धोनी देश के लिए जख्मों की परवाह नहीं करते

धोनी देश के लिए जख्मों की परवाह नहीं करते

एम एस धोनी (MS Dhoni) इन दिनों सेना (Indian Army) के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं इसी बीच मीडिया में समाचार छाई हुई है कि उन्हें वर्ल्ड कप के दौरान उंगली में चोट लगी थी जिसे उन्होंने टीम इंडिया ही नहीं बल्कि इंडियन आर्मी से भी छिपाया। धोनी ने ऐसा क्यों किया ये बात तो साफ नहीं है लेकिन खबरें हैं कि उन्होंने देशभक्ति की वजह से ऐसा किया। दरअसल एम एस धोनी हर हाल में सेना के साथ ट्रेनिंग करना चाहते थे व अगर उनकी उंगली में हेयरलाइन फ्रैकचर की बात सामने आती तो शायद भारतीय सेना के साथ ट्रेनिंग करने की उनकी ख्वाहिश पूरी नहीं हो पाती। वैसे धोनी के लिए ये चोट जरा भी अर्थ नहीं रखती। वो तो देश के लिए जख्मों की परवाह भी नहीं करते। आइए आपको बताते हैं कैसे।
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जब अंगूठे से खून आने के बावजूद खेलते रहे माही
वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के विरूद्ध मैच में धोनी (MS Dhoni) के अंगूठे में चोट लग गई थी, उनके हाथ से खून भी बह रहा था लेकिन इसके बावजूद वो क्रीज पर खड़े रहे व पूरा मैच खेला। वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को उनकी आवश्यकता थी ऐसे में माही ने अगले मैचों में भी आराम नहीं लिया। न्‍यूजीलैंड के विरूद्ध सेमीफाइनल मैच में भी धोनी के हाथ पर चोट लग गई थी। लोकी फर्ग्‍यूसन की गेंद उनके हाथ पर लगी थी। जब वह ड्रेसिंग रूम लौट रहे थे तब भी वह बहुत ज्यादा दर्द में लग रहे थे। उनके हाथ पर सूजन आ गई थी। मैच पूरा होने के बाद उन्‍होंने खिलाड़ियों से बाएं हाथ से हैंड शेक किया था।

आईपीएल में था कमर दर्द
भारतीय प्रीमियर लीग के 11वें सीजन में भी धोनी पीठ दर्द से जूझ रहे थे। धोनी (MS Dhoni) की कमर में सूजन थी इसकी वजह से वे आईपीएल के कुछ मैच भी नहीं खेले थे। हालांकि वर्ल्‍ड कप में उन्‍होंने अपनी पीठ की चोट को खेल के आड़े नहीं आने दिया। उन्होंने आईपीएल के दौरान बोला था कि वो वर्ल्ड कप से पहले चोटिल होना नहीं चाहते क्योंकि ये टूर्नामेंट बेहद अहम है।

धोनी को दर्द की है आदत
धोनी (MS Dhoni) ने आईपीएल के दौरान बोला था कि इंटरनेशनल क्रिकेटर्स को दर्द की आदत होती है।धोनी के मुताबिक अगर कोई खिलाड़ी 100 प्रतिशत फिट होने के बाद ही मैच में उतरता है तो उसे मैच खेलने के लिए 5 वर्षों का इंतजार करना पड़ेगा। धोनी ने एक प्रोग्राम में बेहद ही खास बात कही थी। धोनी के मुताबिक 'जो दर्द आपको मारता नहीं वो मजबूत बनाता है। ' साफ है एमएस धोनी अपने करियर में कई बार दर्द के साथ मैदान पर उतरे हैं व इसकी वजह उनका पर्सनल स्वार्थ नहीं बल्कि सिर्फ व सिर्फ देश है।