एस जयशंकर के पद संभालते ही चाइना के विदेश मंत्री ने दी बधाई, कहा...

एस जयशंकर के पद संभालते ही चाइना के विदेश मंत्री ने दी बधाई, कहा...

नई दिल्ली/बीजिंग: चीन के विदेश मंत्री व स्टेट काउंसिलर वांग यी ने शुक्रवार को एस जयशंकर को हिंदुस्तान का विदेश मंत्री बनने पर शुभकामना दी व द्विपक्षीय संबंधों के विकास में उनके सकारात्मक सहयोग की सराहना की। चाइना के विदेश मंत्रालय से देर रात जारी विज्ञप्ति में बोला गया, ‘‘हम जयशंकर को हिंदुस्तान का विदेश मंत्री नियुक्त किये जाने पर शुभकामना देते हैं। ’’ इसमें बोला गया कि वांग ने उनके लिए शुभकामना संदेश भेजा है। विज्ञप्ति में बोला गया कि हिंदुस्तान के विदेश सचिव व चाइनामें हिंदुस्तान के राजदूत के रूप में उन्होंने चीन-भारत संबंधों के विकास में सकारात्मक सहयोगदिया।

प्रेस विज्ञप्ति में बोला गया, ‘‘चीन दोनों राष्ट्रों के नेताओं के बीच बनी सहमति को लागू करने के लिए हिंदुस्तान के साथ कार्य करने को व चाइना -भारत संबंधों में नई प्रगति को प्रोत्साहित करने को तैयार है। ’’ जयशंकर 2009 से 2013 तक चाइना में हिंदुस्तान के राजदूत रहे। वह 2015 से 2018 तक हिंदुस्तान के विदेश सचिव रहे।

PM मोदी के मंत्रिमंडल में सबसे चौंकाने वाला नाम एस जयशंकर
पीएम नरेंद्र मोदी मंत्रिपरिषद में पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को शामिल किया जाना चौंकाने वाला रहा। अनुभवी राजनयिक जयशंकर चाइना व अमेरिका के साथ वार्ता में हिंदुस्तान के प्रतिनिधि थे। देश के प्रमुख सामरिक विश्लेषकों में से एक दिवंगत के। सुब्रमण्यम के पुत्र जयशंकर ऐतिहासिक भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के लिए वार्ता करने वाली भारतीय टीम के एक प्रमुख मेम्बर थे। इस समझौते के लिए 2005 में शुरूआत हुयी थी व 2007 में मनमोहन सिंह की प्रतिनिधित्व वाली संप्रग सरकार ने इस पर हस्ताक्षर किए थे।

2015 में जयशंकर को विदेश सचिव नियुक्त किया गया था
जनवरी 2015 में जयशंकर को विदेश सचिव नियुक्त किया गया था व सुजाता सिंह को हटाने के सरकार के निर्णय के समय को लेकर विभिन्न तबकों ने तीखी रिएक्शन जतायी थी। जयशंकर अमेरिका व चाइना में हिंदुस्तान के राजदूत के पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। 1977 बैच के आईएफएस ऑफिसर जयशंकर ने लद्दाख के देपसांग व डोकलाम गतिरोध के बाद चाइना के साथ संकट को हल करने में जरूरी किरदार निभाई।

जयशंकर सिंगापुर में हिंदुस्तान के उच्चायुक्त व चेक गणराज्य में राजदूत पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। 64- वर्षीय जयशंकर जनवरी 2015 से जनवरी 2018 तक विदेश सचिव थे। पिछले वर्षसेवानिवृत्त होने के तीन महीने के भीतर टाटा समूह ने उन्हें वैश्विक कॉर्पोरेट मामलों के लिए अपना अध्यक्ष नियुक्त किया था।

जयशंकर ने सेंट स्टीफन कॉलेज से किया स्नातक
सेंट स्टीफन कॉलेज से स्नातक जयशंकर ने पॉलिटिक्स विज्ञान में एमए व जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में एमफिल व पीएचडी की उपाधि हासिल की है।जयशंकर की विवाह क्योको जयशंकर से हुई है व उनके दो पुत्र व एक पुत्री हैं। जयशंकर को 2019 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।