हरिद्वार जाने वाले शिव भक्‍तों को बस अड्डों पर बसों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा

हरिद्वार जाने वाले शिव भक्‍तों को बस अड्डों पर बसों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा

गाजियाबाद दिल्‍ली, गाजियाबाद से कांवड़ (Kanwar) लाने के लिए हरिद्वार जाने वाले शविभक्‍तों को बस अड्डों पर बसों का इन्तजार नहीं करना पड़ेगा उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (Uttar Pradesh Transport Corporation) ने शिवभक्‍तों की सुविधा के लिए अतिरिक्‍त बसें (extra buses) चलाने की तैयारी की है ये अतिरिक्‍त बसें इसी सप्‍ताह से चलनी प्रारम्भ हो जाएंगी, शिवरात्रि तक चलेंगीये दिल्‍ली बार्डर स्थित कौशांबी डिपो से चलेंगी, जिससे गाजियाबाद के साथ दिल्‍ली के शविभक्‍तों को भी सुविधा होगी

गाजियाबाद के रीजनल मैनेजर एके सिंह के मुताबिक सावन माह में कांवड़ लाने वाले लाखों शिवभक्तों को हरिद्वार जाने के लिए कौशांबी, मोहननगर और गाजियाबाद डिपो से हर 10 मिनट बाद रोडवेज बसें उपलब्‍ध होंगी शविभक्‍तों का सुविधाजनक यात्रा कराने के लिए 250 बसों को आरक्षित किया गया इन बसों का संचालन इसी हफ्ते से प्रारम्भ हो जाएगा इस संबंध में सभी चालक और परिचालकों को तैयार रहने के निर्देश भी दिए जा चुके हैं खास बात है कि प्रत्‍येक बसों में दो चालक और एक परिचालक की तैनाती होगी, जो कावंड़ियों को हरिद्वार छोड़कर वापस यात्री लेकर अपने डिपो पहुंचेंगे

एक अनुमान के अनुसार सावन माह में रोडवेज पर करीब 12 से 15 लाख कांवड़ियों को सुरक्षित यात्रा कराने की जिम्मेदारी रहती है इन शिवभक्‍तों को हरिद्वार भेजने के लिए अतिरिक्‍त बसों का व्यवस्था किया गया है परिवहन ऑफिसरों का बोलना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान अधिकांश रास्ते बंद रहते हैं इस वजह से लंबे रूट पर बसों का संचालन कम कर दिया जाएगा इस बीच गृह जनपद में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या भी कम रहती है यही कारण है कि कानपुर रूट की दो, लखनऊ से दो, बदायूं से एक, सहारनपुर से तीन, देहरादून से चार, मिर्जापुर समेत ऐसे लंबे रूटों से बसों की संख्या कम कर कांवड़ मार्ग पर शिवभक्तों की सेवा में लगाया जाएगा

इसके अतिरिक्त जुलाई में परिवहन निगम को करीब 50 बसें मिलेंगी ऑफिसरों ने कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखकर भक्तों के लिए सामान्य बसों का संचालन की रूपरेखा तैयार की है यह प्रयोग पहली बार किया जा रहा है कि हरिद्वार रूट पर चलने वाली सभी 250 बसों के चालक और परिचालक कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे और उन्‍हें आवश्यकता के मुताबिक कंट्रोल रूम से निर्देश दिए जाएंगे