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SC : लालू यादव के विरूद्ध सीबीआई की अर्जी पर आज सुनवाई

SC : लालू यादव के विरूद्ध सीबीआई की अर्जी पर आज सुनवाई

आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव बहुत ज्यादा लंबे समय से चारा घोटाला मुद्दे में सजा काट रहे है। चारा घोटाला मुद्दे में उनके विरूद्ध CBI की याचिका पर उच्चतम न्यायालय आज सुनवाई करने वाला है। सीबीआई ने लालू यादव को लेकर दिए गए झारखंड उच्च न्यायालय के निर्णय के विरूद्ध उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल की है। झारखंड उच्च न्यायालय ने देवघर कोषागार मुद्दे में आधी सजा काटने के बाद लालू यादव की जमानत अर्जी को मंजूर करते हुए उन्हें बेल दे दिया था व सजा को निलंबित कर दिया था।

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि CBI ने लालू यादव को मिली बेल को लेकर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है। अब देखना यह है कि CBI की याचिका पर उच्चतम न्यायालय क्या निर्णय देती है। आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि इस मुद्दे में निचली न्यायालय ने लालू यादव को साढ़े तीन वर्ष की सजा दी थी। इसी मुद्दे में लालू यादव को झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी।

इससे पहले उच्च न्यायालय ने यह कहते हुए लालू यादव को जमानत दी थी कि साढ़े तीन वर्ष में पौने दो वर्ष की सजा लालू यादव ने काट ली थी। आधी सजा काटने के आधार पर झारखंड उच्च न्यायालय ने लालू यादव को जमानत दिया था। इसी जमानत के विरूद्ध CBI ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। वहीं, CBI का बोलना है कि लालू यादव अगर कारागार से बाहर आएंगे तो सारे मुद्दे को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, लालू प्रसाद के एडवोकेट का बोलना है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय के आधार पर ही उन्हें जमानत दी गई है क्योंकि उच्चतम न्यायालय का निर्णय कहता है कि किसी कैदी को सजा मिलती है व आधी सजा काट लेता है तो जमानत दी जा सकती है। वहीं, CBI का ये भी बोलना है कि लालू यादव अन्य मुद्दे में भी सजायफ्ता कैदी हैं इसलिए उनकी जमानत रद्द की जानी चाहिए।


जानिए क्यों पड़ी इस दिन की जरुरत, भारत में मनाया गया पहला प्रोटीन डे ?

जानिए क्यों पड़ी इस दिन की जरुरत, भारत में मनाया गया पहला प्रोटीन डे ?

हर कोई जानता है कि हमारे शरीर के लिए प्रोटीन बेहद आवश्यक पोषक तत्व है, जो हमारे विकास में बड़ा सहयोग देता है. प्रोटीन का पर्याप्त सेवन व रेगुलर डायट में उसे शामिल करना बहुत ज्यादा आवश्यक है. किन्तु, जानकारी के अभाव में हमारे देश में लोग प्रोटीन के प्रति जागरुकता में पीछे हैं. इसी दूरी को मिटाने के लिए हिंदुस्तान में 27 फ़रवरी को प्रोटीन डे मना गया था.

अब से प्रति साल 27 फरवरी को प्रोटीन डे मनाया जाएगा. इसकी आरंभ की है एक राष्ट्रीय स्तर के पब्लिक हेल्थ कैंपेन ‘राइट टू प्रोटीन ने’. हिंदुस्तान से पहले व भी कई देश प्रोटीन की आवश्यकता व उसकी जागरुकता के लिए इस दिवस को अपना चुके हैं. हिंदुस्तान में इस दिन की आरंभ हिंदुस्तान में प्रोटीन की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने, जागरुकता फैलाने व इसके फायदों के विषय में शिक्षित करने के लिए की गई है. कैंपेन से संबंधित लोगों का बोलना है कि इस दिवस को मनाने से लोगों को बड़े स्तर पर प्लांट व एनिमल प्रोटीन की विभिन्न किस्मों के बारे में पता चलेगा.

यही नहीं, वे डेली मील में बेहतर पोषण व स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन की जरुरत के बारे में आवश्यक बातें जान सकेंगे. प्रोटीन डे 2020 की थीम ‘प्रोटीन में क्या है’ चुनी गई है. जिसका उद्देश्य है कि लोग खुद व दूसरों से प्रोटीन की विशेषता व फायदों की बात करें व जागरुकता फैलाएं. राइट टू प्रोटीन कैंपेन समाज में विशेषज्ञों के द्वारा प्रोटीन की जागरूकता व फैक्ट्स और मिथ को बताने का मकसद रखता है.

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