक्त दूसरे राज्यों में भी उगाया जा सकता है

विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक डाक्टर लक्ष्मीकांत ने ‘न्यूज़ 18 लोकल’ से खास वार्ता में बताया कि गेहूं की एक नयी प्रजाति विकसित की गई है इस नयी प्रजाति का नाम वीएल 2041 (VL 2041) रखा गया है, जिसे वीएल कुकीज के नाम से भी जाना जाता है गेहूं की यह प्रजाति बिस्कुट बनाने के लिए काफी उपयोगी रहेगी इसके अतिरिक्त बेकरी उत्पादों के लिए भी यह गेहूं काफी अनुकूल है

उत्तराखंड के साथ इन राज्‍यों में भी उगेगा गेंहू
डॉ लक्ष्मीकांत ने आगे बोला कि अभी तक बेकरी उत्पाद बिस्कुट, ब्रेड आदि या फिर कोई भी और प्रोडक्ट बनाने के लिए केमिकल का उपयोग करते हैं, लेकिन इस गेहूं के प्रयोग के बाद ऐसा कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं होगी इसके साथ उन्‍होंने बताया कि अल्मोड़ा में विकसित की गई गेहूं की वीएल 2041 प्रजाति की पैदावार के लिए कई राज्यों में परीक्षण भी किया गया था इसमें आया गया कि उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के उत्तराखंड, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर और मणिपुर के इलाकों में भी इसे उगाया जा सकता है यहां इसका परीक्षण सफल हुआ है इसके अतिरिक्त अगले वर्ष तक किसानों को यह गेहूं का बीज मौजूद कराया जाएगा, जिससे किसानों और बेकरी उत्पादों के लिए काफी लाभकारी होगा