औरंगाबाद जिला प्रशासन ने दिखाई सख्‍ती, चेहल्लुम व दुर्गापूजा पर नहीं होगा कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम

औरंगाबाद जिला प्रशासन ने दिखाई सख्‍ती, चेहल्लुम व दुर्गापूजा पर नहीं होगा कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम

चेहल्लुम एवं दुर्गापूजा में कोई भी सांसकृतिक कार्यक्रम नहीं होगा। मुशायरा, जागरण से लेकर डांडिया तक के कार्यक्रम पर रोक लगाई गई है। कोरोना को देखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूजा पंडालों में एक समय में 20 लोगों के प्रवेश की अनुमति होगी। किसी भी तरह की जुलूस नहीं निकाली जाएगी और जुलूस का लाइसेंस नहीं दी जाएगी। पूजा आयोजक को कोविड संबंधी प्रमाणपत्र देना अनिवार्य किया गया है। पूजा समिति के प्रत्येक कार्यकर्ता का परिचय पत्र होना अनिवार्य बताया गया है।

जिला प्रशाान के जारी आदेश के अनुसार चेहल्लुम एवं दुर्गापूजा में किसी भी परिस्थिति में डीजे बजाने की अनुमति नही होगी। कोरोना के सभी गाइड लाइन का पालन करना होगा। एक ही निर्धारित तिथि को विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन का कार्य सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक होगा। जारी आदेश के अनुसार रावण वध का कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। चेहल्लुम का ताजिया जुलूस नही निकाला जाएगा।


एसडीएम विजयंत कुमार ने बताया कि जारी आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके लिए सभी बीडीओ, सीओ एवं थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोविड एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। बताया कि दोनों पर्व के अवसर पर सभी सार्वजनिक जगहों पर पुलिस पदाधिकारी, दंडाधिकारी के पुलिसबलों की तैनाती की जाएगी।

कायस्थ मिलन समारोह के आयोजन को ले बैठक आयोजित


कायस्थ समाज के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक सशक्तिकरण एवं नई दिल्ली में आगामी 19 दिसंबर को होने वाले विश्व कायस्थ महासम्मेलन की तैयारी को ले तीन अक्टूबर को कर्मा रोड स्थित चित्रगुप्त सभागार में कायस्थ मिलन समारोह का आयोजन किया गया है। इसे लेकर रविवार को राष्ट्रीय प्रवक्ता सह जिलाध्यक्ष कमल किशोर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप प्रदान किया गया। मौके पर राष्ट्रीय प्रवक्ता बताया कि तीन अक्टूबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद , प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन, प्रदेश अध्यक्ष डा. नम्रता आनंद, राष्ट्रीय मीडिया सेल के अध्यक्ष प्रेम कुमार समेत राज्य के कई कायस्थ प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।


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तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) प्रशासन लालबाग आवासीय परिसर की सुरक्षा को लेकर उदासीन बना हुआ है। नौ अक्टूबर की रात पीजी इतिहास विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. राधिक मिश्रा से लूट के बाद भी लालबाग की सुरक्षा ताक पर है। 13 दिन बीत जाने के बाद भी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है। इस कारण दोबारा किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। परिसर के सुरक्षा फाइलों में हो रही है।


प्रवेश द्वार पर बेरोकटोक आवाजाही

घटना के इतने दिन बाद कई बार अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण किया। मुख्य द्वार पर 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में गार्ड के तैनाती की बात हुई। दो दिनों तक गार्ड की मौजूदगी रही, लेकिन स्थिति फिर जस की तस हो गई है। मुख्य द्वार लोगों का बेरोकटोक आना जाना लगा हुआ है।

क्वार्टर का ग्रिल और गेट तक बदमाशों ने बेच डाला

लालबाग के क्वार्टर नंबर 19 की बुरी हालत है। एक शिक्षक के क्वार्टर खाली करने के बाद बदमाशों ने आवास का ग्रिल से लेकर दरवाजा तो चोरी कर बेच दिया, किंतु लालबाग की सुरक्षा में तैनात गार्डों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसकी कई बार मौखिक सूचना प्राक्टर डा. रतन मंडल को भी दी गई, किंतु इस पर कोई सुध नहीं ली।


जर्जर क्वार्टर में बदमाशों की होती है अड्डेबाजी

परिसर में रहने वाले शिक्षकों ने बताया कि खाली क्वार्टर में स्थानीय कुछ असामाजिक तत्व जुआ खेलते हुए नशा करते हैं। उन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। जब शिक्षक गार्ड को बदमाशों को खदेडऩे की बात कहते हैं तो वे भी भय के कारण बदमाशों से उलझना नहीं चाहते हैं। विवि प्रशासन भी ऐसे मामलों में रूचि नहीं लेती है।

अवैध तरीके से रखे जाते हैं लोग

असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ लूट की घटना के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि एक संदिग्ध नौकरानी को एक शिक्षिका ने अवैध तरीके से क्वार्टर में जगह दी है। उस शिक्षका को कुलसचिव ने ऐसा करने के लिए चेतावनी भी दी थी। हालांकि शिक्षिका ने कहा था कि कई बार उसे खाली करने को कहा था, ङ्क्षकतु वह खाली नहीं कर रही है।

एक दर्जन से ज्यादा चोर रास्ते


परिसर में प्रवेश के लिए एक दर्जन से ज्यादा चोर रास्ते बने हुए हैं। जगह-जगह चाहरदीवारी टूटी हुई है। इसकी मरम्मती के लिए कई बार योजनाएं बनी, लेकिन फाइलों में ही निर्देश और योजनाएं बनती रही, ङ्क्षकतु स्थिति जस की तस बनी हुई है।

दिन भर मनचलों का लगा रहता आना-जाना

परिसर में दिन भर मनचलों का आना-जाना लगा रहता है। वे लहरियाकट स्टाइल में बाइक लेकर मुख्य द्वार से अंदर प्रवेश करते हैं और गल्र्स हास्टल के मुख्य रास्ते से बाइक लेकर वापस बाहर निकल जाते हैं। इस बीच कई बार छात्राएं छेडख़ानी की भी शिकार हुई हैं। इसकी शिकायत विवि प्रशासन को भी हुई है, ङ्क्षकतु उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।


टीएमबीयू की हर स्थिति पर नजर है। जो लोग जवाबदेही से भाग रहे हैं, उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आवासीय परिसर और वहां रहने वाले शिक्षकों और छात्राओं की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होगा। अगले हफ्ते आने के बाद पूरे मामले की समीक्षा के बाद कड़े निर्णय लिए जाएंगे।