बागपत में एक किसान की हुई गोली मारकर क़त्ल

बागपत में एक किसान की हुई गोली मारकर क़त्ल

लखनऊ: यूपी के बागपत में चांदीनगर थाना क्षेत्र में किसान की गोली मारकर क़त्ल कर दिया है उस समय किसान खेत में भिंडी की फसल की पहरेदारी कर रहा था जब परिजन सुबह खेत में कार्य करने गए तो किसान का खून से लथपथ मृत शरीर चारपाई पर पाया गया मृत शरीर के पास से तीन खाली खोखे और एक जिंदा कारतूस भी पाया गया है घटना के उपरांत गांव और परिजनों में दहशत है

मृतक किसान का नाम मदन बोला जा रहा है 67 वर्ष के मदन चांदीनगर थाना के मंसूरपुर गांव के निवासी थे उन्होंने खेत में भिंडी की फसल की बुआई की थी, जिसकी रखवाली करने के लिए रोज रात खेत में सोने जाते थे गुरुवार रात भी फसल की रखवाली करने वो खेत के ही गए हुए थे रात में किसी वक़्त अज्ञात हमलावरों ने चारपाई पर सो रहे मदन के सिर में गोली मारकर मृत्यु के घाट उतार दिया है सुबह खेत पर पहुंचे गांव के किसानों ने खून से लथपथ मृत शरीर पड़ा देखकर परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई

पुलिस की पूछताछ में मृतक किसान के बेटे ने बोला है कि रात पहरा देने के लिए वे खेत में आए थे और जब वह सुबह आए तो उनका चारपाई पर मृत शरीर पड़ा हुआ पाया गया था हमारी किसी से आपसी दुश्मनी भी नहीं थी एसपी बागपत नीरज जादौन ने कहा है कि मृत शरीर के पास से तीन खाली खोखे और एक जिंदा कारतूस भी जब्त  की गई है मृत शरीर को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है अज्ञात हमलावरों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उनकी तलाश की जाने लगी है


मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की मीटिंग जारी

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की मीटिंग जारी

काशी में ज्ञानवापी मस्जिद मुद्दे व अन्य मसलों पर ऑल इण्डिया मुसलमान पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपनी एक्सिक्यूटिव कमेटी की आपात बैठक बुलाई, जिसमें कुछ बड़े निर्णय लिए गए हैं, क्योंकि मामला न्यायालय में है इसलिए बैठक में यह फैसला लिया गया है बोर्ड की लीगल कमेटी मुकदमा को लड़ने में मुसलमान पक्ष की हर संभव सहायता करेगी.

दूसरा केंद्र गवर्नमेंट सहित अन्य सियासी पार्टियों से 1991 के वर्शिप एक्ट पर उनका पक्ष जानेगी. इसके अतिरिक्त बोर्ड के मुताबिक, तमाम ढंग की बातों जनता के सामने अधूरा रखा जा रहा है. उसके लिए बोर्ड पैम्पलेट व बुक्स छपवाने का काम करेगी, जिनमें तथ्यों के साथ जानकारी हो और उन्हें जनता तक पहुंचाने का काम करेगी.

इस मीटिंग में ज्ञानवापी, टीपू सुल्तान मस्जिद समेत राष्ट्र के अन्य मौजूदा मसलों पर चर्चा की गई, बैठक करीब 2 घण्टे चली, बोर्ड के 45 सदस्य औनलाइन माध्यम से एक दूसरे से जुड़े.

सूत्रों ने आईएएनएस को जानकारी देते हुए बताया कि, न्यायालय में मुकदमा होने के चलते बोर्ड की लीगल कमिटी मुसलमान पक्ष की पूरी सहायता करेगी, वहीं मंगलवार को न्यायालय में जो बातें सामने आई हैं, उनपर काम कर आगे की सहायता करेगी. साथ ही तमाम तरह की बातों को जनता तक पहुंचाया जा रहा है जिससे बटवारा हो, लेकिन जनता के सामने हमारी आवाज पहुंच नहीं पा रही, क्योंकि लोगों को गुमराह किया जा रहा है. इसलिए हम पैम्पलेट, बुक्स व अन्य माध्यमों से डॉक्यूमेंटेशन करेंगे और जनता तक पहुंचाएंगे.

तीसरा हम केंद्र गवर्नमेंट से व अन्य सियासी पार्टियों से इस 1991 वर्शिप एक्ट कानून पर उनका पक्ष जानेंगे.

दरअसल 1991 में तत्कालीन पीएम पीवी नरसिम्हा राव गवर्नमेंट ने पूजा स्थल कानून लेकर आई थी. इस कानून के अनुसार 15 अगस्त 1947 से पहले अस्तित्व में आए किसी भी धर्म के पूजा स्थल को किसी दूसरे धर्म के पूजा स्थल में नहीं बदला जा सकता. यदि कोई ऐसा करने की प्रयास करता है तो उसे एक से तीन वर्ष तक की कारागार और जुर्माना हो सकता है. अयोध्या का मामला उस समय न्यायालय में था इसलिए उसे इस कानून से अलग रखा गया था.

इसके अतिरिक्त बैठक में मुसलमान पर्सनल लॉ बोर्ड भविष्य की कार्रवाई के बारे में निर्णय लिया गया है, बांकी बुधवार को बोर्ड विस्तार से अपने फैसलों को सबके सामने रखेगा, वहीं राष्ट्र में चल रहे मौजूदा मामलों को लेकर रणनीति बनाई गई है.

इस मुद्दे की उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हुई जिसमें न्यायालय ने बोला कि हम नोटिस जारी कर रहे हैं और क्षेत्रीय डीएम को आदेश देना चाहते हैं कि जहां शिवलिंग मिला है, उस स्थान को सुरक्षित रखा जाए. लेकिन, लोगों को नमाज से ना रोका जाए. दरअसल ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है, लेकिन मुसलमान पक्ष का बोलना है कि यह फव्वारा है.

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