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ऐसे करें इम्तिहान की तैयारी, गारंटेड होगा सिलेक्शन

ऐसे करें इम्तिहान की तैयारी, गारंटेड होगा सिलेक्शन

पटवार भर्ती इम्तिहान के लिए आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों के लिए समय बहुत कीमती है. समय के अनुसार ही पाठ्यक्रम में दिए गए विषयों का वर्गीकरण करें.

संधि: संधि के भीतर नियमों के साथ ही वर्तनीगत शुद्धता का ध्यान रखना अत्यावश्यक है. संधि शब्दों का संधि विच्छेद तथा संधि विच्छेद से संधि शब्दों के निर्माण का ज्ञान अत्यावश्यक है. संधि के भीतर संस्कृत व्याकरण के नियमों की अपेक्षा हिंदी व्याकरण के नियमों को अहमियत दी जानी चाहिए. उपसर्ग और प्रत्यय: उपसर्ग के बिंदु में उपसर्गों से शब्दों का निर्माण और उपसर्गयुक्त शब्दों में उपसर्ग और मूल शब्द को पृथक करने का ज्ञान आवश्यक है. प्रत्यय की इकाई में प्रत्यय के भेदों और उपभेदों का ज्ञान आवश्यक है. पारिभाषिक शब्दों, वाक्यांश के लिए एक शब्द, वाक्य शुद्धि, पर्यायवाची, विलोम शब्द तथा युग्म शब्दों को दिनचर्या में शामिल किया जाना हितकर होता है. पारिभाषिक शब्द, पर्यायवाची शब्द आदि बिंदुओ को इम्तिहान तक के लिए टालने की प्रवृति से बचकर नियमित रूप से हर बिंदु से 50-50 शब्दों को याद किया जाना महत्वपूर्ण है तथा साप्ताहिक और मासिक रूप से इनका दोहरान करने की प्रवृति विकसित करने का कोशिश करना चाहिए.

भूगोल: पटवार भर्ती इम्तिहान में भूगोल विषय की जरूरी किरदार है. इस इम्तिहान में भूगोल दो स्तर पर पूछा जाएगा. हिंदुस्तान एवं राजस्थान. इन दोनों स्तर की बेहतरीन तैयारी आवश्यक है. चूंकि पाठ्यक्रम में भौगोलिक विशेषताएं है, इसलिए अभ्यर्थियों को हिंदुस्तान की अवस्थिति, विस्तार, हिंदुस्तान का भूगर्भिक विकास एवं भौतिक विभाजन, राजस्थान का भौतिक विभाजन, हिंदुस्तान एवं राजस्थान की मृदाएं, वनस्पति, खनिज संसाधन इत्यादि बिंदू एनसीइआरटी एवं राजस्थान बोर्ड या अन्य पुस्तकों से इसे दुबारा पढ़कर तत्पश्चात उन्हें समझकर, संक्षिप्त एवं सारगर्भित नोट्स बना लेने चाहिए, ताकि बार-बार दुहराव कर यहां बेहतर किया जा सके.

कम्प्यूटर विज्ञान: पटवार भर्ती प्रतियोगिता परीक्षाओं में कम्प्यूटर विज्ञान विषय से संबंधित प्रश्नों की तैयारी के लिए कम्प्यूटर का इतिहास, विशेषताएं, प्रकार, इनपुट/आउटपुट डिवाइस, मैमोरी, सीपीयू आदि बिंदुओं को सीबीएसइ तथा आरबीएसइ बोर्ड में प्रयुक्त पुस्तकों से नोट्स बनाकर समझने की जरूरत है. तथा सॉफ्टवेयर के मुख्य प्रकार जैसे सिस्टम सॉफ्टवेयर, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर तथा सिस्टम यूटिलिटी सॉफ्टवेयर का भी स्तरीय किताबों से तुलनात्मक अध्ययन करने की अति जरूरत है. एमएस कार्यालय में एमएस वर्ड, एमएस एक्सएल, एमएस पॉवर पॉइंट आदि में मौजूद प्रत्येक मिन्यू के मॉडल्स का प्रायोगिक अध्ययन करना चाहिए.

