टीम इंडिया पर ICC ने लगाया जुर्माना, तय वक्त में ओवर कम फेंका

टीम इंडिया पर ICC ने लगाया जुर्माना, तय वक्त में ओवर कम फेंका

नई दिल्ली। टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया दौरे का पहला मैच गंवाया और अब खिलाड़ियों पर जुर्माना लगाया गया है। शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर धीमी ओवर गति के लिए खिलाड़ियों को उनकी मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना भरना पड़ेगां।

भारत ने पहले वनडे में अपने 50 ओवर पूरे करने के लिए 4 घंटे और 6 मिनट के लियेए जिसमें उसे 66 रनों से हार का सामना करना पड़ा। विराट ब्रिगेड ने तय वक्त में लक्ष्य से एक ओवर कम फेंका। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के मैच रेफरी डेविड बून ने यह जुर्माना लगाया।

लोगों की शिकायतों पर सीएमओ ने रामनगर सयुंक्त चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएं सुधारने के दिए निर्देश


 
आईसीसी ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, आईसीसी की खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए न्यूनतम ओवर गति उल्लघंन की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के अनुसार खिलाड़ियों पर निर्धारित समय में गेंदबाजी नहीं कर पाने की स्थिति में प्रत्येक ओवर से उनकी मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है।


 
विज्ञप्ति में कहा गया, कप्तान विराट कोहली ने उल्लघंन और प्रस्तावित जुर्माना स्वीकार लिया है। इसलिए आधिकारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी,
मैदानी अंपायर रॉड टकर और सैम नोगाजस्की, टीवी अंपायर पॉल रेफेल और चौथे अंपायर गेरार्ड एबोड ने यह उल्लंघन तय किया।


 
यहां तक कि स्टीव स्मिथ ने मैच के बाद स्वीकार किया कि वह जितने मैच खेले हैं, उसमें यह सबसे लंबा 50 ओवरों का मैच था। भारतीय टीम तीन मैचों की सीरीज में 0.1 से पिछड़ रही है और दूसरा वनडे सिडनी में रविवार को खेला जाएगा।


आखिरकार तपकर सोना बन ही गए रिषभ पंत, बहुत झेलनी पड़ी थी आलोचना

आखिरकार तपकर सोना बन ही गए रिषभ पंत, बहुत झेलनी पड़ी थी आलोचना

सिडनी टेस्ट के पांचवें दिन से एक दिन पहले की बात है, रिषभ पंत की कोहनी में चोट थी और परिस्थिति कुछ ऐसी थी कि उन्हें मैच के पांचवें दिन मैदान पर उतरना था। तब पंत थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट के साथ घंटों तक अभ्यास कर रहे थे। थ्रोडाउन कर रहे नुवान पूरी गति से बाउंसर नहीं फेंक रहे थे। पंत ने कहा पूरी गति से डालो, मैदान पर ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ऐसी धीमी गेंद नहीं फेंकेंगे। नुवान को लग रहा था कि कहीं पंत को चोट नहीं लग जाए, लेकिन पंत लगातार कहते दिखे, और तेज डालो, और तेज डालो। पंत उस मैच में 97 रन बनाकर आउट हुए थे और उस टेस्ट को जिताने से कुछ दूर रह गए थे, लेकिन मंगलवार को वह पहली बार कोई टेस्ट मैच जिताकर नाबाद लौटे। इस आठ दिन के अंदर नादान रिषभ, नायाब पंत बन गया।

सिडनी में 97 रन पर आउट होने के बाद जब पंत ने अपने कोच तारक सिन्हा को फोन किया, तो वह काफी निराश थे। सिन्हा ने कहा कि कभी-कभी तुम्हें खराब गेंदों को छोड़ना भी होगा। पंत का जवाब था मैं खराब गेंदों को छोड़ नहीं सकता। दरअसल, अपने करियर के शुरुआती दिनों से पंत ऐसे ही हैं। उनके अंदर युवराज सिंह जैसे छक्के लगाने की क्षमता के साथ फौलादी इरादे भी हैं। अपने तेज तर्रार शॉट की वजह से ही वह राहुल द्रविड़ के पसंदीदा बने थे और इन्हीं शॉट चयन की वजह से पंत का करियर डूबता जा रहा था। वर्ष 2020 आते-आते वह अपने पसंदीदा प्रारूप (टी-20) से बाहर हो गए थे। वनडे टीम से भी निकाले गए और टेस्ट टीम में भी पहली पसंद नहीं रहे।


