बिहार कर्मचारी चयन आयोग में इन पदों पर निकली है वैकेंसी, जल्द करें आवेदन

बिहार कर्मचारी चयन आयोग में इन पदों पर निकली है वैकेंसी, जल्द करें आवेदन

BSSC Recruitment 2022: बिहार में सरकारी जॉब ढूंढ रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने 2 हजार से अधिक पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगा है पदों की कुल संख्या 2187 है बीएसएससी (BSSC) इस भर्ती अभियान के जरिए असिस्टेंट, डीई ओ और इंस्पेक्टर के विभिन्न पदों को भरा जाएगा योग्य और इच्छुक उम्मीदवार बिहार लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bssc.bihar.gov.in पर जाकर औनलाइन आवेदन कर सकते हैं आवेदन की प्रक्रिया 14 अप्रैल 2022 से प्रारम्भ हो चुकी है उम्मीदवार 17 मई 2022 तक आवेदन कर सकते हैं

वैकेंसी विवरण 
कुल पद – 2187
सचिवालय सहायक – 1360 पद
योजना सहायक – 125 पद
मलेरिया इंस्पेक्टर – 74 पद
डाटा एंट्री ऑपरेटर ग्रेड-सी – 02 पद
लेखा परीक्षक – 626 पद

कौन कर सकता है अप्लाई 
बिहार एसएससी के इन पदों के लिए किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किए कैंडिडेट लागू कर सकते हैं जहां तक उम्र सीमा की बात है तो ये कैटेगरी के मुताबिक अलग है मोटे तौर पर 21 से 37 साल के कैंडिडेट लागू कर सकते हैं आरक्षित श्रेणी को उम्र सीमा में छूट मिलेगी

आवेदन शुल्क 
इन पदों के लिए आवेदन करने के लिए सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैंडिडेट्स को 540 रुपए देने होंगे जबकि आरक्षित श्रेणी और पीएच कैंडिडेट्स को 135 रुपए देने होंगे विस्तार से जानने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर दिया नोटिस देख सकते हैं 


पटना की पहली वुड वुमन लूसी

पटना की पहली वुड वुमन लूसी

पटना की पहली वुड वर्कर लूसी के काम करने के अंदाज को देख कोई भी उनका दीवाना हो जाएगा.

बढ़ईगीरी हमेशा से एक पुरुष प्रधान उद्योग रहा है, लेकिन पटना की एक ऐसी स्त्री जो बढ़ईगीरी के पेशे में आकर सभी रूढ़ियों को तोड़ रही हैं. अनिशाबाद की रहने वाली लूसी जिसने 2017 में अपने पति को खोया जिसके बाद घर को चलाने वाला कोई ना था. 35 वर्ष की लूसी के लिए काफी मुश्किल था ऐसे समाज में रहकर ये सब कर पाना, जहां स्त्री मजदूरी तो कर सकती है लेकिन बढ़ई का काम नहीं कर सकती. पति के चले जाने के बाद लूसी अकेले पर गई, घर में खाने तक के पैसे ना थे, एक तरफ ये समाज की बंदिशे और दूसरी तरफ लूसी को निहारते हुए उसके चार मासूम बच्चे. इसके बाद लूसी अपने चारों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन रात मेहनत करने लगी और बढ़ई का काम प्रारम्भ कर दिया.सी अपने चारों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन रात मेहनत करने लगी और बढ़ई का काम प्रारम्भ कर दिया.भास्कर से वार्ता में लूसी बताती है की पति के गुजर जाने के बाद दो समय की रोटी का व्यवस्था करना भी काफी कठिनाई था. चार बच्चों के भोजन-पानी की चिंता थी इसलिए, समाज में लगे बंदिशों को तोड़कर अपने पैर पर खड़ा होने का निर्णय किया. इस काम को सीखने के लिए मैंने किसी तरह की ट्रेनिंग नही ली बस मुझे लगा की मैं यह कर सकती हूं तो मैने इस काम को करना प्रारम्भ कर दिया. आज इस काम के जरिए अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रही हूं और साथ ही यह बिजनेस भी काफी अच्छा चल रहा है. आज मैं पलंग, सोफा, डाइनिंग टेबल, आदि फर्निचर की सारी चीज़े स्वयं तैयार करती हुं.भास्कर से वार्ता में लूसी बताती है की पति के गुजर जाने के बाद दो समय की रोटी का व्यवस्था करना भी काफी कठिनाई था.

स्वाभिमान के साथ काम करती है लूसी

पटना की पहली वुड वर्कर लूसी के काम करने के अंदाज को देख कोई भी उनका दीवाना हो जाएगा. लूसी मेहनत के अतिरिक्त काफी स्वाभिमान से काम करती है. लकड़ियों से एक से बढ़कर एक डिजाइन की फर्नीचर चंद घंटों में तैयार कर देती है. जब वो लकड़ियों पर कारीगरी करती है तो इतने लगन से अपने कामों में डूब जाती है की उसे अपने आस पास कुछ नहीं दिखता.