हाइवे पर भी अतिक्रमण करना चाहता है रूस

हाइवे पर भी अतिक्रमण करना चाहता है रूस

रूस ने पूर्वी यूक्रेन के 2 गांवों पर अतिक्रमण कर लिया है. रूस यूक्रेनी सैनिकों की सप्लाई लाइन को काटना चाहता है.

रूस और यूक्रेन के बीच जंग को प्रारम्भ हुए लगभग 4 महीने का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इसमें कोई निर्णायक निर्णय नहीं आया है. हालांकि रूस की सेना ने यूक्रेन को भारी हानि पहुंचाया है और राष्ट्र के पूर्वी हिस्से में एक बड़े क्षेत्र पर अपना अतिक्रमण कर लिया है. ब्रिटिश और यूक्रेनी सेना प्रमुखों द्वारा दी गई ताजा जानकारी के मुताबिक, रूसी सेना ने पूर्वी यू्क्रेन के क्षेत्र में अपनी पकड़ का विस्तार करते हुए गुरुवार को 2 गांवों पर अतिक्रमण कर लिया है. 

‘हाइवे पर भी अतिक्रमण करना चाहता है रूस’

सैन्य प्रमुखों के मुताबिक, रूस इसके साथ ही एक जरूरी हाइवे पर भी अतिक्रमण करना चाहता है ताकि यूक्रेनी सैनिकों को राशन आदि की सप्लाई रोकी जा सके और उनकी घेराबंदी की जा सके. ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बोला कि यूक्रेनी सैनिकों को लाइसीचांस्क शहर के निकट कुछ इलाकों से पीछे हटा लिया गया है, ताकि घेराबंदी की संभावना को टाला जा सके. रूस ने इस क्षेत्र में अपने सैनिक भेजे हैं जो गोलाबारी कर रहे हैं. यह क्षेत्र यूक्रेन और रूस की लड़ाई में सबसे नया जंग का मैदान है.

केमिकल प्लांट में छिपे हैं यूक्रेनी सैनिक
वहीं, यूक्रेन के आर्मी चीफ ने बोला कि रूसी सैनिकों ने लोसकुतीवका और राई-ओलेक्सांद्रीवका गांवों पर अतिक्रमण कर लिया है और वे सीवेरोदोंत्स्क के बाहर सारोटाइन पर अतिक्रमण करने की प्रयास कर रहे हैं. बता दें कि हफ्तों से रूसी सैनिक सीवेरोदोंत्स्क पर गोलाबारी और हवाई हमले कर रहे हैं जो लुहांस्क क्षेत्र का केंद्र है. यूक्रेनी सैनिक अजोत केमिकल प्लांट में छिपे हुए हैं जहां करीब 500 नागरिक शरण लिए हुए हैं. ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को अपने खुफिया आकलन में इस बात का जिक्र किया कि रूसी सैनिकों के लाइसीचांस्क की ओर बढ़ने की आसार है.


इटली में बड़ा हादसा अल्पाइन ग्लेशियर का हिस्सा टूटा

इटली में बड़ा हादसा अल्पाइन ग्लेशियर का हिस्सा टूटा
  • चपेट में आने से आठ लोग हुए घायल
  • 18 लोग बर्फ-चट्टानों के मलबे के बीच फंसे
  • ग्लेशियर टूटने की वजह गर्मी भी हो सकती है

Italy News: इटली में अल्पाइन ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा आज रविवार दोपहर को टूट कर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आने से कम से कम पांच लोगों की मृत्यु हो गई और आठ घायल हो गए. ऑफिसरों ने यह जानकारी दी.

हेलीकॉप्टर और खोजी कुत्तों की मदद 

इटली के एक सरकारी टेलीविजन चैनल के मुताबिक,  बर्फ और चट्टानों के मलबे की चपेट में आने से छह लोग हताहत हुए हैं, लेकिन मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है. यह भी पता नहीं चला है कि कितने लोग लापता हैं. नेशनल अल्पाइन एंड केव रेसक्यू कोर ने ट्वीट किया कि मरमोलाडा चोटी क्षेत्र में जारी बचाव में पांच हेलीकॉप्टर और खोजी कुत्तों की सहायता ली जा रही. 

चपेट में आने से पांच लोगों की मौत 

आपात सेवा ने ट्वीट में कहा, “ग्लेशियर टूटने से इसकी चपेट में आकर पांच लोगों की मृत्यु हो गई. घटना में आठ लोग घायल हुए जिनमें से दो की हालत गंभीर है.” वेनेटो क्षेत्र में स्थित एसयूईएम डिस्पैच सर्विस ने बताया कि 18 लोग बर्फ और चट्टानों के मलबे के बीच फंसे हैं, जिन्हें अल्पाइन रेसक्यू कोर के कर्मी निकालने में जुटे हैं. 

जून से इटली में पड़ रही भयंकर गर्मी 

पूर्वी डोलोमाइट्स में मरमोलाडा सबसे ऊंची चोटी है, जिसकी ऊंचाई लगभग 11,000 फुट है. अल्पाइन बचाव सेवा के प्रवक्ता वाल्टर मिलान ने सरकारी टेलीविजन चैनल से बोला कि यह पता नहीं चल पाया है कि ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा किन कारणों से टूटा. उन्होंने बोला कि जून से इटली भयंकर गर्मी का सामना कर रहा है. ग्लेशियर टूटने की वजह गर्मी भी हो सकती है. 

चीन: चाबा तूफान की चपेट में आई क्रेन, 27 लोग लापता

वहीं, दक्षिण चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के तट पर चाबा तूफान की चपेट में आने के बाद एक क्रेन डूब गई और उसमें सवार कम से कम 27 लोगों के लापता होने की समाचार है. प्रांतीय समुद्री खोज एवं बचाव केंद्र ने रविवार को यह जानकारी दी. बचाव के लिए भेजे गए 38 विमानों ने लापता लोगों की तलाश के लिए 14 चक्कर लगाए हैं. 

यांगजियांग शहर के पास चाबा तूफान से बचाव करते समय इसकी लंगर की चेन टूट गई थी और नज़र प्रणाली के माध्यम से क्रेन को खतरे में पाया गया था. इसके बाद शनिवार को क्रेन पानी में डूब गई. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ने बचाव केंद्र के हवाले से बोला कि तीन लोगों को बचाया गया और 27 अन्य पानी में गिर गए और लापता हो गए. वर्ष के तीसरे तूफान चाबा ने शनिवार को ग्वांगडोंग के माओमिंग शहर के तटीय क्षेत्र में दस्तक दी. हालांकि, लापता लोगों के लिए खोज और बचाव के कोशिश अब भी जारी है.