कई विद्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी के ईमेल प्राप्त ,मचा हंगामा

कई विद्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी के ईमेल प्राप्त ,मचा हंगामा

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक साथ कई विद्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी के ईमेल प्राप्त होने के बाद हंगामा मच गया है. सूचना के बाद बम डिस्पोजल स्क्वाड, डॉग स्क्वाड सहित पुलिस टीम विद्यालयों में तहकीकात करने पहुंच गई. हालांकि, अभी तक किसी विद्यालय में बम नहीं मिला है.

वही जिला शिक्षा अफसर नितिन सक्सेना ने बताया कि सागर पब्लिक स्कूल, DPS सहित कई विद्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी के ईमेल मिले हैं. तत्पश्चात, सुरक्षा एजेंसियां विद्यालयों की तहकीकात तथा ईमेल को वेरिफाई कर रही है. भोपाल के सेंट जोसफ विद्यालय में बम की सूचना के पश्चात् हबीबगंज पुलिस और बम डिस्पोजल स्क्वायड, डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंच गए. बैरोगढ़ चिचली उपस्थित डीपीएस विद्यालय तथा सनखेड़ी उपस्थित सेज विद्यालय में भी बम की समाचार प्राप्त हुई. अभी तक किसी भी विद्यालय में बम नहीं मिला है. पुलिस की टीम विद्यालयों को धमकी के मिले ई-मेल की भी तहकीकात में जुट गई है. 

वही राज्य को लेकर एक समाचार सामने आ रही है जिसमे बताया जा रहा कि यूपी के बाद मध्यप्रदेश के भी मदरसों में राष्ट्रगान जरूरी हो सकता है. गृह मंत्री तथा गवर्नमेंट के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने इसके संकेत दिए हैं. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Home Minister Narottam Mishra) ने कहा कि राष्ट्र का राष्ट्रगान है राष्ट्रगान सब जगह पर जरूरी होना चाहिए. मदरसे में राष्ट्रगान की अनिवार्यता पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बोला कि यह विचारणीय बिंदु है, इस पर विचार किया जा सकता है. धार्मिक स्थल क्या सभी स्थानों पर राष्ट्रगान होना चाहिए. यह राष्ट्र का स्वाभिमान है. दरअसल, उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट ने प्रदेश के मदरसा में सभी विद्यार्थियों तथा अध्यापकों के लिए कक्षाएं आरम्भ करने से पहले राष्ट्रगान गाना जरूरी कर दिया है. यह आदेश 12 मई से लागू कर दिया गया है. 


स्कूल में बच्चों के साथ पढ़ने पहुंच गया घड़ियाल

स्कूल में बच्चों के साथ पढ़ने पहुंच गया घड़ियाल

दक्षिण कैरोलिना के चार्ल्सटन में एक प्राइमरी विद्यालय में एक घड़ियाल को घूमते हुए देखने के पास आसपास के पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया लोगों के चेहरे पर डर औऱ दहशत साफ देखी जा सकती थी तभी एक राहगीर ने पुलिस को कॉल किया लेकिन पुलिस के पहुंचने के बाद उनके सामने परेशानी ये थी कि आखिर रेस्क्यू कैसे किया जाए जिससे सरीसृप घड़ियाल और वहां के स्थानिय लोग लोगों को सुरक्षित रखा जा सके दोनों को ही कोई हानि न हो

USA के साउथ कैरोलिना के एक विद्यालय में एक घड़ियाल पहुंच गया स्थानिय लोगों की सूचना पर पहुंचकर पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद घड़ियाल को बाहर निकालने में सफलता हासिल की लेकिन उसके पहले चिंता की बात यही थी कि न घड़ियाल को कोई हानि पहुंचे न आम लोगों को कोई क्षति हो

घड़ियाल को खाना खिलाना या परेशान करना गैरकानूनी
चार्ल्सटन के पशु नियंत्रण पर्यवेक्षक, कर्टनी बेयल्स के मुताबिक पुलिस को वैसे तो उसे किसी तालाब जैसी स्थान पर पहुंचाना चाहिए था लेकिन विद्यालय के आसपास नज़दीक में कोई तालाब न होने के चलते पुलिस टीम ने घड़ियाल को पकड़कर अपने ट्रक पर लादा और कुछ दूर ले जाकर एक तालाब में छोड़ दिया सिटी ऑफ़ चार्ल्सटन पुलिस डिपार्टमेंट के फ़ेसबुक पेज पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में बेयल्स और एक अन्य अधिकारी को मगरमच्छ की पीठ पर कूदते और उसका मुंह बंद करते हुए देखा जा सकता है साउथ कैरोलिना डिपार्टमेंट ऑफ नेचुरल रिसोर्सेज के मुताबिक , मगरमच्छ दक्षिण कैरोलिना के तटीय दलदली भूमि में अपना घर बनाते हैं राज्य में घड़ियाल को खाना खिलाना या परेशान करना कानून के विरूद्ध है

गर्मी के मौसम में बढ़ जाती है जानवरों से मुठभेड़
ऐसे जानवरों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पूरी सुरक्षा और सावधानी की प्रैक्टिस की बहुत आवश्यकता होती है ऐसा न होने पर जानवर और लोग किसी के भी घायल होने का पूरा खतरा रहता है घड़ियाल के दांत और उसकी पूंछ दोनों ही बहुत ताकतवर होते हैं अक्सर लोग दांतों से बचाव का पूरा ख्याल रखने में उसके पूछ के खतरे और हमले को अनदेखा कर देते हैं जबकि असल में घड़ियाल की पूछ बहुत घातक साबित हो सकती है बेयल्स के अनुसार, वसंत की आरंभ और गर्मी मगरमच्छ-घड़ियाल जैसे जीवों से एनकाउंटर का प्रमुख समय होता है वो इसलिए क्योंकि यह जानवरों के संबंध बनाने का समय होता है लिहाज़ा नर जीव मादा जीव की तलाश में बाहर आते हैं इसी दौरान उनकी सामना इंसानो से भी हो जाता है