67वीं बीपीएससी परीक्षा के पेपर लीक पर गुरु रहमान ने बोला...

67वीं बीपीएससी परीक्षा के पेपर लीक पर गुरु रहमान ने बोला...

पटनाः 67वीं बीपीएससी (67th BPSC Examination Paper Leak) की पीटी परीक्षा के प्रश्न पत्र के लीक होने के आरोप को लेकर पटना के गुरु रहमान सर (Guru Rahman Sir) ने आयोग और विद्यार्थियों को लेकर बड़ी बात कह दी है रविवार को जब आरा से प्रश्न पत्र के लीक होने की बात मीडिया में आई तो हड़कंप मच गया तरह-तरह की बातें होने लगीं कुछ परीक्षार्थियों ने तो इस परीक्षा को ही स्थगित करने की मांग कर दी इस बीच गुरु रहमान का भी बयान आया है

दरअसल, 67वीं बीपीएससी परीक्षा के पेपर लीक पर गुरु रहमान ने बोला कि जब उन्होंने दो बजे पेपर देखा तो उन्हें काफी खुशी हुई कि जो उन लोगों ने पढ़ाया था उसी हिसाब से आया है इसके बाद कुछ मीडिया वालों ने दिखाया कि 11.40 में पेपर आउट हो गया यदि 11.40 में पेपर आउट हो जाता है बीपीएससी का तो ये 73 वर्ष के इतिहास में इससे बुरा दिन बिहार के लिए कभी नहीं आया होगा

छात्र ना करें हिंसात्मक बवाल

गुरु रहमान ने बोला कि ये ‘पढ़ेगा बिहार, बढ़ेगा बिहार’ की नाटकबाजी है यदि 11.40 में पेपर आउट हुआ है तो नीतीश कुमार को बीपीएससी के अध्यक्ष, सचिव या जो भी सेटर है उसकी अविलंब गिरफ्तारी की जाए उन्होंने बोला कि आरा में बवाल हुआ है तो स्टूडेंट बवाल करें हिंसात्मक बवाल ना करें, हिंसा से बवाल करेंगे तो आवाज को दबा दिया जाएगा

गुरु रहमान ने आगे बोला कि पेपर लीक की खबरें आना दुर्भाग्यपूर्ण है मैं 24 वर्ष से पढ़ा रहा हूं लेकिन 73 वर्ष के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ चोर जाएगा तो चोरी नहीं करेगा तो क्या करेगा सीएम नीतीश कुमार को इस मुद्दे में स्वतः संज्ञान लेना होगा, नहीं तो कोई सुधरने वाला नहीं है


पटना की पहली वुड वुमन लूसी

पटना की पहली वुड वुमन लूसी

पटना की पहली वुड वर्कर लूसी के काम करने के अंदाज को देख कोई भी उनका दीवाना हो जाएगा.

बढ़ईगीरी हमेशा से एक पुरुष प्रधान उद्योग रहा है, लेकिन पटना की एक ऐसी स्त्री जो बढ़ईगीरी के पेशे में आकर सभी रूढ़ियों को तोड़ रही हैं. अनिशाबाद की रहने वाली लूसी जिसने 2017 में अपने पति को खोया जिसके बाद घर को चलाने वाला कोई ना था. 35 वर्ष की लूसी के लिए काफी मुश्किल था ऐसे समाज में रहकर ये सब कर पाना, जहां स्त्री मजदूरी तो कर सकती है लेकिन बढ़ई का काम नहीं कर सकती. पति के चले जाने के बाद लूसी अकेले पर गई, घर में खाने तक के पैसे ना थे, एक तरफ ये समाज की बंदिशे और दूसरी तरफ लूसी को निहारते हुए उसके चार मासूम बच्चे. इसके बाद लूसी अपने चारों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन रात मेहनत करने लगी और बढ़ई का काम प्रारम्भ कर दिया.सी अपने चारों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन रात मेहनत करने लगी और बढ़ई का काम प्रारम्भ कर दिया.भास्कर से वार्ता में लूसी बताती है की पति के गुजर जाने के बाद दो समय की रोटी का व्यवस्था करना भी काफी कठिनाई था. चार बच्चों के भोजन-पानी की चिंता थी इसलिए, समाज में लगे बंदिशों को तोड़कर अपने पैर पर खड़ा होने का निर्णय किया. इस काम को सीखने के लिए मैंने किसी तरह की ट्रेनिंग नही ली बस मुझे लगा की मैं यह कर सकती हूं तो मैने इस काम को करना प्रारम्भ कर दिया. आज इस काम के जरिए अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रही हूं और साथ ही यह बिजनेस भी काफी अच्छा चल रहा है. आज मैं पलंग, सोफा, डाइनिंग टेबल, आदि फर्निचर की सारी चीज़े स्वयं तैयार करती हुं.भास्कर से वार्ता में लूसी बताती है की पति के गुजर जाने के बाद दो समय की रोटी का व्यवस्था करना भी काफी कठिनाई था.

स्वाभिमान के साथ काम करती है लूसी

पटना की पहली वुड वर्कर लूसी के काम करने के अंदाज को देख कोई भी उनका दीवाना हो जाएगा. लूसी मेहनत के अतिरिक्त काफी स्वाभिमान से काम करती है. लकड़ियों से एक से बढ़कर एक डिजाइन की फर्नीचर चंद घंटों में तैयार कर देती है. जब वो लकड़ियों पर कारीगरी करती है तो इतने लगन से अपने कामों में डूब जाती है की उसे अपने आस पास कुछ नहीं दिखता.