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चाइना हुआ नए वायरस का शिकार

चाइना हुआ नए वायरस का शिकार

नई दिल्ली/बीजिंग: एक तरफ बढ़ रहा कोरोना का प्रकोप अब इतना बढ़ चुका है। कि हर तरफ केवल तवाही का मंज़र देखने को मिल रहा है। जंहा अब तक इस वायरस से मरने वालों कि संख्या 17000 से अधिक हो चुकी है। वहीं अब कोरोना वायरस के बाद चाइना पर अब हंता वायरस का कहर प्रारम्भ हो गया है। चूहों से फैलने वाले इस वायरस की चपेट में आकर चाइना के दक्षिण पश्चिमी प्रदेश युन्नान में एक आदमी की मृत्यु हो गई है जबकि कई लोगों के इससे संक्रमित होने की संभावना है।

बस में पीड़ित की तबियत हो गई खराब, 32 अन्य की भी जांच: मिली जानकारी के अनुसार इस बात का पता चला है कि हंता वायरस का शिकार बना आदमी शैनडोंग प्रदेश से बस से आ रहा था। रास्ते में उसकी तबियत बिगड़ गई। जाँच होने पर वह हंता वायरस से पीड़ि‍त पाया गया। इस बस में सवार 32 अन्य लोगों की भी जाँच की गई। ट्वीट में इसके आगे की जानकारी नहीं दी गई।

चूहों से फैलता है यह वायरस: वहीं यह भी बोला जा रहा है कि अमेरिका की शीर्ष स्वास्थ्य संस्था सेंटर्स फार डिसीज कंट्रोल एंड प्रेवेंसन के अनुसार चूहों से फैलने वाले इस वायरस से मानव शरीर में कई बीमारियों के लक्षण पैदा हो सकते हैं। यह वायरस मुख्यत: फेफेड़ों को प्रभावित करता है।

अमेरिका में है न्यूव‌र्ल्ड हंता वायरस नाम: चूहों में पनपने वाला यह वायरस अमेरिका में न्यूव‌र्ल्ड हंता वायरस के नाम से जाना जाता है। चूहों, छछूंदर और गिलहरी की प्रजाति पर भिन्न-भिन्न हंता वायरस पनपता है। यह उनके मल, मूत्र, लार के सम्पर्क में आने या उनके काटने से होने कि सम्भावना है।


कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में इस ​देश के पीएम ने किया फैसला!

कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में इस ​देश के पीएम ने किया फैसला!

नई दिल्ली: संक्रमण संसार भर में तेजी से फैल रहा है। वहीं इस ​वायरस के विरूद्ध लड़ाई में फ्रंट लाइन पर हैं डॉक्टर्स। ये दिन रात अपनी जान की परवाह किए बगैर मरीजों के उपचार में जुटे हैं। ऐसे ही एक चिकित्सक हैं, आयरलैंड के पीएम लियो वरडकर (Leo Varadkar) जो देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब खुद फ्रंट लाइन पर उतरे हैं। पॉलिटिक्स में आने से पहले वह चिकित्सक थे व अब कोरोना के ​खिलाफ जंग में खुद मोर्चे पर हैं।  

बता दें कि आयरलैंड डॉक्टरों की कमी का सामना कर रहा है व यहां के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपील की है कि जो हेल्थ एक्सपर्ट्स अभी अपनी सेवाएं नहीं दे रहे, वो खुद को दोबारा हेल्थ सर्विस के लिए रजिस्टर करवाएं।

हर सप्ताह एक शिफ्ट में कार्य करेंगे

41 वर्ष के पीएम वरडकर के बारे में सबसे खास बात ये है कि वह भारतीय मूल के हैं। पीएम वरडकर के पिता भारतीय चिकित्सक थे, जबकि मां आयरलैंड की नर्स थीं। वहीं कैथोलिक देश आयरलैंड में वह पहले गे पीएम हैं। आयरलैंड के पीएम लियो अपने देशवासियों के लिए एक बार फिर अपने डॉक्टरी के पेशे में लौटे हैं। उन्होंने देश की हेल्थ सर्विस में चिकित्सक के रूप में खुद को दोबारा रजिस्टर करवाया है। वह इस महामारी के प्रकोप से लड़ने में हर सप्ताह एक शिफ्ट में कार्य करेंगे।

राजनीति में आने से पहले 7 वर्षों तक प्रैक्टिसिंग डॉक्टर 

राजनीति में आने से पहले वरडकर 7 वर्षों तक एक प्रैक्टिसिंग चिकित्सक रहे हैं। वह डबलिन के सेंट जेम्स अस्पताल व कोनोली अस्पताल में जूनियर चिकित्सक के तौर पर कार्य कर चुके हैं। लियो ने खुद ये प्रस्ताव दिया कि जिस क्षेत्र में उन्हें स्पेशियलाइजेशन मिला हुआ है, उसमें वह अपनी सेवाएं देना चाहते हैं।  

यहां बता दें कि पीएम लियो वरडकर के परिवार के कई लोग व उनके दोस्त भी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हुए हैं। पीएम इस कठिन वक्त में अपने देश को सेवाएं देना चाहते हैं। चिकित्सक के तौर पर वह ऐसे लोगों को फोन पर सलाह देंगे, जो कोरोना वायरस से संक्रमित हैं।

आयरलैंड में ​कोविड 19 से संक्रमित लोगों की संख्या 5,000 तक पहुंच गई हैं। कोरोना से अब तक यहां 158 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।