जानिए कौन हैं अमेरिकन इंडियन आरती प्रभाकर

जानिए कौन हैं अमेरिकन इंडियन आरती प्रभाकर

भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक डाक्टर आरती प्रभाकर का चयन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने शीर्ष वैज्ञानिक सलाहकार के तौर पर किया है. बाइडन ने डॉ आरती प्रभाकर को राष्ट्र के विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय (ओएसटीपी) की निदेशक के रूप में नामित किया है. उनके इस प्रस्ताव को सीनेट द्वारा स्वीकृति मिल जाती है तो ओएसटीपी के निदेशक का पद संभालने वाली डॉ आरती प्रभाकर पहली स्त्री होंगी.

आरती प्रभाकर ओएसटीपी में एरिक लैंडर का जगह लेंगी. एरिक को कार्यालय में खराब माहौल बनाने के आरोपों के चलते इस्तीफा देना पड़ा था. आरती इसके पहले 1993 में क्लिंटन प्रशासन ने राष्ट्रीय मानक और प्रौद्योगिकी संस्थान (NIST) की प्रमुख रह चुकी हैं. इसके बाद ओबामा प्रशासन ने प्रभाकर को डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (DARPA) का प्रमुख बनाया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का बोलना है कि डॉ प्रभाकर बेहतरीन इंजीनियर और वैज्ञानिक हैं. वो हमारी सबसे मुश्किल चुनौतियों को हल करने और असंभव को संभव बनाने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय का नेतृत्व करेंगी. बाइडन ने बोला कि सीनेट उनके नामांकन पर विचार करेगी.

जानिए कौन हैं आरती प्रभाकर

डॉ आरती प्रभाकर का जन्म दिल्ली में हुआ था. उनकी शुरुआती पढ़ाई टेक्सास में हुई. उन्होंने टेक्सास की टेक यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री 1979 में हासिल की थी. जबकि मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री 1980 में उन्हें मिली. 1984 में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पीएचडी करने के बाद वह संघीय गवर्नमेंट के लिए काम करने चली गईं.

वो पहली स्त्री हैं जिन्होंने एप्लाईड फिजिक्स में Caltech से डाक्टरेट किया. उन्होंने 30 जुलाई 2012 से 20 जनवरी 2017 तक यूनाइटेड स्टेट्स डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (DARPA)की प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली. वह एक गैर-लाभकारी संगठन एक्चुएट (Actuate) की संस्थापक और सीईओ हैं. उन्होंने 1993 से 1997 तक राष्ट्रीय मानक और प्रौद्योगिकी संस्थान (NIST) का नेतृत्व किया और इसकी प्रमुख बनने वाली पहली स्त्री रहीं.


इटली में बड़ा हादसा अल्पाइन ग्लेशियर का हिस्सा टूटा

इटली में बड़ा हादसा अल्पाइन ग्लेशियर का हिस्सा टूटा
  • चपेट में आने से आठ लोग हुए घायल
  • 18 लोग बर्फ-चट्टानों के मलबे के बीच फंसे
  • ग्लेशियर टूटने की वजह गर्मी भी हो सकती है

Italy News: इटली में अल्पाइन ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा आज रविवार दोपहर को टूट कर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आने से कम से कम पांच लोगों की मृत्यु हो गई और आठ घायल हो गए. ऑफिसरों ने यह जानकारी दी.

हेलीकॉप्टर और खोजी कुत्तों की मदद 

इटली के एक सरकारी टेलीविजन चैनल के मुताबिक,  बर्फ और चट्टानों के मलबे की चपेट में आने से छह लोग हताहत हुए हैं, लेकिन मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है. यह भी पता नहीं चला है कि कितने लोग लापता हैं. नेशनल अल्पाइन एंड केव रेसक्यू कोर ने ट्वीट किया कि मरमोलाडा चोटी क्षेत्र में जारी बचाव में पांच हेलीकॉप्टर और खोजी कुत्तों की सहायता ली जा रही. 

चपेट में आने से पांच लोगों की मौत 

आपात सेवा ने ट्वीट में कहा, “ग्लेशियर टूटने से इसकी चपेट में आकर पांच लोगों की मृत्यु हो गई. घटना में आठ लोग घायल हुए जिनमें से दो की हालत गंभीर है.” वेनेटो क्षेत्र में स्थित एसयूईएम डिस्पैच सर्विस ने बताया कि 18 लोग बर्फ और चट्टानों के मलबे के बीच फंसे हैं, जिन्हें अल्पाइन रेसक्यू कोर के कर्मी निकालने में जुटे हैं. 

जून से इटली में पड़ रही भयंकर गर्मी 

पूर्वी डोलोमाइट्स में मरमोलाडा सबसे ऊंची चोटी है, जिसकी ऊंचाई लगभग 11,000 फुट है. अल्पाइन बचाव सेवा के प्रवक्ता वाल्टर मिलान ने सरकारी टेलीविजन चैनल से बोला कि यह पता नहीं चल पाया है कि ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा किन कारणों से टूटा. उन्होंने बोला कि जून से इटली भयंकर गर्मी का सामना कर रहा है. ग्लेशियर टूटने की वजह गर्मी भी हो सकती है. 

चीन: चाबा तूफान की चपेट में आई क्रेन, 27 लोग लापता

वहीं, दक्षिण चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के तट पर चाबा तूफान की चपेट में आने के बाद एक क्रेन डूब गई और उसमें सवार कम से कम 27 लोगों के लापता होने की समाचार है. प्रांतीय समुद्री खोज एवं बचाव केंद्र ने रविवार को यह जानकारी दी. बचाव के लिए भेजे गए 38 विमानों ने लापता लोगों की तलाश के लिए 14 चक्कर लगाए हैं. 

यांगजियांग शहर के पास चाबा तूफान से बचाव करते समय इसकी लंगर की चेन टूट गई थी और नज़र प्रणाली के माध्यम से क्रेन को खतरे में पाया गया था. इसके बाद शनिवार को क्रेन पानी में डूब गई. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ने बचाव केंद्र के हवाले से बोला कि तीन लोगों को बचाया गया और 27 अन्य पानी में गिर गए और लापता हो गए. वर्ष के तीसरे तूफान चाबा ने शनिवार को ग्वांगडोंग के माओमिंग शहर के तटीय क्षेत्र में दस्तक दी. हालांकि, लापता लोगों के लिए खोज और बचाव के कोशिश अब भी जारी है.