यूपी सरकार का नि:शुल्क राशन वितरण बंद, लेकिन फिर भी फ्री में मिलेगा अनाज

यूपी सरकार का नि:शुल्क राशन वितरण बंद, लेकिन फिर भी फ्री में मिलेगा अनाज

राशन कार्ड धारकों को एक जरूरी खबर जान लेनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड धारकों को प्रत्येक महीने दो बार निशुल्क राशन दिया जा रहा था। लेकिन इस बार से इसे बंद कर दिया गया है। निश्‍शुल्‍क राशन सेवा बंद होने के कारण इस बार केवल एक माह में सिर्फ एक बार ही फ्री में राशन मिलेगा। यह फ्री राशन केंद्र सरकार की ओर से दिया जाएगा, जबकि अब यूपी सरकार की ओर से फ्री राशन सेवा बंद रहेगी और इसके लिए कुछ रुपये चुकाने होंगे।

यूपी सरकार की ओर से एक बार का निश्शुल्क राशन इस माह से बंद कर दिया गया है। इस माह पांच सितंबर से 15 सितंबर तक निश्शुल्क राशन दिया गया है। 20 सितंबर से फिर हर माह की तरह वितरण शुरू होगा, लेकिन इसका शुल्क चुकाना होगा। शुल्क वही रहेगा, गेहूं का प्रति किग्रा 2 रुपये और चावल का 3 रुपये। नए बदलाव के तहत अब सिर्फ महीने में एक बार ही निशुल्क राशन मिलेगा जबकि दूसरी बार की खरीद पर उन्हें पहले की ही तरह शुल्क चुकाना होगा।


इस योजना को इस तरह से समझें

पिछले साल लॉकडाउन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत निशुल्क राशन का वितरण शुरू किया था। उसी तरह से मोदी सरकार ने इस बार भी राशन का वितरण जारी रखा है। मोदी सरकार की योजना के तहत खाद्यान्न का वितरण दिवाली तक यानी नवंबर माह तक होगा। इसके तहत राशन कार्ड धारकों को दो किलोग्राम गेहूं और 3 किलोग्राम चावल दिया जाता है। इस साल इसी में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राज्य सरकार की ओर से भी निशुल्क राशन देने की घोषणा की थी। योगी सरकार की तरफ से जून से निशुल्क राशन वितरण किया जा रहा था। योगी सरकार की योजना के तहत सिर्फ 3 माह तक का ही प्रावधान किया गया था। जून जुलाई और अगस्त यानी राज्य सरकार की तरफ से जो निशुल्क खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा था उसकी समय सीमा समाप्त हो गई है। 


गढ़मुक्तेश्वर मेला को योगी सरकार की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

गढ़मुक्तेश्वर मेला को योगी सरकार की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस पर लगभग अंकुश लगा चुके सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोरोना कर्फ्यू पूरी तरह से हटाने के बाद अब एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। खुले मैदान में अब किसी तरह के आयोजन की कोई पाबंदी नहीं है। कार्तिक मास में दीपावली के बाद गढ़मुक्तेश्वर में करीब 15 दिन तक मेला लगता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगने वाले एक बड़े मेले के आयोजन को अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने हापुड़ में लगने वाले गढ़मुक्तेश्वर मेले के आयोजन को अनुमति दी है। इसके साथ ही निर्देश भी दिया है कि वहां पर सभी स्थान पर कोविड प्रोटोकॉल के साथ भव्य रूप से मेले का आयोजन हो।


अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि कार्तिक मास में बीते दो वर्ष से प्रदेश के हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर के खादर में लगने वाला कार्तिक मेला स्थगित था। इस बार मुख्यमंत्री योगी ने ऐतिहासिक मेले के आयोजन के लिए निर्णय लिया है। मेले के आयोजन को लेकर अब शासनादेश जारी हो गया है। ऐसे में इस बाद दिवगंत परिजनों के दीपदान के लिए लोग खादर में पहुंच सकते हैं।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को निरन्तर सुदृढ़ बनाए रखे जाने व कोविड नियमों के तहत सभी पर्व एवं त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के निर्देश दिए हैं।


हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेले में कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां लोग अपने पुरखों की आत्मा की शांति के लिए दीपदान करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-09 के साथ बुधवार को समीक्षा बैठक के बाद प्रदेश के सभी जिलों में कन्टेंमेंट जोन के बाहर रात का कर्फ्यू समाप्त करने का आदेश दिया था। कोविड प्रोटोकाल के अनुपालन की शर्त के अनुसार रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू करने के आदेश थे।