दैनिक पंचांग में आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

 दैनिक पंचांग में आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

विस्तार 15 मई 2022 का दैनिक पंचांग 
Aaj Ka Panchang: हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है. पंचांग के माध्यम से समय एवं काल की परफेक्ट गणना की जाती है. पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है. ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है. यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास एवं पक्ष आदि की जानकारी देते हैं. आइए जानते हैं आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय.
  तिथि    चतुर्दशी 12:43 तक नक्षत्र   स्वाति

15:26 तक

करण

वणिजा
 विष्टि

12:43 तक
23:15 तक

पक्ष शुक्ल पक्ष   वार    रविवार   योग   व्यतिपाता 09:41 तक सूर्योदय 05:34   सूर्यास्त 19:00   चंद्रमा    तुला 06:12 तक  राहुकाल          17:19 − 19:00   विक्रमी संवत्   2079   संदेह सम्वत 1944    मास वैशाख   शुभ मुहूर्त अभिजीत 11:50 − 12:44
पंचांग के पांच अंग तिथि
हिन्दू काल गणना के मुताबिक 'चन्द्र रेखांक' को 'सूर्य रेखांक' से 12 अंश ऊपर जाने के लिए जो समय लगता है, वह तिथि कहलाती है. एक माह में तीस तिथियां होती हैं और ये तिथियां दो पक्षों में विभाजित होती हैं. शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष की आखिरी तिथि अमावस्या कहलाती है. तिथि के नाम - प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी, अमावस्या/पूर्णिमा.

नक्षत्र: आकाश मंडल में एक तारा समूह को नक्षत्र बोला जाता है. इसमें 27 नक्षत्र होते हैं और नौ ग्रहों को इन नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है. 27 नक्षत्रों के नाम- अश्विन नक्षत्र, भरणी नक्षत्र, कृत्तिका नक्षत्र, रोहिणी नक्षत्र, मृगशिरा नक्षत्र, आर्द्रा नक्षत्र, पुनर्वसु नक्षत्र, पुष्य नक्षत्र, आश्लेषा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र, स्वाति नक्षत्र, विशाखा नक्षत्र, अनुराधा नक्षत्र, ज्येष्ठा नक्षत्र, मूल नक्षत्र, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, श्रवण नक्षत्र, घनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा नक्षत्र, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, रेवती नक्षत्र.

वार: वार का आशय दिन से है. एक हफ्ते में सात वार होते हैं. ये सात वार ग्रहों के नाम से रखे गए हैं - सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार. 

योग: नक्षत्र की भांति योग भी 27 प्रकार के होते हैं. सूर्य-चंद्र की विशेष दूरियों की स्थितियों को योग बोला जाता है. दूरियों के आधार पर बनने वाले 27 योगों के नाम - विष्कुम्भ, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, अतिगण्ड, सुकर्मा, धृति, शूल, गण्ड, वृद्धि, ध्रुव, व्याघात, हर्षण, वज्र, सिद्धि, व्यातीपात, वरीयान, परिघ, शिव, सिद्ध, साध्य, शुभ, शुक्ल, ब्रह्म, इन्द्र और वैधृति.

करण: एक तिथि में दो करण होते हैं. एक तिथि के पूर्वार्ध में और एक तिथि के उत्तरार्ध में. ऐसे कुल 11 करण होते हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं - बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि, शकुनि, चतुष्पाद, नाग और किस्तुघ्न. विष्टि करण को भद्रा कहते हैं और भद्रा में शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं.


पढ़ाई में लगातार पिछड़ रहा है आपका बच्‍चा जाने क्यू

पढ़ाई में लगातार पिछड़ रहा है आपका बच्‍चा जाने क्यू

किताबें आदमी की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं बिना कम्पलेन किए किताबें अपनी दोस्ती निभाती है, हमारा ज्ञानवर्धन करते हुए हम सब बचपन से आज तक जितना कुछ जानते हैं या जान रहे हैं, उसमें पुस्तकों की किरदार बहुत अहम है कहानी संग्रह, कविताएं, उपन्यास हो या सामान्य ज्ञान की किताब इस बड़ी सी दुनिया में हमें कई किताबें ऐसी होती हैं, जो हमारे दिल के करीब होती है और उन्हें हम हमेशा सुरक्षित रखना चाहते हैं

हर वर्ष हमारी रूचि से जुड़ी ऐसी कई किताबें प्रकाशित होती हैं, जिन्हें हम खरीद लाते हैं, लेकिन एक समय के बाद इनका रख-रखाव कठिनाई हो जाता है ऐसे में आज हम आपको ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जिससे आप अपनी पुस्तकों को सुरक्षित और ठीक ढंग से आर्गेनाइज करते हुए रख सकते हैं यह टिप्स उनके लिए बहुत कारगर होंगे, जिनके घर में स्टडी रूम नहीं है

किताबों को रखने के बेहतरीन आइडियाज़

पहले करें बुक्स की छटाई

सबसे पहले आप सारी बुक्स को एक स्थान पर इकट्ठा कर लें और कैटेगरी और ज़रूरत को ध्यान रखकर उन्‍हें भिन्न-भिन्न करें फिर कोर्स बुक्स एक तरफ, किड्स बुक एक तरफ और कविता, कहानी और उपन्यास आदि से जुड़ी किताबें एक तरफ रखें

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साइड टेबल पर सजाएं

आप अपनी कुछ फेवरेट बुक्स या ऐसी किताबें जिसकी आपको अक्सर ज़रूरत पड़ती हैं, उन्हें बेड के साइड टेबल पर सेट कर सकते हैं ऐसा करने पर आप दोपहर को आराम करते हुए या फिर रात को सोने से पहले इन्‍हें सरलता से पढ़ सकते हैं इसे यदि टेबल पर ढंग से सजाया जाए, तो यह दिखने में सुन्दर दिखेगा

बुक स्टैंड का करें प्रयोग

बेहतर व आर्गेनाइज ढंग से किताबें रखने के लिए आप बुक स्टैंड का इस्तेमाल कर सकते हैं यह न केवल कमरे को सुन्दर दिखाएगा, बल्कि बेतरतीबी से पड़े पुस्तकों को भी अरेंज करने में सहायता करेगा औनलाइन या ऑफलाइन बजट के हिसाब से सुन्दर बुक स्टैंड मिलते हैं

हैंगिंग बुक शेल्फ

अगर आपके घर में स्पेस से जुड़ी परेशानी है, तो आप हैंगिंग बुक शेल्फ बनवा सकते हैं आप इसे घर के लिविंग एरिया की वॉल से लेकर बेडरूम में बेड के पीछे की वॉल पर भी बनवा सकते हैं  इससे कमरे की रौनक तो बढ़ेगी ही, किताबें कहां रखें  जैसे प्रश्नों का भी उत्तर मिल जाएगा