आंदोलनकारियों पर पुलिस ने किये अत्याचार

आंदोलनकारियों पर पुलिस ने किये अत्याचार

उत्तराखंड महिला कांग्रेस पार्टी नेताओं ने मंगलवार को हाल में नौकरी से हटाए जाने पर आंदोलन कर रहे संविदा स्वास्थ्यकर्मियों का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि सोमवार को मुख्यमंत्री आवास की ओर शांतिपूर्ण तरीके से कूच कर रहे आंदोलनकारियों पर पुलिस ने अत्याचार किए.

यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में गढवाल क्षेत्र की प्रदेश मीडिया प्रभारी गरिमा दसौनी माहरा और प्रवक्ता सुजाता पॉल ने आरोप लगाया कि सोमवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के दौरान पुलिसकर्मियों ने एक गर्भवती स्वास्थ्यकर्मी को उसके पेट में लात मारी और एक दूसरी महिला स्वास्थ्यकर्मी का हाथ इतनी जोर से पकडा कि उसकी हडडी टूट गयी.

पॉल ने पूछा, कोविड 19 के समय अपनी जिंदगी को जोखिम में डाल कर लाखों लोगों की जान बचाने वाले कोरोना योद्धाओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जाना उचित है. क्या यह उत्तराखंड की संस्कृति है. हाल में प्रदेश में 2200 संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को नौकरी से हटा दिया गया था. इसका विरोध कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिस के बीच सोमवार को संघर्ष हो गया था.


अब चालान नहीं जमा करवाया तो खैर नहीं

अब चालान नहीं जमा करवाया तो खैर नहीं

 यदि आपका देहरादून में औनलाइन चालान हुआ है और आपने चालान का भुगतान नहीं किया है तो जल्द अपने चालान का भुगतान कर दीजिये यदि ऐसा नहीं किया तो दून पुलिस आपके घर पर दस्तक देने पहुंच जाएगी जी हां! उत्तराखंड पुलिस अब औनलाइन चालानों की वसूली कुछ इसी तरह से किए जाने का प्लान बना रही है

गौरतलब है कि देहरादून में हुए औनलाइन चालानों की प्रक्रिया में आज भी करीब नौ हाजार चालान ऐसे हैं जिनका फाइन आभी तक पुलिस के पास जमा नहीं हुआ इन चालानों से मिलने वाले राजस्व को इकट्ठा करने के लिए अब ट्रैफिक पुलिस देहरादून ने एक योजना तैयार की है इस योजना के अनुसार अब पुलिस के इन पेंडिंग चलानों को लोकल थाना चौकियों को भेजा जाएगा जिसमें अब थाना चौकियों की पुलिस ट्रैफिक पुलिस के साथ मिल कर पैसा वसूल करेगी साथ ही जो आदमी अधिक डिफाल्टर होगा उसको नोटिस भी जारी करेगी

9 हजार चालानों का नहीं हुआ भुगतान
आपको बता दें कि देहरादून शहर ट्रैफिक वायलेशन को रोकने के लिए शहर में कई चौक चोराहों पर कैमरे लगे हैं, जो रेड रोशनी जम्प, ओवर स्पीड के साथ ट्रैफिक वायलेशन पर औनलाइन लाइन चालान कर रहे हैं इनमें 1 जनवरी से 31 अप्रैल तक करीब साढ़े 12 हजार औनलाइन चालान हुए हैं, लेकिन इन चलानों में से सिर्फ पुलिस को ढाई हजार चालानों का ही भुगतान हुआ है अभी भी करीब 9 हजार चालान पुलिस के पास पेंडिंग हैं, जिनपर अभी तक फाइन पुलिस को नहीं मिल पाया है

घर पर दस्तक देगी पुलिस की वसूली टीम
इसी को देखते हुए अब दून ट्रैफिक पुलिस सभी पेंडिंग चालानों को थानों में वसूली के लिए भेजने जा रही है, जिसपर अब पुलिस घरों में जा कर चालान वसूल करेगी साथ ही जो आदमी रिपिटेट डिफाल्टर है उसको नोटिस भी जारी करेगी
वहीं मुद्दे में एसपी ट्रैफिक अक्षत कोंडे का बोलना है कि औनलाइन चालान कंप्यूटर लिंक है, जिसका चालान होता है 5 मिनट के अंदर उसके मोबाइल नंबर पर चालान उस आदमी तक पहुंच जाता है

अब इग्नोर करना नहीं होगा आसान
चालान होने के बाद कई कई आदमी इन चालानों को इग्नोर कर देते हैं या कई लोगों की गाड़ी का रजिस्ट्रेशन मोबाइल से लिंक न होने से भी उनके पास चालान नहीं पहुंच पाता इसी को देखते हुए अब पुलिस स्वयं घर घर जाकर चालान का पैसा वसूल करेंगी