ये डॉक्टर बना मानवता की मिशाल, किडनी ट्रांसप्लांट किया, मरीज को खून भी दिया

ये डॉक्टर बना मानवता की मिशाल, किडनी ट्रांसप्लांट किया, मरीज को खून भी दिया

भोपाल हमीदिया हॉस्पिटल को प्रदेश में पहला किडनी ट्रांसप्लांट करने का खिताब मिल चुका है. इस ट्रांसप्लांट यूनिट को प्रारम्भ कराने के लिए डाक्टर हिमांशु शर्मा बीते पांच वर्षों से कोशिश कर रहे थे.
जब पहले ट्रांसप्लांट की घड़ी आई तो मरीज का हीमोग्लोबिन कम निकला. ट्रांसप्लांट के लिए करीब 6 यूनिट ब्लड की आवश्यकता थी. मरीज के बेटे राजीव शर्मा ने कोशिश किया लेकिन ओ पॉजीटिव ग्रुप का ब्लड नहीं मिल पा रहा था जब इसकी जानकारी डाक्टर हिमांशु शर्मा को लगी तो उन्होंने स्वयं ब्लड दिया. बुधवार को हमीदिया में मुरैना से पहुंचे मरीज केशव दत्त शर्मा के संबंधियों ने डाक्टर शर्मा के सरेंडर की सराहना की.


अब मिली सफलता
डाक्टर हिमांशु शर्मा ने 2017 में एमडी करने के बाद हमीदिया हॉस्पिटल में ज्वाइनिंग दी थी. तभी से वे यहां किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट प्रारम्भ करने के कोशिश में जुट गए. डेढ़ वर्ष पहले आई कोविड-19 महामारी ने उनके कोशिश को रोक दिया लेकिन जैसे ही मरीज कम हुए उन्होंने फिर अपनी मुहिम प्रारम्भ की और 7 सितंबर को मुरैना के पोरसा निवासी केशव दत्त शर्मा को उनकी पत्नी की किडनी प्रत्यारोपित कर प्रदेश में पहले सरकारी ट्रांसप्लांट करने वाले हॉस्पिटल में शामिल किया.

तीन दिन में डिस्चार्ज
केशव दत्त शर्मा के बेटे राजीव ने बताया कि दो-तीन दिन में हॉस्पिटल से माता-पिता को डिस्चार्ज किया जाएगा. इस मौके पर पूरा परिवार हॉस्पिटल पहुंचकर डाक्टर हिमांशु और पूरी टीम को धन्यवाद देंगे.


लेह के लड़के ने यूं जीता सबका दिल, देख लोग दे रहे हैं शाबाशी

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देख आपके मन में भी देशभक्ति की ज्वाला धधक उठेगी। इस वीडियो में जिस तरह एक छोटे बच्चे ने सैनिकों के सामने परेड की। वह काबिलेतारीफ है। इस वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि एक छोटा सा बच्चा स्वेटर और जूते पहने सड़क किनारे खड़ा है। जबकि वीडियो देख ऐसा लगता है, मानो उस स्थान पर किसी भवन अथवा कार्यालय का निर्माण कार्य चल रहा है। नन्हा बच्चा मिट्टी के ढेर के बगल में खड़ा है।


तभी दो सैनिक उसके पास आते हैं और बच्चे को परेड करने के लिए कहते हैं। इसमें एक सैनिक को कहते सुना जा रहा है कि तुम्हें मिलना था ना। ओके चलो, अब पैर सावधान करो। यस, अब विश्राम करो, फिर से सावधान करो और अब सलाम करो। छोटा बच्चा बखूबी सही तरीके से परेड करता है। उस समय दोनों सैनिक बच्चे को बेहतर जीवन की शुभकामनाएं देते हैं।

सैनिक जितनी दफा बच्चे को परेड करने के लिए कहता है। बच्चे का मनोबल उतना बढ़ता जाता है और वह अच्छे तरीके से परेड कर रहा है। बच्चे ने जिस अंदाज में सैनिकों को सलामी दी है। उससे साफ जाहिर है कि बच्चे के मन में सैनिक बनने की तमन्ना है। यह वीडियो लेह के किसी गांव का है, जिसे सैनिक ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया है।

इस वीडियो को भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुधा रमन ने सोशल मीडिया ट्विटर पर अपने अकांउट से शेयर की है, जिसे अब तक लगभग 80 हजार लोग देख चुके हैं और 2500 लोगों ने लाइक किया है। वहीं, 500 लोगों ने इसे रिट्वीट किया है, जबकि कई लोगों ने कमेंट किए हैं, जिसमें उन्होंने बच्चे की तारीफ की है।