लकवे में मालिश नहीं, करें ये घरेलू उपाय

लकवे में मालिश नहीं, करें ये घरेलू उपाय

हार्ट अटैक की तरह ब्रेन स्ट्रोक भी इमरजेंसी की स्थिति है. इसे ब्रेन अटैक भी कहते हैं. दिमाग में रक्त आपूर्ति करने वाली किसी नली में आकस्मित रक्त का थक्का जमने या ब्लॉक होने से रक्त प्रवाह बाधित होता है और दिमाग अपना कार्य अच्छा से नहीं करता. यह स्थिति ब्रेन स्ट्रोक कहलाती है. चूंकि दिमाग से ही शरीर की क्रियाएं नियंत्रित होती हैं इसलिए इसमें कठिनाई आने पर लकवे की समस्या सामने आती है.Image result for लकवे में मालिश नहीं, फिजियोथेरेपी महत्वपूर्ण

कुछ लोग मानते हैं कि लकवे वाले हिस्से की मालिश करने से मरीज जल्दी अच्छा होता है, यह सिर्फ भ्रम है. यह दिमागी कठिनाई है इसलिए उपचार के दौरान जैसे-जैसे ब्रेन की रिकवरी होगी, स्थिति में वैसे ही सुधार होगा. जल्दी अच्छा होने के लिए मालिश करने की बजाय फिजियोथैरेपी की मदद लें.साथ ही चिकित्सक द्वारा बताई दवाओं को भी नियमित लें. इसके अतिरिक्त तंंबाकू, शराब औरधूम्रपान आदि से परहेज करें.

20 प्रतिशत मामलों में होता है हेमरेज
ब्रेन हेमरेज ब्रेन स्ट्रोक का ही भाग है लेकिन स्ट्रोक के सभी मामलों में हेमरेज होना महत्वपूर्ण नहीं है.जब दिमाग की कोई रक्त नलिका फट जाती है तो इसे ब्रेन हेमरेज बोला जाता है. विशेषज्ञों के मुताबिक स्ट्रोक के करीब 80 फीसदी मुद्दे क्लॉटिंग और ब्लॉकेज के होते हैं, 20 प्रतिशत हेमरेज के.हेमरेज में ज्यादातर मरीज कोमा में चले जाते हैं.

नली की लोकेशन पर निर्भर लकवे की स्थिति
दिमाग के दाएं हिस्से से हमारे शरीर का बायां भाग नियंत्रित होता है व बाएं हिस्से से दायां भाग. यदि ब्रेन के दाएं हिस्से की नली ब्लॉक होगी तो लकवा शरीर के बाएं हिस्से में होगा व यदि ब्लॉकेज दाएं हिस्से में होगा तो लकवा बाएं हिस्से में होगा.

तुरंत उपचार से जल्दी रिकवरी
इलाज मरीज की स्थिति और आवश्यकता के हिसाब से भिन्न-भिन्न दवाओं से होता है. मरीज को जितनी जल्दी उपचार मिलेगा उतनी जल्दी रिकवरी होती है. कुछ दवाएं प्रारम्भ के साढ़े चार घंटों में ही प्रभाव करती हैं. इसलिए मरीज को फौरन अस्पताल ले जाने से स्थिति को काबू कर सकते हैं.

ध्यान रखें :
मरीज के अच्छा होने की गुंजाइश खासकर इस बात पर निर्भर करती है कि उपचार स्ट्रोक आने के कितनी देर बाद प्रारम्भ हुआ. याद रखें कि यदि आदमी बेहोश हो गया है तो उस दौरान उसे कुछ भी खिलाने-पिलाने की प्रयास न करें.

प्रमख जांचें :
स्ट्रोक से दिमाग का कितना भाग प्रभावित हुआ है यह जानने के लिए सीटी स्कैन, एमआरआई औरएंजियोग्राफी आदि करते हैं. सामान्य जांचों के रूप में बीपी और डायबिटीज से जुड़े टैस्ट कराए जाते हैं.

कारण :
हृदय संबंधी बीमारी, हाई बीपी, मोटापा, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज, धूम्रपान, तंबाकू और शराब आदि प्रमुख कारण हैं.