पंत की मदद इस मामले में कोई दूसरा नहीं कर सकता था। पंत की लड़ाई खुद से थी। यह लड़ाई इतनी आसान भी नहीं रही, क्योंकि वीरेंद्र सहवाग भी अपने शॉट चयन की वजह से विकेट खो बैठते थे और आलोचना झेलते थे, लेकिन पंत के साथ यह बार-बार होने लगा। कई बड़े मौकों पर होने लगा। पंत भी आम से खास बनने का सपना देखते आए, लेकिन उनके सपने भी बड़े थे। वह एमएस धौनी की तरह विजयी बाउंड्री लगाकर बड़ा मैच जिताना चाहते थे। ऑस्ट्रेलिया में अभ्यास मैच में बड़ी पारी खेलने के बावजूद पहले टेस्ट में पहली पसंद रिद्धिमान साहा बने।


दिल्ली की सर्दियों में गुरुद्वारे में रात बिताकर टेस्ट कैप हासिल करने वाले पंत अंदर से टूटने वालों में से कहां थे। सिडनी टेस्ट और गाबा टेस्ट में पंत के शॉट लगाने के तरीकों में पहले से कुछ भी अलग नहीं था, अलग था तो उनके अंदर का संकल्प।

2016 में उनके साथ अंडर-19 विश्व कप खेलने वाले तेज गेंदबाज शुभम मावी ने बताया कि वह क्लीन हिटर रहे हैं। कभी भी कितना भी दबाव हो वह अपना ही खेल खेलता था। घरेलू स्तर पर वह तीन बार फेल हुआ तो अगले मैच में उसकी बड़ी पारी सब भुला देती थी। राहुल द्रविड़ सर को भी उसकी यही खासियत पसंद थी लेकिन भारतीय टीम के साथ खेलते हुए उसकी समस्या यही थी कि उसके प्राकृतिक खेल की ही आलोचना होने लगी, जिसे वह बदल नहीं सकता, लेकिन मंगलवार को उसने अपनी इसी काबिलियत से अपने अंदर के पंत को हरा दिया।

रिषभ पंत के कोच तारक सिन्हा ने कहा है, "पंत ने अब अपने सभी आलोचकों को शांत कर दिया। टीम ने उसे मौका देकर दिखाया कि वह उस पर पूरा विश्वास करती है। मुझे पूरा विश्वास है कि उसकी विकेटकीपिंग भी बेहतर होगी। जब आप अपनी जगह को लेकर संतुष्ट हो जाओ और सभी कहें कि आप अच्छे हो तो बाकी चीजें खुद ठीक होने लगती हैं।"


तेज दिमाग पाने के लिए रोजाना इस तेल का करें इस्तेमाल       सर्दी में एलर्जी से परेशान हैं तो जानिए बचाव के उपाय       आंखो और त्वचा के लिए किसी दवा से कम नहीं है Witch Hazel, ऐसे करें इस्तेमाल       डायबिटीज के मरीज ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए स्नैक्स में खाएं ये चीजें       कोरोना के लक्षणों को घर पर ठीक करने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके       क्या आप जानते हैं हथेली पर मौजूद इन निशानों का मतलब?       टोफू के स्क्युवर्स को तंदूरी फ्लेवर है बहुत ही लाजवाब       मिनटों में तैयार होने वाली बहुत ही स्वादिष्ट है ये दाल खिचड़ी       टेस्ट और हेल्थ दोनों के लिए स्नैक्स में बनाएं 'कैरट फ्रिटर्स'       राजस्थान की बेहद पॉपुलर ट्रेडिशनल डिश 'जैसलमेरी चना' है स्वाद का खजाना       खट्टा-मीठा स्वाद लिए हुए 'अंगूर का अचार' है बहुत ही टेस्टी और आसान       भुर्जी, स्क्रैम्बल एग से अलग आज सीखें 'मग ऑमलेट' बनाने की क्विक एंड ईजी रेसिपी       प्रोटीन रिच डाइट का बेहतरीन ऑप्शन है 'कॉलीफ्लॉवर चीज़'       डॉगी ने अपने दिव्यांग मालिक को कराई ऐसी सैर, देख आप कह उठेंगे OMG...       आपके अकाउंट में नहीं आई है सातवीं किस्त, तो यहां करें शिकायत; जानें क्या है प्रोसेस       अपने फोन से 10 मिनट में अपडेट करें अपना आधार कार्ड, जानिए ये आसान प्रॉसेस       PNB ग्राहक ध्यान दें, 1 फरवरी से इन ATM से नहीं निकाल पाएंगे पैसा       CLSS के तहत सब्सिडी, समयसीमा बढ़ाए जाने की मांग; अलग से टैक्स छूट भी चाहते हैं इंडस्ट्री के एक्सपर्ट       हेलमेट इंडस्ट्री की GST में कमी की मांग, EV इंडस्ट्री को चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश की उम्मीद       रिजर्व बैंक ने कहा कि भारत की जीडीपी की वृद्धि दर सकारात्मक होने के बिल्कुल करीब