अगर बार-बार लगने वाली सर्दी-जुकाम से हैं परेशान तो आज ही करें रामबाण उपाय

अगर बार-बार लगने वाली सर्दी-जुकाम से हैं परेशान तो आज ही करें रामबाण उपाय

अक्सर मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम की समस्या होना आम है। ऐसा होने पर ये घरेलू उपाय अपनाकर देखें काफी राहत मिलेगी। इस असरकारक दवा को बनाने कि लिए सामग्री किचन में ही मिल जाएगी। इस बनाने के लिए लें अदरक, दालचीनी, चक्रफूल, शहद, ऐपल साइडर विनेगर, नींबू और पानी आदि।

आज ही करें रामबाण उपाय

एक अदरक का टुकड़ा लें। इसे अच्छे से धोकर बिना छीले काट लें। अब चार कप पानी लें इसमें अदरक, दो दालचीनी के टुकड़े और दो चक्रफूल डालकर उबाल लें। अब इसे 10 मिनट तक रखा रहने दें। इस मिश्रण को कप में छान लें और इसमें दो चम्मच शहद, दो चम्मच ऐपल साइडर विनेगर और आधे नींबू का रस मिलाएं। 


इसे आप गरम या कमरे के तापमान पर ठंडा करके ले सकते हैं। यह सर्दी-जुकाम के लिए बेहद कारगर उपाय है। अदरक और दालचीनी आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। 


जीवन को निरोगी, सुखद और सुंदर बनाना है तो रोज करें ये योग

जीवन को निरोगी, सुखद और सुंदर बनाना है तो रोज करें ये योग

योग सिर्फ आसन नहीं है। योग में यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, क्रिया, मुद्रा आदि सभी का समावेश है। सभी को अपनाकर ही कोई व्यक्ति योगी बनता है। लेकिन आधुनिक मनुष्य के लिए यह सब संभव नहीं है। इसीलिए हमने योग के कुछ चुनिंदा क्रियाओं को यहां संक्षिप्त में बताया है। इन्हें अपनाकर आप जीवनभर निरोगी और खुश तो रहेंगे ही साथ ही आप जीवन के हर क्षेत्र में सफल होने की क्षमता भी हासिल कर लेंगे।  

रोज करें ये योग:

यम और नियम : यम पांच है: अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह। नियम भी पांच है: शौच, संतोष, तप, स्वाध्याय और ईश्वर प्राणिधान। जिनमें से आप सत्य और शौच को अपना सकते हैं।   

आसन : आसन या योगासन तो कई है लेकिन सूर्य नमस्कार में लगभग अधिकतर आसनों का समावेश है। प्रतिदिन सूर्य नमस्कार और शवासन को करके आप शारीरिक और मानसिक रूप में सुदृढ़ हो सकते हैं।

प्राणायाम : प्राणायम भी कई है लेकिन नियमित रूप से नाड़ीशोधन प्राणामाम किया जाना चाहिए। यह उम्र और आत्मविश्वास बढ़ाने तथा तनाव घटाने में सहायक है। 

प्रत्याहार : वासनाओं की ओर जो इंद्रियाँ निरंतर गमन करती रहती हैं, उनकी इस गति को अपने अंदर ही लौटाकर आत्मा की ओर लगाना या स्थिर रखने का प्रयास करना प्रत्याहार है।

 क्रिया : क्रियाएं महत्वपूर्ण होती है। नेती, धौति, बस्ती, न्यौली, त्राटक, कपालभाति, धौंकनी, बाधी, शंख प्रक्षालयन आदि योग की क्रियाएं हैं। उक्त क्रियाओं से शरीर की आंतरिक शुद्धि होती है।

मुद्रा : मुद्राएं दो तरह की होती है। एक योगमुद्रा और दूसरी हस्तमुद्रा। आप सभी तरह की हस्तमुद्राएं आसानी से सीख सकते हैं। प्रत्येक मुद्रा के चमत्कारिक लाभ मिलते हैं।


गर्मियों में बीमारियों से बचने के लिए ध्यान रखें ये विशेष बातें       राजेश खन्ना के बंगले में जमीन पर बैठते थे डायरेक्टर-प्रोड्यूसर       अथिया शेट्टी ने किया rumoured बॉयफ्रेंड KL Rahul को बर्थडे विश       रिजिजू ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में डबल डिजिट में पदक आने की उम्मीद       कुम्भ मेले से लौटने वाले लोग बढ़ा सकते हैं कोरोना महामारी को : संजय राउत       अखिलेश ने कहा कि लखनऊ कैंसर इंस्टीट्यूट को कोरोना मरीजों के लिए खोले योगी सरकार       राज ठाकरे ने कहा कि प्रवासी मजदूर हैं महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के तेजी से फैलने के लिए जिम्मेदार       योगी सरकार के मंत्री ने ही लखनऊ में कोरोना हालात पर उठाए सवाल, CM पृथक-वास में       किसी वर्ग का नहीं, सबका होता है मुख्यमंत्री: योगी आदित्यनाथ       यूपी में कोरोना का कहर, योगी सरकार ने उठाए ऐहतियाती कदम       रमजान समेत अन्य त्योहारों को लेकर बोले सीएम योगी       उत्तरप्रदेश में टूटा Corona का कहर, एक दिन में मिला इतने नए केस       दिल्ली के बाद UP में भी लगा Lockdown, बंद रहेंगे सभी बाजार और दफ्तर       High Level मीटिंग के दौरान Nude दिखे कनाडा के सांसद       हवा के जरिए फैलता है कोरोना, 'द लांसेट' की रिपोर्ट में मिले पक्के सबूत       कोरोना वायरस रोधी टीके है कम असरदार, चीन के अधिकारी का दावा       रेप की घटनाओं पर इमरान खान का बेतुका बयान, कहा...       फ्रांस से तीन और राफेल विमान बिना रुके पहुंचे भारत       हर्षवर्धन ने साधा निशाना, मोदी सरकार को रास नहीं आए मनमोहन के कोरोना पर सुझाव       अभी अभी: मनमोहन सिंह कोरोना वायरस से संक्रमित, एम्स में भर्ती