उत्तराखंड के अगले सीएम पर गहन विचार

उत्तराखंड के अगले सीएम पर गहन विचार

उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस पर चर्चाओं का बाजार बहुत गर्म है. विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खटीमा सीट से हार के बाद अब भाजपा विधायकों ने लॉबिंग शुरू कर दी है. कई विधायक सहित सांसद भी मुख्यमंत्री की रेस में शामिल हैं.

इस बीच कार्यवाअधिकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भाजपा हाईकमान ही उत्तराखंड के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाएगी. कहा कि उत्तराखंड की कमान किसे हाथों में दी जाएगी इसपर केंद्रीय नेतृत्व गहनता से विचार कर रहा है. विधायक दल की बैठक के बाद ही मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी.

धामी के हारने के बाद करीब आधा रेट्जन विधायकों ने उनके लिए सीट छोड़ने की भी पेशकश कर डाली है. ऐसे में अब यह देखना बहुत ही ज्यादा दिलचस्प होगा कि भाजपा हाईकमान धामी पर दोबारा भरोसा जताती है या फिर विधायकों के बीच में से ही किसी को उत्तराखंड की कमान सौंपती है.

20  मार्च तक मुख्यमंत्री के नाम की हो सकती है घोषणा

उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इस पर भाजपा हाईकमान  20 मार्च तक मुहर लगा सकती है. हाईकमान ने भाजपा के सभी निर्वाचित विधायकों को होली के बाद देहरादून में रहने की कठोर हिदायत दी है.

चुनाव में प्रचंड बहुमत के बाद भी हाईकमान ने नेता सदन की चयन प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं की है. समझा जा रहा है कि 17 मार्च तक होलाष्टक होना इसका मुख्य कारण है.

मुख्यमंत्री चयन के लिए भाजपा हाईकमान भी काफी सावधान है ताकि पिछली बार की तरह तीन-तीन मुख्यमंत्री बदलने जैसी स्थिति न पैदा हो. हाईकमान सभी विकल्पों पर गहनता से विचार कर रही है.

उत्तराखंड में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इस पर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के पास तीन विकल्प हैं. सूत्रों की मानें तो पहला विकल्प कार्यवाअधिकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रिपीट करने का होगा.

दूसरे विकल्प के तौर पर भाजपा निर्वाचित विधायकों में से ही किसी विधायक को उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री बना सकते हैं.

जबकि, तीसरे विकल्प में भाजपा विधायकों से बाहर किसी सांसद को मुख्यमंत्री पद की उत्तरदायीी भी सौंप सकती है.

इन विधायकों-सांसदों के बीच चल रही दौड़

उत्तराखंड के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर विधायकों के बीच जमकर दौड़ चल रही है. लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले सांसद भी रेस में शामिल हैं.

सूत्रों के अनुसार सतपाल महाराज, धन सिंह रावत दौड़ में प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का नाम भी उछल रहा है.

सांसदों में पूर्व मुख्यमंत्री डा रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट और सांसद अनिल बलूनी के नामों पर भी चर्चा हो रही है. मुख्यमंत्री पद पर आखिरी फैसला भाजपा हाईकमान ही लेगी.


अब चालान नहीं जमा करवाया तो खैर नहीं

अब चालान नहीं जमा करवाया तो खैर नहीं

 यदि आपका देहरादून में औनलाइन चालान हुआ है और आपने चालान का भुगतान नहीं किया है तो जल्द अपने चालान का भुगतान कर दीजिये यदि ऐसा नहीं किया तो दून पुलिस आपके घर पर दस्तक देने पहुंच जाएगी जी हां! उत्तराखंड पुलिस अब औनलाइन चालानों की वसूली कुछ इसी तरह से किए जाने का प्लान बना रही है

गौरतलब है कि देहरादून में हुए औनलाइन चालानों की प्रक्रिया में आज भी करीब नौ हाजार चालान ऐसे हैं जिनका फाइन आभी तक पुलिस के पास जमा नहीं हुआ इन चालानों से मिलने वाले राजस्व को इकट्ठा करने के लिए अब ट्रैफिक पुलिस देहरादून ने एक योजना तैयार की है इस योजना के अनुसार अब पुलिस के इन पेंडिंग चलानों को लोकल थाना चौकियों को भेजा जाएगा जिसमें अब थाना चौकियों की पुलिस ट्रैफिक पुलिस के साथ मिल कर पैसा वसूल करेगी साथ ही जो आदमी अधिक डिफाल्टर होगा उसको नोटिस भी जारी करेगी

9 हजार चालानों का नहीं हुआ भुगतान
आपको बता दें कि देहरादून शहर ट्रैफिक वायलेशन को रोकने के लिए शहर में कई चौक चोराहों पर कैमरे लगे हैं, जो रेड रोशनी जम्प, ओवर स्पीड के साथ ट्रैफिक वायलेशन पर औनलाइन लाइन चालान कर रहे हैं इनमें 1 जनवरी से 31 अप्रैल तक करीब साढ़े 12 हजार औनलाइन चालान हुए हैं, लेकिन इन चलानों में से सिर्फ पुलिस को ढाई हजार चालानों का ही भुगतान हुआ है अभी भी करीब 9 हजार चालान पुलिस के पास पेंडिंग हैं, जिनपर अभी तक फाइन पुलिस को नहीं मिल पाया है

घर पर दस्तक देगी पुलिस की वसूली टीम
इसी को देखते हुए अब दून ट्रैफिक पुलिस सभी पेंडिंग चालानों को थानों में वसूली के लिए भेजने जा रही है, जिसपर अब पुलिस घरों में जा कर चालान वसूल करेगी साथ ही जो आदमी रिपिटेट डिफाल्टर है उसको नोटिस भी जारी करेगी
वहीं मुद्दे में एसपी ट्रैफिक अक्षत कोंडे का बोलना है कि औनलाइन चालान कंप्यूटर लिंक है, जिसका चालान होता है 5 मिनट के अंदर उसके मोबाइल नंबर पर चालान उस आदमी तक पहुंच जाता है

अब इग्नोर करना नहीं होगा आसान
चालान होने के बाद कई कई आदमी इन चालानों को इग्नोर कर देते हैं या कई लोगों की गाड़ी का रजिस्ट्रेशन मोबाइल से लिंक न होने से भी उनके पास चालान नहीं पहुंच पाता इसी को देखते हुए अब पुलिस स्वयं घर घर जाकर चालान का पैसा वसूल करेंगी