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बच्चों पर रखी जाए पैनी नजर तो बचे रहेंगे दिव्यांगता से, जानें कैसे

बच्चों पर रखी जाए पैनी नजर तो बचे रहेंगे दिव्यांगता से, जानें कैसे

पश्चिमी यूपी के निवासी मनोज सिंह को 6 वर्ष की आयु में बुखार आया था. चिकित्सक की गलत दवाई से उनके शरीर का आधा भाग लकवाग्रस्त हो गया, लेकिन मनोज ने जिंदगी के प्रति जज्बा कायम रखा. अब वे फूड डिलीवरी बॉय बनकर अपने दम पर रोजी-रोटी कमा रहे हैं. देश में दिव्यांगों के ऐसे कई उदाहरण मिल जाएंगे. लेकिन अब भी एक बड़ी आबादी ऐसी है जो शारीरिक व मानसिक कठिनाई के साथ जिंदगी काट रही है. ऐसे ही लोगों के प्रति पूरी संसार का ध्यान आकर्षित करने के लिए संयुक्त देश हर वर्ष 3 दिसंबर को दुनिया विकलांगता दिवस मनाता है. इस बार की थीम है - दिव्यांग लोगों की सहभागिता व उनकी नेतृत्व क्षमता को प्रमोट करना.

भारत में दिव्यांगता, जानिए कुछ खास बातें-
1. विश्व बैंक के अनुसार, हिंदुस्तान में 8 करोड़ लोग विभिन्न तरह की दिव्यांगता के शिकार हैं.
2. भारत की 70 प्रतिशत दिव्यांग आबादी गांवों में रहती है. इनमें से अधिकतर गरीबी रेखा के नीचे हैं.
3. सबसे ज्यादा दिव्यांग लोग 10 से 19 साल आयु वर्ग के हैं.
4. दुनिया में 1 बिलियन लोग दिव्यांग हैं, यानी संसार की कुल आबादी का 15 प्रतिशत भाग इस स्थिति में जीवनयापन करने को विवश है.
5. भारत में दिव्यांग बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर सामान्य बच्चों से 5 प्रतिशत अधिक है.
6. जनसंख्या आंकड़ों के अनुसार हिंदुस्तान में 2.21 प्रतिशत आबादी दिव्यांग है.
7. दुनिया के सबसे ज्यादा दृष्टिबाधित लोग हिंदुस्तान में हैं.
8. 2015 में हिंदुस्तान सरकार ने ऐलान किया था कि विकलांग शब्द के जगह पर दिव्यांग का इस्तेमाल होगा.
9. भारत में दिव्यांगता के मुद्दे पुरुषों से ज्यादा स्त्रियों में हैं.
10. राइट्स ऑफ व्यक्तिगत विथ डिसेबिलिटी एक्ट 2016 के अनुसार, सभी इमारतों में दिव्यांगों के लिए बेसिक सुविधाओं का होना महत्वपूर्ण है.

दुनियाभर में यह है दिव्यांगता का सबसे बड़ा कारण-

नए शोध से पता चलता है कि पीठ के निचले हिस्से में दर्द संसार भर में सबसे ज्यादा लोगों की विकलांगता का कारण है. मेडिकल जर्नल एनल्स ऑफ द रयूमेटिक डिजीज में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, यह डाटा ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज 2010 के अध्ययन से आया है, जिसमें 187 राष्ट्रों में सभी बीमारियों से होने वाली विकलांगता को देखा गया था. इन राष्ट्रों को 21 हिस्सों में बांटा गया. पाया गया कि हर 10 में से 1 शख्स पीठ के निचले हिस्से में दर्द से पीड़ित है. समय पर उपचार नहीं मिलने पर स्थिति गंभीर होती जाती है व शरीर का निचला भाग कार्य करना बंद कर देता है.

इस तरह लगाएं दिव्यांगता का पता-

मेडिकल जर्नल रेडियोलॉजी में प्रकाशित ताजा रिपोर्ट के अनुसार, नए प्रकार की एमआरआई से दिव्यांगता का ठीक समय पर पता लगाया जा सकता है. ब्रेन में आयरन लेवल्स का पता लगाकर यह कार्य किया जाता है. जिन मरीजों में दिव्यांगता की संभावना होती है, उनके ब्रेन में आयरन का असंतुलित स्तर देखा गया है.

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज-

डाक्टर केएम नाधीर के अनुसार, बचपन से नजर रखी जाएगी तो दिव्यांगता से बचा जा सकता है. बच्चे को किसी तरह का दौरा पड़ता है या उसका बर्ताव आकस्मित बदलता है तो जाँच करवाएं. संक्रामक बीमारियों को लेकर बच्चों को सभी महत्वपूर्ण टीके लगवाए जाने चाहिए.

दिव्यांगता इसकी आरंभ दिमाग से होती है. मरीज की सोचने-समझने की क्षमता घट जाती है. कई बार उसे पता नहीं होता, वह क्या बोल रहा है. जबान लड़खड़ाती है. बातें याद नहीं रहती हैं. कई बार मरीजों का व्यवहार आकस्मित बदल जाता है.

डाक्टर के। एम। नाधीर के अनुसार, विकलांगता का उपचार है. व्यवहारिक थेरेपी, शारीरिक थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी व स्पीच थेरेपी से प्रभावी उपचार संभव है. सबसे बड़ी आवश्यकता है दिव्यांग लोगों को भावनात्मक समर्थन की. समर्थन मिलेगा तो हर दिव्यांग मनोज की तरह आत्मसम्मान से ज़िंदगी जी सकेगा.


पेट की समस्याओं और एसिडिटी से छुटकारा पाने के लिए करें इस चीज का सेवन

पेट की समस्याओं और एसिडिटी से छुटकारा पाने के लिए करें इस चीज का सेवन

आजकल समय पर खाना नहीं खाने और फ़ास्ट फ़ूड के सेवन से एसिडिटी होना एक गंभीर समस्या है जिसके चलते अपच और कई अन्य तकलीफे होने लगती है कई बार ये गैस सिर में चढ़ जाती है। जिसके चलते दर्द की समस्या होने लगते है और कई बार छाती या शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंच जाती है जिसके चलते दर्द या अकड़न की समस्या होने लगाती है।

अपनाएं ये देसी नुस्खे:

अदरक:अदरक में पाचन सही करने और जलन कम करने के अद्भुत गुण हैं इसका पूरा लाभ लेने के लिए ताजा अदरक के कुछ कतरे चबाने से ऐसिडीटी की समस्या कम हो जाएगी।

छाछ: इस में लैक्टिक ऐसिड होता है जिस से पेट की ऐसिडीटी सामान्य स्थिति में आ जाती है। गर्मियों में इसके सेवन से लाभ मिलता है इसके लिए आप दिन में कई बार छाछ पी सकते हैं।

दालचीनी: यह आतों के संक्रमण को भी दूर करती है। इसके इस्तेमाल के लिए कप पानी उबालते हुए उस में 1 चम्मच दालचीनी पाउडर डाल दें। इसे उबलने दें। दिन में 3 बार इस दालचीनी चाय का सेवन करें।

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