इडुक्की जिलों के लिए जारी किया रेड अलर्ट

इडुक्की जिलों के लिए जारी किया रेड अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने केरल के एर्नाकुलम और इडुक्की जिलों के लिए शनिवार को रेड अलर्ट जारी किया है. यहां 16 मई तक भारी बारिश और दक्षिणी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट का संकेत दिया गया है. मौसम वैज्ञानिक ने बोला कि शनिवार के लिए एर्नाकुलम और इडुक्की के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम और त्रिशूर जिलों के लिए 16 मई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. रेड अलर्ट चौबीस घंटों में 20 सेंटीमीटर से अधिक भारी से बहुत भारी बारिश के संकेत देता है. ऑरेंज अलर्ट का मतलब छह सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश है. येलो अलर्ट का मतलब है छह से 11 सेंटीमीटर के बीच भारी बारिश. आईएमडी ने बोला कि केरल तट पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की आसार है. मछुआरों को 16 मई तक समुद्र की तरफ न जाने की राय दी गई है. मौसम विभाग ने इन दिनों मलप्पुरम, कोझीकोड और वायनाड जिलों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है. चूंकि पिछले कुछ दिनों से राज्य के दक्षिणी हिस्से में बारिश हो रही थी, जिला प्रशासन ने निचले इलाकों, नदियों के किनारे और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधान रहने की चेतावनी जारी की है. आईएमडी ने पहले भविष्यवाणी की थी कि दक्षिण-पश्चिम मानसून, जिसे राज्य में एडवापति के नाम से भी जाना जाता है उसके कारण केरल में सामान्य तारीख से पांच दिन पहले 27 मई तक पहली बारिश होने की आसार है.


घूस लेकर चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

घूस लेकर चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

सीबीआई ने पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के बेटे और कांग्रेस पार्टी सांसद कार्ति चिदंबरम के विरूद्ध एक और मामला दर्ज कर उनके करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की ये छापेमारी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कर्नाटक, पंजाब और ओडिशा में की गई है सीबीआई ने कार्ति चिंदबरम और दूसरे आरोपियों के विरूद्ध जो मामला दर्ज किया है उसमें आरोप है कि कार्ति ने 50 लाख रुपये घूस लेकर गृह मंत्रालय से चीनी नागरिकों को वीजा दिलवाया हैय

चीनी नागरिकों को दिलवाया वीजा

सीबीआई में दर्ज मुद्दे के अनुसार पंजाब के मानसा में तलवंडी साबो पावर प्लांट लग रहा था इस थर्मल पावर प्लांट की क्षमता 1980 मेगा वॉट थी जिसे लगाने का जिम्मा चीन की Shandong Electric Power Construction Corp (SEPCO) को दिया गया था

यही वजह थी कि इस प्लांट को लगाने के लिये चीन के इंजीनियरों को प्रोजेक्ट वीजा दिया गया था लेकिन काम में देरी के चलते कंपनी को अधिक चीनी इंजीनियरों की आवश्यकता थी जिसके लिये वे वीजा स्वीकृति चाहिये थे क्योंकि इससे पहले जो प्रोजेक्ट वीजा दिये गये थे वो तय समय से अधिक हो चुके थे और फिर से वीजा के लिये गृह मंत्रालय से स्वीकृति महत्वपूर्ण थी

एक कपंनी के जरिए 50 लाख की घूस

इसके लिये पावर प्लांट ने कार्ति चिंदबरम को संपर्क किया और फिर 50 लाख रुपयों के बदले कार्ति चिदंबरम ने गृह मंत्रालय से 263 Re-use प्रोजेक्ट वीजा की स्वीकृति दिलवाई ध्यान देने वाली बात ये है कि वर्ष 2011 में जब ये स्वीकृति दिलवाई गई उस दौरान कार्ति के पिता पी चिदंबरम राष्ट्र के गृहमंत्री थे  

एजेंसी के अनुसार चीनी इंजीनियरों को वीजा दिलाने के बदले जो 50 लाख की घूस दी गई थी वो मुंबई की एक कंपनी M/s Bell Tools Ltd के जरिये दी गई थी कार्ति की कंपनी ने कंस्लटेंसी के नाम पर फर्जी बिल इस कंपनी के नाम बनाया जिसके बदले ये रिशवत दी गई