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NSA ओ'ब्रायन ने सैंडर्स के आरोपों को किया खारिज, बोले...

NSA ओ'ब्रायन ने सैंडर्स के आरोपों को किया खारिज, बोले...

नई दिल्ली/वाशिंगटन: अमरीका में 2020 के अंत में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं. उससे पहले सियासी आरोप-प्रत्यारोप प्रारम्भ हो गया है. अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( US President Donald Trump ) के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ( NSA ) रॉबर्ट ओ'ब्रायन ( US National Security Advisor Robert O'Brien ) ने डेमाक्रेटिक नेता बर्नीं सैंडर्स ( Democratic leader Bernie Sanders ) के आरोपों को खारिज कर दिया.

उन्होंने बोला कि आगामी राष्ट्रपति चुनाव ( US Presidential Election ) में ट्रंप को जिताने के लिए रूसी मदद मिलने की बात पूरी तरह से गलत है व इस तरह के किसी भी साक्ष्य होने से मना किया है. ओ'ब्रायन ने बोला कि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि रूस ट्रंप को फिर से राष्ट्रपति पद पर काबिज होने में मदद करेगा.

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, एबीसी न्यूज ने रविवार को प्रसारित होने वाले रॉबर्ट के इंटरव्यू के प्रतिलेख को जारी किया, जिसके दौरान रॉबर्ट ने बोला कि उन्हें 2020 के अमरीकी चुनाव में रूस के संभावित हस्तक्षेप के बारे में नहीं पता है.

अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप?

रॉबर्ट ओ'ब्रायन ने बोला कि मुझे कोई खुफिया जानकारी नहीं मिली है कि रूस राष्ट्रपति ट्रंप को फिर से जिताने के लिए कुछ भी कर रहा है. रॉबर्ट ने कहा, 'रूसियों के लिए हमारा संदेश है कि अमरीकी चुनावों से दूर रहें. हम रूस पर बहुत कठोर रहे हैं व हम चुनाव सुरक्षा के मुद्दे में अच्छे रहे हैं.’

इससे पहले इस हफ्ते की आरंभ में न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि हाल ही में खुफिया अधिकारियों ने हाउस इंटेलिजेंस कमेटी को ट्रंप को फिर से राष्ट्रपति चुनाव जिताने के लिए रूसी दखल के बारे में जानकारी दी थी. ट्रंप ने शुक्रवार की एक ट्वीट में मीडिया रिपोर्ट को खारिज कर दिया व इसे कांग्रेस पार्टी में डेमोक्रेटिक सांसदों द्वारा प्रारम्भ किया गया 'गलत सूचना अभियान' बताया.

आपको बता दें कि इससे पहले 2016 के अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप का आरोप लगा था. डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगा कि उन्होंने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान रूस की मदद ली. हालांकि इसको लेकर बाद में एक जाँच समिति बनाई गई.

बीते साथ मूलर रिपोर्ट सामने आया जिसमें ये बात कही गई कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप का कोई भी ठोस सबूत नहीं मिले हैं व न ही ट्रंप के संलिप्तता की बात पाई गई. लिहाजा ट्रंप को उस मुद्दे से रिहा कर दिया गया. लेकिन इसके बावजूद भी डेमोक्रेटिक पार्टी लगातार ये कहती रही है कि रूस ने ट्रंप को लाभ पहुंचाने के लिए चुनाव में मदद की थी.


अमेरिका के सुरों में चाइना के प्रति आया बदलाव

अमेरिका के सुरों में चाइना के प्रति आया बदलाव

नई दिल्ली/वाशिंगटन: एकाएक बढ़ा ही जा रहा कोरोना का प्रकोप आज पूरी संसार के लिए महामारी का रूप लेता रहा है। वही इस वायरस की चपेट में आने से अब तक 88000 से अधिक मौते हो चुकी है। लेकिन अब भी यह मृत्यु का खेल थमा नहीं है। इस वायरस ने आज पूरी संसार को हिला कर रख दिया है। कई राष्ट्रों के अस्पतालों में बेड भी नहीं बचे है तो कही खुद डाक्टर इस वायरस का शिकार बनते जा रहें है। वहीं कोविड 19 को चीनी वायरस बताने वाले अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के सुरों में चाइना को लेकर दिखाई देने वाली आक्रामकता अब आकस्मित खत्‍म हो गई है। चाइना के राष्‍ट्रपति शी चिनफिंग के साथ बात करने के बाद यह बदलाव दिखाई दिया है। इसके बाद सेक्रेट्री ऑफ स्‍टेट माइक पोंपेइ ने बोला कि कोरोना वायरस की समस्‍या वैश्विक समस्‍या है। इस वक्‍त आवश्यकता है कि सभी देश एक साथ मिलकर इसको खत्‍म करने के लिए कार्य करें। उन्‍होंने ये बयान चाइना के संदर्भ में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दिया था।

मिली जानकारी के अनुसार मार्च को राष्‍ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कोरोना वायरस का चीनी वायरस का नाम दिया था। उन्‍होंने बोला था कि चाइना ने इसको पूरी संसार में फैलाने का कार्य किया है। इसके बाद चाइना ने भी जवाबी हमला कहा था। ये सिलसिला लगातार बहुत ज्यादा दिनों तक चलता रहा था। इतना ही नहीं जब चाइना के व्यक्तिगत प्रोटेक्टिव इक्‍यूपमेंट में कमी की बात कहकर उनको वापस किया जाने लगा तब भी चाइना ने इसको लेकर अमेरिका पर उसके विरूद्ध साजिश रचने का आरोप लगाया था। जहां तक ट्रंप की बात है तो वो जो शब्‍द अपने बयानों में इस्‍तेमाल करते हैं उसको अब पूरी संसार जान चुकी है। चीनी वायरस का जिक्र उन्‍होंने केवल एक बार नहीं बल्कि कई बार किया था। लेकिन वैसे अब दोनों ही नेता इसको तूल नहीं देना चाहते हैं।

गौरतलब है कि इस वायरस को लेकर जहां अमेरिका ने चाइना पर आरोप लगाया था वहीं चाइना ने भी अमेरिका पर दोषारोपण किया था। चाइना की तरफ से बोला गया था कि अमेरिका ने साजिश के तौर पर इस वायरस को चाइना के वुहान में फैलाया था। के मुताबिक अमेरिका में उपस्थित चाइना के राजदूत क्‍यूई तियानकई का इस विषय में दिया गया बयान बेहद सियासी था। उन्‍होंने विदेशी मीडिया से वार्ता के दौरान चाइना के अमेरिका के प्रति प्रेम की बात की व बोला कि चाइना अमेरिका के हित के लिए हर संभव प्रयास करेगा।