उत्तराखंड सरकार को लगने वाला है बड़ा झटका!

उत्तराखंड सरकार को लगने वाला है बड़ा झटका!

देहरादून:प्रदेश सरकार को साल 2022 में तगड़े झटके का सामना करना पड़ सकता है। वहीं केन्द्र सरकार सेवा एवं उत्पाद कर (जीएसटी) में कमी की भरपाई जून 2022 से करना बंद कर देगी। वहीं इससे प्रदेश सरकार को करीब 1500 करोड़ रुपये अलावा जुटाने होंगे। जंहा प्रदेश में GST 2017 में लागू हुआ था व केन्द्र सरकार ने 5 वर्ष तक GST में कमी की भरपाई करना स्वीकार किया था। वहीं इस बात पर भी गौर फ़रमाया गया है कि प्रदेश के लिए यह रियायत जून, 2022 में ख़त्म हो सकती है। इस रियायत के समाप्त होने पर राज्यों पर पड़ने वाले असर का अध्ययन हाल ही में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ पब्लिक फाइनेंस एंड पालिसी ने किया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार GST क्षतिपूर्ति समाप्त होने पर प्रदेश को करीब 1500 करोड़ रुपये अलावा जुटाने होंगे। वह भी तब जब प्रदेश में GST में विकास दर 14 फीसदी तक बनी रहे। प्रदेश में GST में संग्रह लगातार कम हो रहा है। वित्त विभाग के मुताबिक साल 2019-20 में GST से 6255.33 करोड़ रुपये के संग्रह का अनुमान लगाया गया था। नवंबर तक कुल 3339 करोड़ रुपये का संग्रह ही किया जा सका। GST में बिक्री के स्थल पर कर लगता है। प्रदेश में अब उत्पादन अधिक हो रहा है। ऐसे में प्रदेश से बाहर ही अधिकांश कर जा रहा है।

भरपाई की व्यवस्था तीन वर्ष तक बढ़ाने की भी है मांग: आपकी जानकारी के लिए हम आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि अन्य राज्यों की तरह ही उत्तराखंड ने भी केन्द्र से बोला है कि 2022 के बाद अगले तीन वर्ष तक GST में कमी की भरपाई की व्यवस्था को जारी रखे। यह मांग 15वें वित्त आयोग से की गई है। वित्त विभाग के मुताबिक अगर यह मांग नहीं मानी जाती तो प्रदेश के पास अपने स्रोतों से भरपाई करने के अतिरिक्त व कोई चारा नहीं है। अनुमान है कि 2025 में दशा बदल जाएंगे।

नई सरकार के सामने होगी मुश्किल: वहीं यह भी बोला जा है कि प्रदेश में विधानसभा के चुनाव साल 2022 में होंगे। ऐसे में नयी सरकार को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश सरकाराें को या तो अपने संसाधन बढ़ाने होंगे या फिर GST का कर संग्रह बढ़ाना होगा। यह नहीं हुआ तो विकास योजनाओं के लिए पैसे की कमी हो जाएगी।