अजिंक्य रहाणे को कब भारतीय टीम से कर देना चाहिए बाहर, वीरेंद्र सहवाग ने तय कर दिया समय

अजिंक्य रहाणे को कब भारतीय टीम से कर देना चाहिए बाहर, वीरेंद्र सहवाग ने तय कर दिया समय

भारतीय टेस्ट टीम के उप-कप्तान व मध्यक्रम के बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने इंग्लैंड दौरे पर चार मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान अपने प्रदर्शन से बेहद निराश किया। उनके लगातार खराब प्रदर्शन के बाद ये बातें सामने आने लगी कि, आखिर उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका दिया ही क्यों जा रहा है और उन्हें टीम से बाहर कर देना चाहिए। हालांकि उनके खराब प्रदर्शन के बावजूद उन्हें टीम मैनेजमेंट ने बार-बार भरपूर मौके दिए, लेकिन वो हर बार उम्मीदों को तोड़ते रहे। 

अब टीम इंडिया के पूर्व ओपनर बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने बताया कि, आखिर कब रहाणे को टेस्ट टीम से बाहर कर देना चाहिए। सहवाग के मुताबिक रहाणे को भारत में खेले जाने वाले अगले टेस्ट सीरीज में मौका दिया जाना चाहिए, लेकिन अगर वो यहां पर भी फेल रहते हैं तो उन्हें जाने के लिए कह देना चाहिए। इंग्लैंड दौरे पर चार टेस्ट मैचों में 109 रन बनाने वाले रहाणे क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में पिछले कई साल से भारत के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं। हालांकि वो बार-बार मौके दिए जाने के बाद भी लगातार रन बनाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं।

सहवाग ने सोनी स्पोर्ट्स पर बात करते हुए कहा कि, हर कोई बुरे दौर से गुजरता है। सवाल यह है कि आप अपने खिलाड़ी के साथ बुरे दौर में कैसा व्यवहार करते हैं, चाहे आप उसका समर्थन करें या उसे छोड़ दें। मेरे हिसाब से भारत में अगली सीरीज होने पर अजिंक्य रहाणे को मौका मिलना चाहिए। अगर वह वहां परफार्म नहीं करता है तो आप कह सकते हैं- आपके योगदान के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। 

सहवाग ने कहा कि, मुझे लगता है कि जब आपका विदेश दौरा खराब होता है, तो आपको भारत में एक मौका मिलना चाहिए क्योंकि यह हर चार साल में एक बार आता है, लेकिन आप हर साल भारत में एक सीरीज खेलेंगे। अगर भारत में सीरीज खराब होती है तो मैं समझूंगा कि विदेशों में भी जो फॉर्म खराब था, वह वहां भी है, तो वह अब बाहर किए जाने के हकदार हैंं।


एशेज से नाम वापस ले सकते हैं इंग्लैंड के शीर्ष खिलाड़ी, बोर्ड की फिर बढ़ी मुसीबत

एशेज से नाम वापस ले सकते हैं इंग्लैंड के शीर्ष खिलाड़ी, बोर्ड की फिर बढ़ी मुसीबत

हाल ही में मैनचेस्टर टेस्ट रद होने का सदमा झेलने वाला इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) अब एक नई मुसीबत में फंस गया है। ऐसी खबरें हैं कि इंग्लैंड के बड़े खिलाड़ी साल के अंत में होने वाली एशेज सीरीज से नाम वापस ले सकते हैं। ईसीबी में टीम और अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद एशेज में इंग्लैंड की काफी कमजोर टीम के मैदान पर उतरने की संभावना बढ़ गई है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड के शीर्ष खिलाड़ी इस साल के अंत में आस्ट्रेलिया में होने वाली एशेज सीरीज का बहिष्कार कर सकते हैं, क्योंकि वे आस्ट्रेलिया के क्वारंटाइन के कड़े नियमों के कारण चार महीने तक होटल के कमरों तक सीमित नहीं रहना चाहते हैं। क्रिकइंफो के अनुसार, ईसीबी अब भी अपने शीर्ष खिलाड़ियों को भेजने पर अड़ा हुआ है और उसने सीरीज स्थगित करने में बारे में नहीं सोचा है। इससे सीनियर खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ नाराज है।


रिपोर्ट के अनुसार, "टीम और ईसीबी अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद एशेज में इंग्लैंड की कमजोर टीम उतारने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।" खिलाड़ी ईसीबी के रवैये से नाराज हैं, क्योंकि उसने दौरे को आंशिक या पूर्ण रूप से स्थगित करने की उनकी मांग को सिरे से नकार दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है, "इसके परिणामस्वरूप वे अपने विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें समझा जा रहा है कि पूरी टीम का दौरे के बहिष्कार का सामूहिक निर्णय लेना भी शामिल है। इसमें कोचिंग और सहयोगी स्टाफ भी शामिल हैं।" अगर ऐसा हुआ तो ईसीबी के साथ-साथ क्रिकेट आस्ट्रेलिया को भी बड़ा झटका लग सकता है।

 
मालूम हो कि आस्ट्रेलिया में क्वारंटाइन के नियम बेहद कड़े हैं, जिससे इंग्लैंड के खिलाड़ी बेहद निराश हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इंग्लैंड के खिलाड़ियों को गोल्ड कोस्ट में एक होटल में तो रखा जाएगा, लेकिन खिलाड़ी सिर्फ दो या तीन घंटों के लिए ही ट्रेनिंग के लिए अपने होटल रूम से बाहर निकल पाएंगे। साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि खिलाड़ियों को कड़े बायो-बबल का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा खिलाड़ियों और उनके परिवारों को होटल के कमरे में 14 दिन तक क्वारंटाइन भी रहना होगा। इंग्लैंड के कई खिलाड़ी आइपीएल में हिस्सा ले रहे हैं और साथ ही वे इसके बाद टी-20 विश्व कप भी खेलेंगे। इन दोनों टूर्नामेंट में भी खिलाड़ी और उनका परिवार बायो-बबल में रहेगा। इसके बाद एशेज सीरीज के लिए इतने कठोर क्वारंटाइन नियम इंग्लैंड के खिलाड़ियों को कतई रास नहीं आ रहे हैं।