समसामयिकी: नियमित रूप से दैनिक खबर लेटर का गहन अध्ययन, तदुपरांत मुख्य-मुख्य बिंदुओं को एक बुकलेट में नोट करने की आदत अभ्यर्थियो को बना लेनी चाहिए. साथ ही साथ राष्ट्रीय स्तर की घटनाओं की कोई मासिक पत्रिका का अध्ययन इस भाग को मजबूत कर देता है. अभ्यर्थियों को चाहिए कि वे इम्तिहान से अच्छा एक साल पूर्व तक की समसामयिक घटनाएं जैसे-पुरस्कार, खेल, पुस्तके, चर्चित स्थान, घटनाएं, कानून तथा चर्चित मामले इत्यादि पर नजर बनाए रखे.


लॉकडाउन में औनलाइन सुनें संकटमोचन संगीत समारोह

लॉकडाउन में औनलाइन सुनें संकटमोचन संगीत समारोह

हनुमान जन्मोत्सव २०२० (Hanuman Janmotsav 2020): आज हनुमान जयंती है लेकिन कोरोना वाराणसी वायरस के वजह से लगे लॉकडाउन के चलते सारे धार्मिक प्रोग्राम व आयोजन रद्द कर दिए आगये हैं। हनुमान जयंती पर हर वर्ष वाराणसी का मशहूर संकटमोचन संगीत समारोह आयोजित होता है। लेकिन इस वर्ष लॉकडाउन के कारण आप घर बैठे ही औनलाइन माध्यम के जरिये संकटमोचन संगीत समारोह का आनंद ले सकेंगे। मशहूर संगीतकार वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हनुमान जी के भजन पेश करेंगे।

कार्यक्रम में ये कलाकार देंगे औनलाइन प्रस्तुति:
पंडित जसराज अमेरिका से ही संगीत समारोह में शामिल होंगे, इसके अतिरिक्त गायन में प। राजन-साजन मिश्र, पं। अजय पोहनकर, पं। अजय चक्रवर्ती, उस्ताद राशिद खां, अरमान खां, सुश्री कौशिकी चक्रवर्ती, पं। उल्लास कसालकर , वादन में श्री यूं राजेश-शिवमणि, पं। विश्वजीत राय चौधरी, पं। निलाद्री कुमार, श्री शाकिर खां, उस्ताद मोईनुद्दीन खा-मोमिन खां, पं। भजन सोपोरी-अभय सोपोरी अपनी प्रस्तुति देंगे। नृत्य में पं। राममोहन महराज, पं। कृष्णमोहन महराज के अतिरिक्त तबला पर पं। कुमार बोस, पं। सुरेश तलवलकर, पं। अनिंदों चटर्जी-अनुब्रत चटर्जी, पं। समर साहा, पं। संजू सहाय व उस्ताद अकरम खां-जरगाम खां भी अपनी प्रस्तुति पेश करेंगे।

संकटमोचन मंदिर कॉन्फ्रेंसिंग के अन्य डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रसारित करेगा, ताकि हनुमान जी के भक्त व संगीतप्रेमी लाखों लोगों तक यह पहुंच सके। इस बार का आयोजन 12 से 17 अप्रैल तक छह दिवसीय होगा।

सुबह 6 बजे से हनुमान जी का पूजन-अर्चन व बैठकी की झांकी होगी। प्रातः काल 7 बजे से रामायण का पूजन-अर्चन व मानस का एकाह पाठ, रामार्चा पूजन आदि धार्मिक अनुष्ठान पहले की होगी। 9 से 11 अप्रैल तक प्रतिदिन पारंपरिक रूप से रामायण सम्मेलन होगा। मंदिर में ही व्यास जी रामचरित मानस का कथा हनुमान जी को सुनाएंगे। लॉकडाउन चलते यह प्रक्रिया मंदिर के अंदर मंदिर के पुजारी ही करेंगे।

महंत जी ने लोगों से बोला है कि लॉकडाउन का पालन करें व घर पर ही हनुमान जयंती मनाएं व अपनी श्रद्धा और भक्ति घर से ही अर्पित करें। हनुमान जी से कामना करें कि दुनिया इस संकट से जल्द उबरे। उन्होंने बोला कि गोस्वामी तुलसीदास महाराज ने हनुमान जी का नाम संकटमोचन रखा व वह उन्हें सीता माता का वरदान भी प्राप्त है। बजरंगबली इस संकट को काटने में सक्षम हैं। बस उनको बार-बार इस बात की याद दिलानी होती है।