यहाँ फ्लाईओवर के पिलर्स पर बनाई गयी है मनमोह लेने वाली चित्रकारी

यहाँ फ्लाईओवर के पिलर्स पर बनाई गयी है मनमोह लेने वाली चित्रकारी

अक्सर आपने कई जगह जैसे रोड किनारे दीवार और फ्लाईओवर पर बहुत खूबसूरत चित्र बने देखें होंगे जो उसकी सुंदरता में चार चाँद लगा देते है। नोएडा को खूबसूरत बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण भी ऐसी कोशिश कर रहा है। इसी तर्ज पर नोएडा में जगह जगह खूबसूरत पेंटिंग बनाई गई हैं और इन सभी पेंटिंग पर आपको अलग-अलग चित्र बने नजर आएंगे। इन चित्रों के माध्यम से लोगों को अलग अलग संदेश देने की कोशिश की गई है।

फ्लाईओवर पर मनमोह लेने वाली चित्रकारी:

नोएडा बाईपास फ्लाईओवर के नीचे करीबन 116 पिलर हैं। इन सभी पिलर्स पर 6 से 7 थीमों को मद्दनेजर रखते हुए ये पेंटिंग बनाई गई हैं। इस रास्ते पर जिला अस्पताल, इस्कॉन मंदिर आदि मुख्य स्थान पड़ते हैं। इन पिलर्स पर मुसाफिरों को कोरोना से जुड़ी पेटिंग नजर आयेगी, वहीं वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और मधुबनी आदि थीम इनमें शामिल हैं।


कृष्णा भगवान से जुड़ी पेंटिंग:

नोएडा इस्कॉन मंदिर के सामने जो पिलर बने हुए हैं वहां कृष्णा भगवान से जुड़ी पेंटिंग बनाई गईं हैं। मंदिर के सामने से गुजरने वाले सभी लोगों को यह पेंटिंग काफी पसंद आ रही है। और अक्सर लोग गुरजते वक्त इन सभी पेंटिंग्स के साथ तस्वीरें भी खिंचते हैं। वहीं जिला अस्पताल के सामने नेचर से जुड़े चित्र देखने को मिलते हैं।


इस वक्त कोरोनावायरस ने पूरी दुनिया मे अपना कहर मचाया हुआ है। वहीं इन पिलर्स पर कोरोना से जुड़ी पेंटिंग भी दर्शायी गई है। जो कि मुंह पर मास्क लगाने के लिए जागरूक करती है। साथ ही नोएडा में काफी इंडस्ट्री भी है। इन पेंटिंग के जरिये इंडस्ट्रीज को भी दशार्या गया है।


ये डॉक्टर बना मानवता की मिशाल, किडनी ट्रांसप्लांट किया, मरीज को खून भी दिया

ये डॉक्टर बना मानवता की मिशाल, किडनी ट्रांसप्लांट किया, मरीज को खून भी दिया

भोपाल हमीदिया हॉस्पिटल को प्रदेश में पहला किडनी ट्रांसप्लांट करने का खिताब मिल चुका है. इस ट्रांसप्लांट यूनिट को प्रारम्भ कराने के लिए डाक्टर हिमांशु शर्मा बीते पांच वर्षों से कोशिश कर रहे थे.
जब पहले ट्रांसप्लांट की घड़ी आई तो मरीज का हीमोग्लोबिन कम निकला. ट्रांसप्लांट के लिए करीब 6 यूनिट ब्लड की आवश्यकता थी. मरीज के बेटे राजीव शर्मा ने कोशिश किया लेकिन ओ पॉजीटिव ग्रुप का ब्लड नहीं मिल पा रहा था जब इसकी जानकारी डाक्टर हिमांशु शर्मा को लगी तो उन्होंने स्वयं ब्लड दिया. बुधवार को हमीदिया में मुरैना से पहुंचे मरीज केशव दत्त शर्मा के संबंधियों ने डाक्टर शर्मा के सरेंडर की सराहना की.


अब मिली सफलता
डाक्टर हिमांशु शर्मा ने 2017 में एमडी करने के बाद हमीदिया हॉस्पिटल में ज्वाइनिंग दी थी. तभी से वे यहां किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट प्रारम्भ करने के कोशिश में जुट गए. डेढ़ वर्ष पहले आई कोविड-19 महामारी ने उनके कोशिश को रोक दिया लेकिन जैसे ही मरीज कम हुए उन्होंने फिर अपनी मुहिम प्रारम्भ की और 7 सितंबर को मुरैना के पोरसा निवासी केशव दत्त शर्मा को उनकी पत्नी की किडनी प्रत्यारोपित कर प्रदेश में पहले सरकारी ट्रांसप्लांट करने वाले हॉस्पिटल में शामिल किया.

तीन दिन में डिस्चार्ज
केशव दत्त शर्मा के बेटे राजीव ने बताया कि दो-तीन दिन में हॉस्पिटल से माता-पिता को डिस्चार्ज किया जाएगा. इस मौके पर पूरा परिवार हॉस्पिटल पहुंचकर डाक्टर हिमांशु और पूरी टीम को धन्यवाद देंगे.