NSA ओ'ब्रायन ने सैंडर्स के आरोपों को किया खारिज, बोले...       शत्रुघ्न सिन्हा ने PAK राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से की मुलाकात, कहा...       मरने वालों की 2,442 हुई संख्या, कोरोना ने निगली कई जिंदगियां       कोरोना से भयभीत हुआ चीन, चिनफिंग बोले...       मोदी के रहते कश्मीर में कुछ नहीं हो सकता : इमरान खान       रेप के बाद नाबालिग ने दिया बेटी को जन्म, फिर किया ये काम       एक दिन के नवजात मासूम को मिली ऐसी सजा, सुनकर हो जाएंगे हैरान       कमरे में अकेली बेटी को देख बिगड़ गई पिता की नियत       मुख्यमंत्री नितीश कुमार का बड़ा बयान, कहा...       संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा...       विपक्ष पर हमलावर हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया, कहा...       कितनी दूर है दिल्ली से अमेरिका, ट्रंप के दौरे से पहले गूगल पर सर्च कर रहे लोग       इस बार दिल्ली में रामवीर सिंह विधूड़ी को मिला मौका       अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हिन्दी में ट्वीट पर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी बोले...       मनमोहन सिंह ने कहा कि अब तक 9 भारतीय प्रधानमंत्रियों ने किया अमेरिकी दौरा       US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप भी खाएंगे हरिओम के पान       नियॉन रंग की टाई में दिखें डोनाल्ड ट्रंप, सफेद रंग के जंपसूट में हिंदुस्तान पहुंची मेलानिया ट्रंप       ओबामा को परोसी गई थी ये फिश, ट्राउट का स्वाद नहीं चख पाएंगे ट्रंप       आज के दिन श्रीदेवी ने संसार को किया था अलविदा       बिग बॉस 13 से निकलते ही जमकर प्रसिद्ध हुए आसिम रियाज      

पीएम मोदी से सभी भारतीय भाषाओं में कर सकेंगे शिकायत

पीएम मोदी से सभी भारतीय भाषाओं में कर सकेंगे शिकायत

नई दिल्ली: लोग जल्द ही केन्द्र सरकार के विभागों से जुड़ी शिकायतें भारतीय भाषाओं में कर सकेंगे. कार्मिक विभाग द्वारा जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई है. शुक्रवार को फेसबुक लाइव सत्र में भाग लेते हुए कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने बोला कि सरकार का मकसद आखिरी कतार में खड़े अंतिम आदमी तक पहुंचना है.

उन्होंने बोला कि इस व्यवस्था से सरकार के लिए अधिकतम लोगों तक पहुंचना संभव होगा, शासन में पारदर्शिता आएगी व नागरिकों के साथ सीधे संवाद में मदद मिलेगी. सिंह ने आश्वासन दिया कि केंद्रीकृत सार्वजनिक शिकायत समाधान व निगरानी प्रणाली के पोर्टल पर भारतीय भाषाओं में शिकायतें दर्ज करने के लिए कोशिश किए जा रहे हैं. इस प्रक्रिया में व तेजी लाई जाएगी. उन्होंने बोला कि कई राज्यों ने निगरानी प्रणाली का मॉडल अपनाया है व वहां क्षेत्रीय भाषाओं में शिकायतें दर्ज की जा रही हैं.


एक दिन के नवजात मासूम को मिली ऐसी सजा, सुनकर हो जाएंगे हैरान

एक दिन के नवजात मासूम को मिली ऐसी सजा, सुनकर हो जाएंगे हैरान

मंदसौर: यह समाचार बीते रविवार शाम के समय कोई नवजात बच्चे को मसजिद के पास नाली में फेंक कर चला गया था। वहीं, जब रोने की आवाज आई तो रहवासी एकत्र हो गए, परन्तु उसे उठाने की किसी ने हौसला तक नहीं जुटाई थी। इसी दौरान हब्बन आपा (75) ने कागज की सहायता से नवजात को बाहर निकाला। उसे अस्पताल में भर्ती कराया। 6 संतानों को जन्म देने वाली हब्बन अम्मा ने बच्चे को गोद लेने की भी ख़्वाहिश जताई हैं।

शामगढ़ अस्पताल के बीएमओ डाक्टर राकेश पाटीदार ने बोला कि अस्पताल लाते समय बच्चे की हालत गम्भीर थी। वहीं थोड़ी-सी भी देरी बच्चे की जान को खतरे में डाल सकती थी। उसके हाथ-पैर नीले पड़ने लग गए थे। नवजात बच्चे को आक्सीजन देकर प्राथमिक उपचार किया गया फिर आईसीयू की सुविधा के लिए 108 एम्बुलेंस की सहायता से नवजात को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया था। जहां डॉक्टरों ने चेकअप के पश्चात् उसे भर्ती कर लिया। नवजात अब पूरी तरह स्वस्थ माना जा रहा है।

केंद्रीय दत्तकग्रहण अभिकरण (कारा) एक पोर्टल है। वहीं शिशु गृहों में निवासरत बच्चे इस पर अपलोड होते हैं। गोद लेने के लिए औनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है। वहीं, प्रतीक्षा सूची मुताबिक कारा के माध्यम से बच्चे आवंटित हाेते हैं। शामगढ़ थाना एसआई गौरव लाड़ ने बोला मसजिद समेत आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जाँच की है। इसमें 2 महिलाएं और एक पुरुष दिखाई दे रहे हैं। वहीं जल्द ही इस मुद्दे का खुलासा करेंगे।

जेजे एक्ट में यह प्रावधान है कि कोई बच्चे को समर्पित कर सकता है। जिले में 38 शिशु स्वागत केन्द्र हैं। जहां बगैर पहचान व वजह बताए बच्चे को छोड़ा जा सकता है। किसी नवजात की जान लेना गंभीर क्राइम में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार कोई मां इतनी क्रूर नहीं होती जो बच्चे को फेंक दे। महिला कहीं न कहीं सामाजिक बुराइयों की शिकार होगी। वह अविवाहित या विधवा हो सकती है। जो किसी मज़बूरी के तरह यह कदम उठाया होगा।

Loading...